फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   First, the name was deleted .. now the statue is also broken

पहले तो नाम मिटाया.. अब प्रतिमा भी तोड़ डाली

Sat, 19 Sep 2020 02:18 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2020 02:18 AM IST
विज्ञापन
First, the name was deleted .. now the statue is also broken
दामोदर स्वरूप सेठ की क्षतिग्रस्त प्रतिमा। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

दामोदर स्वरूप सेठ की प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने से आहत साहित्यकार सुधीर विद्यार्थी
विज्ञापन

आज कमिश्नर से मिलकर पार्क को इनरव्हील क्लब से वापस लेने का करेंगे अनुरोध

बरेली। क्रांतिकारी दामोदर स्वरूप सेठ, जिन्हें लोग बांस बरेली के सरदार के नाम से भी जानते हैं, कुछ खुराफाती उनकी यादें मिटाने की कोशिश कर रहे हैं। पहले तो सौंदर्यीकरण के नाम पर उनके नाम से बने पार्क को इनरव्हील क्लब को दे दिया गया। पहले पार्क से उनका नाम हटा और अब वहां उनकी प्रतिमा भी क्षतिग्रस्त कर दी गई है। इससे आहत साहित्यकार सुधीर विद्यार्थी ने शनिवार को कमिश्नर से मुलाकात कर क्लब से पार्क वापस लेने की बात कही है। उनका कहना है कि अगर अफसरों ने ऐसा नहीं किया तो वह इसके लिए कोर्ट जाने को भी तैयार हैं।
साहित्यकार सुधीर विद्यार्थी के मुताबिक स्वतंत्रता सेनानी दामोदर स्वरूप सेठ पार्क में उनकी प्रतिमा पहली बार 13 अप्रैल 1990 में लगी थी। खुराफातियों ने इसे क्षतिग्रस्त कर दिया था और ये 12 साल तक ऐसी ही पड़ी रही। उन्होंने इसे अपने पैसों से लगवाने के भी प्रयास किए लेकिन अनुमति नहीं मिली। काफी प्रयास के बाद 11 फरवरी 2019 को यहां दोबारा प्रतिमा लगाई गई। इसके बाद नगर निगम ने इनरव्हील क्लब को इसकी देखरेख दे दी तो सेठ जी के नाम का प्रमुख बोर्ड ही बाहर से उखाड़कर पार्क के अंदर लगा दिया गया। पार्क के मुख्य द्वारा पर सेठ जी के नाम से ऊपर क्लब का नाम लिख दिया गया। वहीं कुछ खुराफातियों ने सेठ दामोदरस्वरूप की प्रतिमा की नाक, कान और टोपी को भी तोड़ दिया। शुक्रवार को जब वह पार्क पहुंचे और यह स्थिति देखी तो काफी निराश हुए। उन्होंने कहा है कि शनिवार को वह कमिश्नर से मिलकर क्लब से पार्क वापस लेने को कहेंगे और अगर अफसरों ने नहीं सुनी तो कोर्ट जाएंगे।
विज्ञापन

कोई भी संस्था निगम की संपत्ति को सुंदरीकरण के लिए लेती है तो उसे नियमानुसार दिया जाता है। मूर्ति क्षतिग्रस्त होने की जानकारी नहीं है। शनिवार को उसे दिखवाकर जांच कराई जाएगी और कार्रवाई के लिए पत्र भी लिखा जाएगा। - उमेश गौतम, मेयर

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed