Bareilly News: हरियाणा की टीम ने मारा कोपल अस्पताल में छापा, भ्रूण लिंग जांच का पर्दाफाश, मशीन सील
फरीदाबाद से आई 12 सदस्यीय टीम ने सोमवार को अमन केयर अस्पताल और कोपल अस्पताल में छापा मारा। कोपल अस्पताल में भ्रूण जांच करते तकनीशियन को रंगेहाथ पकड़ लिया गया।
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बरेली में स्वास्थ्य विभाग के अफसर भले ही सब कुछ बेहतर होने का दावा कर रहे हों, मगर हकीकत का खुलासा सोमवार को हरियाणा से आई टीम की जांच में हुआ। पीलीभीत बाईपास पर स्थित अमन केयर अस्पताल की मिलीभगत से लिंग भ्रूण जांच का खेल हो रहा था। टीम के सदस्यों और अस्पताल स्टाफ के बीच तीन घंटे तक नोकझोंक होती रही। अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर डॉ. स्मृति गंगवार, टेक्नीशियन इस्लाम खान, दलाल जितेंद्र, अमरपाल समेत अन्य लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया गया है।
फरीदाबाद के पीसीपीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. मान सिंह के नेतृत्व में 12 सदस्यीय टीम रविवार को बरेली पहुंची थी। सदस्य दोनों अस्पताल की गतिविधियों की निगरानी कर रहे थे। डॉ. सिंह को लगातार मिल रही शिकायतों का संज्ञान लेकर केंद्र सरकार की ओर से दो टीमें गठित कर संयुक्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सोमवार दोपहर एक महिला भ्रूण लिंग की जांच कराने पहुंची। पहले वह अमन केयर अस्पताल में गई। वहां उससे 25 हजार रुपये लिए गए। आरोप है कि जितेंद्र नाम के बिचौलिये ने रुपये लिए, फिर पर्ची लिखकर उसे कोपल अस्पताल भेज दिया। वहां तकनीशियन इस्लाम खान ने पर्ची देखी तो कतार को दरकिनार कर महिला का अल्ट्रासाउंड किया।
तकनीशियन को रंगेहाथ पकड़ा
रिपोर्ट बताने का आरोप भी इस्लाम खान पर है। इसी दौरान टीम ने उन्हें रंगेहाथों पकड़ लिया। उसके पास से साढ़े दस हजार रुपये भी मिले। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक कोपल अस्पताल से एक ही अल्ट्रासाउंड मशीन पंजीकृत है। मौके पर दो मशीनों से जांच होती मिली। तकनीशियन ने महज एक पर्ची पर ही जांच कर दी, जबकि नियमानुसार फॉर्म भरा जाना चाहिए।
टीम के सदस्य डॉ. जगदीश ने बताया कि यहां बड़े-बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां मिली हैं। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इधर, छापा कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर भी सवालिया निशान लग रहा है। अफसर लगातार सेंटरों के निरीक्षण का दावा कर रहे हैं, पर अब तक एक ही सेंटर पर भ्रूण लिंग जांच का मामला सामने नहीं आया है।