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Bareilly News: पहले नाला सफाई में लापरवाही<bha>;</bha> अब संसाधन फुस्स, जलनिकासी के लिए निकायों से मंगाए वाहन
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बरेली। रेजीडेंसी गार्डन, हजियापुर, संजयनगर, सिटी हार्ट आदि इलाकों के लोग नाला सफाई में नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे हैं। इन क्षेत्रों में लोगों के घरों में चार फुट तक पानी भरा है। बिजली भी गुल है। यहां के 90 फीसदी लोगों ने घरों पर ताला डालकर होटलों में व रिश्तेदारों के घर शरण ले रखी है। जलनिकासी में भी नगर निगम का दम फूल रहा है। संसाधन फुस्स साबित हो रहे हैं। फरीदपुर, शीशगढ़, रिठौरा आदि निकायों से वाहन मंगाकर जलनिकासी कराई जा रही है।
अमर उजाला की टीम ने रविवार को दो घंटे तक जलभराव वाले इलाकों का जायजा लिया तो स्थिति की भयावहता सामने आई। रेजीडेंसी गार्डन कॉलोनी के अधिकतर परिवार अपने घरों पर ताला डालकर सुरक्षित ठिकानों पर चले गए हैं। कॉलोनी में सिर्फ वही लोग मौजूद हैं, जिनके घर ऊंचाई पर बने हैं या फिर ऊपरी तल पर रह रहे हैं। मुख्य गेट पर कई घरों के मुखिया मौजूद मिले। वे अपने मकान की रखवाली कर रहे हैं।
कॉलोनी में अविनाश नागपाल अपने ही घर में कैद होकर रह गए थे। जरूरत पर मदद मांगी तो नगर निगम का कूड़ा उठाने वाला ट्रैक्टर तीन घंटे बाद पहुंचा। पहले उसके पिछले हिस्से को पानी से धोया गया। इसके बाद वह उस पर सवार होकर बाहर निकले। दवा व्यापारी विकास पावा को भी किसी काम के लिए बाहर निकलना था। वह भी ट्रैक्टर पर सवार हुए। इस दौरान वह निगम व जिम्मेदार अधिकारियों को कोसते रहे।
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घर में पानी भरने की वजह से शिक्षक विवेक गंगवार परिवार सहित ऊपरी मंजिल पर रह रहे थे। इन्होंने भी यहां से भी निकलकर बाहर जाने का फैसला किया। आवास को बंद करने के दौरान उनकी पत्नी ने सीढ़ी की बालकनी से पड़ोसी के घर में बचा खाना पहुंचाया। इसके बाद विवेक गंगवार ने बड़े-बड़े बैग भरकर उनको पहले ट्रैक्टर-ट्राॅली पर रखा। गेट पर ताला लगाकर बारी-बारी से अपने छोटे बेटे, दो बेटियों, पत्नी को ट्राॅली पर बैठाकर खुद भी सवार हो गए।
ट्रैक्टर आगे बढ़ा तो बुजुर्ग दंपती भी सवार होने के लिए हाथ बढ़ाए। हालांकि, ट्रैक्टर की ऊंचाई अधिक होने के कारण उन्होंने सवार होने में असमर्थता जाहिर कर दी। ट्रैक्टर पर सवार सभी को सुरक्षित गेट तक पहुंचाया गया। इस दौरान जगह-जगह कार, बाइक, स्कूटी पानी में डूबे नजर आए। बिजली न होने के कारण सक्षम लोग जनरेटर मंगवाकर इस्तेमाल कर रहे हैं। डोहरा रोड पर माधव राव सिंधिया स्कूल के पास जलभराव के चलते निर्माणाधीन सड़क पर मोहित देवल की कार फंस गई। कई और कारें वहां कीचड़ में फंसी दिखाई दीं।
टीम जब हजियापुर पहुंची तो मोहम्मद आसिफ अपने परिवार के छह सदस्याें के साथ चार फुट पानी से होकर पैदल आते दिखे। उन्होंने बताया कि घराें में खाद्य पदार्थ, बिस्तर खराब हो चुके हैं। बर्तन तैर रहे हैं। अब वह अपने रिश्तेदार के यहां जा रहे हैं। अंदर स्थिति बहुत खराब है। लोग घर की छत पर पन्नी तानकर काम चला रहे हैं। कुछ परिवार सीढि़यों पर दुबककर दिन बिता रहे हैं। कुर्मांचल नगर, त्रिवेणी एन्क्लेव, लाजपतनगर, गणेशपुरम, हरूनगला, सुभाषनगर की राजीव कॉलोनी आदि इलाकों में अब भी जलभराव है।
वर्जन
जिन इलाकों में जलभराव है, वहां पानी की निकासी के लिए वाहन लगाए गए हैं। रेजीडेंसी गार्डन, संजयनगर आदि क्षेत्रों से पानी निकलने में दो से तीन दिन लगेंगे। इसके लिए बारिश बंद होना बहुत जरूरी है। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
नाला सफाई के दौरान सोते रहे, अब ले रहे जायजा
मानसून से पहले जब नालों की सफाई का दौर चल रहा था तो महापौर सहित नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी चैन की नींद सोते रहे। अब जब जनता जलभराव से जूझ रही है तो ये लोग जगह-जगह पहुंचकर जायजा ले रहे हैं। जो सक्रियता अब दिखा रहे हैं, नाला सफाई के दौरान इसकी आधी संजीदगी भी दिखाई होती तो यह नौबत नहीं आती। रविवार को महापौर ने नगर निगम की टीम के साथ गणेशपुरम, पवन विहार, हरूनगला समेत कई कॉलोनियों का जायजा लिया। अधिकारियों को पंप लगाकर पानी निकालने के निर्देश दिए। सुभाषनगर में राजीव कॉलोनी के नाले की निकासी को रेलवे के आगे बदायूं रोड तक ले जाने की योजना तैयार करने के लिए कहा। महापौर उमेश गौतम ने बताया कि नालों की सफाई के दौरान शुरू से ही सक्रियता बनी रही। इसके प्रमाण मेरे सोशल मीडिया अकाउंट पर भी मौजूद हैं। एक बार नालों की तली झाड़ सफाई होती है, उसके बाद लगातार होती रहती है। निचले इलाकों को छोड़ दिया जाए तो फ्लोटिंग कूड़ा ऐसे ही फेंक दिया जाता है। इससे नाले चोक हो जाते हैं। वर्तमान में जलभराव निचले इलाकों में ही है। बारिश बंद होने पर दो दिनों में जलनिकासी करा दी जाएगी।
राज्यमंत्री के बड़े भाई की कार कीचड़ में फंसी
सीबीगंज। वन राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार के बड़े भाई अधिवक्ता अनिल कुमार की कार कीचड़ में फंस गई। वह रविवार दोपहर एक बजे परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र से बंडिया गांव में जलभराव का जायजा लेने जा रहे थे। वह जैसे ही गांव निवासी रतन शंकर शर्मा के आवास के सामने से गांव को जाने वाली रोड पर पहुंचे, कीचड़ में उनकी कार फंस गई। दो घंटे बाद नगर निगम की जेसीबी आई तो कार को वहां से निकाला जा सका।
ट्यूलिया के कई घरों में भरा पानी
सीबीगंज। बड़ा बाइपास बनने के बाद पानी की ठीक से निकासी न होने से नगर निगम के वार्ड 27 के ट्यूलिया मेट्केपानी भर गया कई घरों में पानी भर गया। गांव वालो ने फॉरेंसिक लैब व झुमका तिराहे के पास बने गोदाम के सामने जेसीबी से पटी हुई खाई को खोदवा कर पानी निकालने का प्रयास किया। झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार के पैतृक गांव ट्यूलिया निवासी प्रेमपाल गंगवार ने बताया कि लगातार बारिश से कई घरों में पानी भर गया है।
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अमर उजाला की टीम ने रविवार को दो घंटे तक जलभराव वाले इलाकों का जायजा लिया तो स्थिति की भयावहता सामने आई। रेजीडेंसी गार्डन कॉलोनी के अधिकतर परिवार अपने घरों पर ताला डालकर सुरक्षित ठिकानों पर चले गए हैं। कॉलोनी में सिर्फ वही लोग मौजूद हैं, जिनके घर ऊंचाई पर बने हैं या फिर ऊपरी तल पर रह रहे हैं। मुख्य गेट पर कई घरों के मुखिया मौजूद मिले। वे अपने मकान की रखवाली कर रहे हैं।
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कॉलोनी में अविनाश नागपाल अपने ही घर में कैद होकर रह गए थे। जरूरत पर मदद मांगी तो नगर निगम का कूड़ा उठाने वाला ट्रैक्टर तीन घंटे बाद पहुंचा। पहले उसके पिछले हिस्से को पानी से धोया गया। इसके बाद वह उस पर सवार होकर बाहर निकले। दवा व्यापारी विकास पावा को भी किसी काम के लिए बाहर निकलना था। वह भी ट्रैक्टर पर सवार हुए। इस दौरान वह निगम व जिम्मेदार अधिकारियों को कोसते रहे।
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घर में पानी भरने की वजह से शिक्षक विवेक गंगवार परिवार सहित ऊपरी मंजिल पर रह रहे थे। इन्होंने भी यहां से भी निकलकर बाहर जाने का फैसला किया। आवास को बंद करने के दौरान उनकी पत्नी ने सीढ़ी की बालकनी से पड़ोसी के घर में बचा खाना पहुंचाया। इसके बाद विवेक गंगवार ने बड़े-बड़े बैग भरकर उनको पहले ट्रैक्टर-ट्राॅली पर रखा। गेट पर ताला लगाकर बारी-बारी से अपने छोटे बेटे, दो बेटियों, पत्नी को ट्राॅली पर बैठाकर खुद भी सवार हो गए।
ट्रैक्टर आगे बढ़ा तो बुजुर्ग दंपती भी सवार होने के लिए हाथ बढ़ाए। हालांकि, ट्रैक्टर की ऊंचाई अधिक होने के कारण उन्होंने सवार होने में असमर्थता जाहिर कर दी। ट्रैक्टर पर सवार सभी को सुरक्षित गेट तक पहुंचाया गया। इस दौरान जगह-जगह कार, बाइक, स्कूटी पानी में डूबे नजर आए। बिजली न होने के कारण सक्षम लोग जनरेटर मंगवाकर इस्तेमाल कर रहे हैं। डोहरा रोड पर माधव राव सिंधिया स्कूल के पास जलभराव के चलते निर्माणाधीन सड़क पर मोहित देवल की कार फंस गई। कई और कारें वहां कीचड़ में फंसी दिखाई दीं।
टीम जब हजियापुर पहुंची तो मोहम्मद आसिफ अपने परिवार के छह सदस्याें के साथ चार फुट पानी से होकर पैदल आते दिखे। उन्होंने बताया कि घराें में खाद्य पदार्थ, बिस्तर खराब हो चुके हैं। बर्तन तैर रहे हैं। अब वह अपने रिश्तेदार के यहां जा रहे हैं। अंदर स्थिति बहुत खराब है। लोग घर की छत पर पन्नी तानकर काम चला रहे हैं। कुछ परिवार सीढि़यों पर दुबककर दिन बिता रहे हैं। कुर्मांचल नगर, त्रिवेणी एन्क्लेव, लाजपतनगर, गणेशपुरम, हरूनगला, सुभाषनगर की राजीव कॉलोनी आदि इलाकों में अब भी जलभराव है।
वर्जन
जिन इलाकों में जलभराव है, वहां पानी की निकासी के लिए वाहन लगाए गए हैं। रेजीडेंसी गार्डन, संजयनगर आदि क्षेत्रों से पानी निकलने में दो से तीन दिन लगेंगे। इसके लिए बारिश बंद होना बहुत जरूरी है। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
नाला सफाई के दौरान सोते रहे, अब ले रहे जायजा
मानसून से पहले जब नालों की सफाई का दौर चल रहा था तो महापौर सहित नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी चैन की नींद सोते रहे। अब जब जनता जलभराव से जूझ रही है तो ये लोग जगह-जगह पहुंचकर जायजा ले रहे हैं। जो सक्रियता अब दिखा रहे हैं, नाला सफाई के दौरान इसकी आधी संजीदगी भी दिखाई होती तो यह नौबत नहीं आती। रविवार को महापौर ने नगर निगम की टीम के साथ गणेशपुरम, पवन विहार, हरूनगला समेत कई कॉलोनियों का जायजा लिया। अधिकारियों को पंप लगाकर पानी निकालने के निर्देश दिए। सुभाषनगर में राजीव कॉलोनी के नाले की निकासी को रेलवे के आगे बदायूं रोड तक ले जाने की योजना तैयार करने के लिए कहा। महापौर उमेश गौतम ने बताया कि नालों की सफाई के दौरान शुरू से ही सक्रियता बनी रही। इसके प्रमाण मेरे सोशल मीडिया अकाउंट पर भी मौजूद हैं। एक बार नालों की तली झाड़ सफाई होती है, उसके बाद लगातार होती रहती है। निचले इलाकों को छोड़ दिया जाए तो फ्लोटिंग कूड़ा ऐसे ही फेंक दिया जाता है। इससे नाले चोक हो जाते हैं। वर्तमान में जलभराव निचले इलाकों में ही है। बारिश बंद होने पर दो दिनों में जलनिकासी करा दी जाएगी।
राज्यमंत्री के बड़े भाई की कार कीचड़ में फंसी
सीबीगंज। वन राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार के बड़े भाई अधिवक्ता अनिल कुमार की कार कीचड़ में फंस गई। वह रविवार दोपहर एक बजे परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र से बंडिया गांव में जलभराव का जायजा लेने जा रहे थे। वह जैसे ही गांव निवासी रतन शंकर शर्मा के आवास के सामने से गांव को जाने वाली रोड पर पहुंचे, कीचड़ में उनकी कार फंस गई। दो घंटे बाद नगर निगम की जेसीबी आई तो कार को वहां से निकाला जा सका।
ट्यूलिया के कई घरों में भरा पानी
सीबीगंज। बड़ा बाइपास बनने के बाद पानी की ठीक से निकासी न होने से नगर निगम के वार्ड 27 के ट्यूलिया मेट्केपानी भर गया कई घरों में पानी भर गया। गांव वालो ने फॉरेंसिक लैब व झुमका तिराहे के पास बने गोदाम के सामने जेसीबी से पटी हुई खाई को खोदवा कर पानी निकालने का प्रयास किया। झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार के पैतृक गांव ट्यूलिया निवासी प्रेमपाल गंगवार ने बताया कि लगातार बारिश से कई घरों में पानी भर गया है।