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Bareilly News: पेड़ पर मांझे में फंसकर दो दिन से उल्टी लटकी थी चील, अग्निशमन दल ने बचाई जान
Tue, 05 May 2026 05:52 PM IST
Mukesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: Mukesh Kumar
Updated Tue, 05 May 2026 05:52 PM IST
सार
बरेली की रेजिडेंट्स कॉलोनी में एक चील मांझे में फंस गई। वह दो दिन तक पेड़ पर उल्टी लटकी रही। जानकारी मिलने पर अग्निशमन दल ने मंगलवार को चील का रेस्क्यू किया। घायल चील को आईवीआरआई में उपचार के लिए भेजा गया है।
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अग्निशमन दल ने चील को बचाया
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बरेली के बारादरी इलाके की रेजिडेंट्स कॉलोनी में दो दिन से पेड़ पर मांझे में फंसकर उल्टी लटकी चील को बचाकर अग्निशमन टीम ने नया जीवन दिया है। घायल चील को उपचार के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) भेजा गया है। सीएफओ मनु शर्मा को मंगलवार दोपहर करीब सवा बारह बजे सूचना मिली कि रेजिडेंट्स कॉलोनी में एक चील पेड़ पर घायल अवस्था में उल्टी लटकी हुई है।
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उन्होंने फायर स्टेशन सिविल लाइन से एफएसओ संजीव कुमार के नेतृत्व में अग्निशमन दल को तत्काल मौके पर भेजा। दो गाड़ियां बिना किसी देरी के मौके पर पहुंच गईं। देखा तो पता लगा कि चील वास्तव में पतंग उड़ाने वाले मांझे में बुरी तरह फंसी हुई थी। वह दो दिनों से एक ही अवस्था में पेड़ पर उल्टी लटकी हुई थी। पेड़ की अत्यधिक ऊंचाई के कारण सामान्य उपकरणों से चील तक पहुंचना और उसे बचाना असंभव लग रहा था।
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ऐसे बचाई चील की जान
अग्निशमन दल ने अपने मोटर फायर इंजन पर उपलब्ध सीढ़ी का उपयोग किया। सीढ़ी को इंजन पर खड़ा कर उसके ऊपरी सिरे को पेड़ की ऊंची डालियों से सटाया गया। दो कर्मचारियों ने सीढ़ी को गिरने से रोका, जबकि एक कर्मचारी सीढ़ी के सहारे चील तक पहुंचा। कर्मचारी ने चील को सुरक्षित नीचे उतारा।
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घायल चील का उपचार शुरू
निरीक्षण करने पर पाया गया कि पतंग के मांझे से चील के पंख और पैर घायल हो गए हैं। चील उड़ने में असमर्थ थी। इसके बाद कैंची से चील के पंखों और पैरों में फंसे मांझे को सावधानीपूर्वक काटा गया। घायल चील को पानी पिलाया गया और फिर उपचार के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) इज्जतनगर के कर्मचारियों को सौंप दिया गया।