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Bareilly News: पक्का पुल के लिए भेजी फाइल अटकी, इंतजार बढ़ा
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पटरे के पुल से निकलता युवक। संवाद
मीरगंज। क्षेत्र के गांव रेतीपुरा व परचई के बीच पक्के पुल के अब तक निर्माण न होने से हिचकोले खा रहे पटरे के पुल से लोग गुजरने को विवश हैं। इस कारण आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। शासन को पुल बनाने के लिए भेजी गई फाइल भी अटकी हुई है, जिससे लोगों का इंतजार और लंबा होता जा रहा है।
क्षेत्र में लोग कई जगह जान जोखिम में डालकर पटरों के पुल से नदी पार कर रहे हैं। भाखड़ा नदी पर हल्दी कला और औरंगाबाद, नरखेड़ा और सिंधौली, रेतीपुरा और परचई के बीच ग्रामीणों ने लकड़ी की बल्लियां गाड़कर पटरे के पुल बना रखे हैं, जिन पर पैदल और बाइक सवार सैकड़ों की संख्या में लोग निकलते हैं। इस दौरान पटरे के पुलों के असंतुलित होने की स्थिति बनी रहती है। कभी-कभार लोग असंतुलित होकर नदी में गिरकर चोटिल हो जाते हैं।
रेतीपुरा के ग्राम प्रधान सेवाराम का कहना है कि लोगों की परेशानी को देखते हुए जब प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया तो ढाई साल के लिए पटरे का पुल बनाने के लिए लाखों रुपये का ठेका दे दिया गया। इसपर गुजरने वाले लोगों से दस रुपये का शुल्क लिया जाता है। इस तरह इन पुलों से 50 से 60 गांव के करीब 50 हजार लोग गुजरते हैं।
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क्या कहते हैं बीडीओ
बीडीओ कुलदीप सिंह ने बताया कि जो ठेका किया गया है। इससे हमारा कोई लेनदेन नहीं है। ग्राम प्रधान ने सदस्यों के साथ मिलकर यह ठेका किया हुआ है।
पुल बनवाने के लिए भेजा प्रस्ताव
हमने प्रस्ताव शासन को भेजा है। स्वीकृति मिलने के बाद इस पर काम शुरू हो जाएगा।
डॉ. डीसी वर्मा, विधायक
संवाद
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क्षेत्र में लोग कई जगह जान जोखिम में डालकर पटरों के पुल से नदी पार कर रहे हैं। भाखड़ा नदी पर हल्दी कला और औरंगाबाद, नरखेड़ा और सिंधौली, रेतीपुरा और परचई के बीच ग्रामीणों ने लकड़ी की बल्लियां गाड़कर पटरे के पुल बना रखे हैं, जिन पर पैदल और बाइक सवार सैकड़ों की संख्या में लोग निकलते हैं। इस दौरान पटरे के पुलों के असंतुलित होने की स्थिति बनी रहती है। कभी-कभार लोग असंतुलित होकर नदी में गिरकर चोटिल हो जाते हैं।
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रेतीपुरा के ग्राम प्रधान सेवाराम का कहना है कि लोगों की परेशानी को देखते हुए जब प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया तो ढाई साल के लिए पटरे का पुल बनाने के लिए लाखों रुपये का ठेका दे दिया गया। इसपर गुजरने वाले लोगों से दस रुपये का शुल्क लिया जाता है। इस तरह इन पुलों से 50 से 60 गांव के करीब 50 हजार लोग गुजरते हैं।
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क्या कहते हैं बीडीओ
बीडीओ कुलदीप सिंह ने बताया कि जो ठेका किया गया है। इससे हमारा कोई लेनदेन नहीं है। ग्राम प्रधान ने सदस्यों के साथ मिलकर यह ठेका किया हुआ है।
पुल बनवाने के लिए भेजा प्रस्ताव
हमने प्रस्ताव शासन को भेजा है। स्वीकृति मिलने के बाद इस पर काम शुरू हो जाएगा।
डॉ. डीसी वर्मा, विधायक
संवाद