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Bareilly News: पिता, दो बेटों और दो सगे भाइयों को तीन-तीन साल की कैद
Sat, 18 Jul 2026 02:02 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 18 Jul 2026 02:02 AM IST
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बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश विजेंद्र त्रिपाठी ने गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में दोषी प्रेमनगर थाना क्षेत्र के चंद्रपुरी निवासी मान सिंह, उसके दो बेटों विक्की, विकास और सगे भाइयों छोटू व प्रदीप को शुक्रवार को तीन-तीन साल की कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को तीन-तीन माह अतिरिक्त जेल में रहना होगा।
अधिवक्ता नरेंद्र सिंह ने प्रेमनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका भाई भगवत शरण प्रजापति अपने मित्र दर्शन सिंह के साथ आठ अगस्त 2014 को रात नौ बजे त्रिवटीनाथ मंदिर से भंडारा खाकर लौट रहा था। रास्ते में गुलाबराय रोड के पास मान सिंह, विक्की, विकास, छोटू और प्रदीप ने घेरकर उस पर जानलेवा हमला कर दिया। 10,600 रुपये लूट लिए। विवेचना के बाद पुलिस ने पांचों आराेपियों के खिलाफ जानलेवा हमला और डकैती की धाराओं में चार्जशीट दाखिल कर दी।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 10 गवाह पेश किए। दोनों पक्षों में पुरानी रंजिश की बात भी सामने आई। पता चला कि भगवत शरण एक मामले में जमानत पर है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अभियुक्तों को डकैती के आरोपों से बरी कर दिया, लेकिन गंभीर चोट पहुंचाकर हड्डी तोड़ने के मामले में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
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हत्या के आरोपी किशोर अपचारी की सुपुर्दगी याचिका निरस्त
बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश नम्रता अग्रवाल ने किशोर न्याय बोर्ड के फैसले को सही ठहराते हुए हत्या के मामले में आरोपी किशोर अपचारी को जमानत पर उसकी मां की सुपुर्दगी में देने संबंधी याचिका को निरस्त कर दिया है। किशोर अपचारी को बाल सुधार गृह में ही रहना होगा।
इज्जतनगर थाना क्षेत्र की अशोक विहार कॉलोनी निवासी कहरी सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 27 मार्च की शाम उनके बेटे शिवा को मानव राजपूत, गौरव, किशोर अपचारी, कृष्णा, रचित और तीन अन्य लोग घर से बुलाकर ले गए। इन सभी ने मिलकर चार खंभा राकेश कमल स्कूल के पास शिवा की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। किशोर अपचारी 30 मार्च से बाल सुधार गृह में है।
उसकी ओर से किशोर न्याय बोर्ड में अर्जी देकर कहा गया था कि उसकी आयु 17 साल एक माह है। उसको जमानत पर उसकी मां की सुपुर्दगी में दिया जाए। वह कक्षा 12वीं का छात्र है। बाल सुधार गृह में रहकर उसकी पढ़ाई-लिखाई प्रभावित हो रही है। किशोर न्याय बोर्ड ने तीन जून को उसकी याचिका निरस्त कर दी। बोर्ड के इस फैसले को किशोर अपचारी ने अपर सत्र अदालत में चुनौती दी थी।
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बयानों में झोल, पॉक्सो एक्ट का आरोपी दोषमुक्त
बरेली। स्पेशल जज नम्रता अग्रवाल ने पॉक्सो एक्ट के आरोपी सिरौली थाना क्षेत्र निवासी श्याम सिंह को दोषमुक्त करार दिया है। इस मामले में पीड़िता, उसके पिता और मां के बयानों में विरोधाभास रहा।
थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने 10 फरवरी 2017 को श्याम सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि वह मजदूरी करने बाहर गया था। उसकी नाबालिग बेटी को एक माह पहले स्कूल जाते वक्त श्याम सिंह ने रोककर मोबाइल फोन दिया था। बात नहीं करने पर तेजाब से हमला करने और हत्या की धमकी दी। इससे उसकी बेटी ने स्कूल जाना बंद कर दिया।
जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में सात गवाह पेश किए गए। पीड़िता, उसके पिता और मां ने अलग-अलग बयान दिए। बचाव पक्ष की ओर से पेश गवाहों ने कोर्ट को बताया कि आरोपी और पीड़िता का पिता पंजाब के पठानकोट में काम करते थे। पीड़िता के पिता ने 50 हजार रुपये उधार लिए थे। रुपये वापस मांगने पर श्याम सिंह के खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी को बरी कर दिया।
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एनडीपीएस एक्ट में दोषी को एक माह सात दिन की कैद
बरेली। स्पेशल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट राघवेंद्र मणि ने एनडीपीएस एक्ट में दोषी उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ थाना क्षेत्र के गांधीनगर निवासी अंजुल चौहान को एक माह सात दिन की कठोर कैद और छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को 15 दिन अतिरिक्त जेल में रहना होगा। सुनवाई के दौरान उसने कोर्ट में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया और कम से कम सजा की अपील की। जुर्म स्वीकारोक्ति पर कोर्ट ने उसे दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है।
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पीड़िता और गवाहों के बयानों में विरोधाभास, दुष्कर्म का आरोपी दोषमुक्त
बरेली। स्पेशल जज पाॅक्सो एक्ट हेमेंद्र कुमार सिंह ने फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी सूरज को छेड़खानी, दुष्कर्म और धमकी देने के आरोपों से बृहस्पतिवार को दोषमुक्त कर दिया। इस मामले में पीड़िता, उसके पिता, भाई और बहन के बयानों में भिन्नता पाई गई। पीड़िता ने अपने बयान में बार-बार घटनास्थल भी बदल-बदल कर बताया।
फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पांच-छह जून 2022 की रात 12 बजे उसकी नाबालिग बेटी घर के दरवाजे के पास खड़ी थी। इसी दौरान सूरज ने उसका हाथ पकड़ लिया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। बयानों में पीड़िता ने दुष्कर्म की बात कही। जांच के बाद पुलिस ने छेड़खानी, दुष्कर्म और धमकी देने की धाराओं में चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान प्रति परीक्षा में पीड़िता के पिता ने कहा कि वह घटना के दिन घर पर नहीं था।
पीड़िता ने कहा कि वह मां के पास चारपाई पर सो रही थी। सूरज आगर उसके पास लेट गया और उसके साथ तमंचे के बल पर दुष्कर्म किया। पीड़िता की बहन और भाई के बयान भी विरोधाभासी रहे। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी को बरी कर दिया।
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अफीम तस्करी के आरोपी को जमानत नहीं
बरेली। स्पेशल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट राघवेंद्र मणि ने अफीम तस्करी के आरोपी झारखंड के चतरा जिले के थाना पत्थलगड़ा के गांव तेतरिया निवासी अजय कुमार की जमानत याचिका शुक्रवार को निरस्त कर दी। देवरनियां पुलिस ने उसे 16 मई को सात किलो अफीम के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपी 17 मई से जेल में है।
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दुष्कर्म से गर्भवती हुई नाबालिग, आरोपी को जमानत नहीं
बरेली। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट हेमेंद्र कुमार सिंह ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी कैंट थाना क्षेत्र निवासी अफरोज की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। आरोपी 20 मई से जेल में है। कैंट थाना क्षेत्र निवासी व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग बेटी से अफरोज ने कई बार दुष्कर्म किया। इससे वह गर्भवती हो गई। गर्भवती होने पर अफरोज ने उसे गर्भपात की दवा खिला दी। बेटी को उल्टियां हुईं पता लगा कि वह गर्भवती है। उसने पूरे प्रकरण के बारे में अपनी मां को बताया। इसके बाद अफरोज ने जान से मारने की धमकी दी।
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16 साल पुराने विद्युत चोरी के मामले में आयोग ने खड़े किए हाथ
बरेली । करीब 16 वर्ष पुराने विद्युत चोरी के मामले में दायर परिवाद को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम ने खारिज कर दिया। आयोग ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि विद्युत अधिनियम की धारा-126 के तहत राजस्व निर्धारण (असेसमेंट) और विद्युत चोरी से जुड़े मामलों की सुनवाई उपभोक्ता आयोग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती।
सीबीगंज निवासी हरिओम शर्मा ने वर्ष 2020 में उप्र पावर कॉरपोरेशन और उसके अधिकारियों के खिलाफ परिवाद दायर किया था। उनका आरोप था कि वर्ष 2010 में उनके परिसर का बिजली मीटर खराब था। कई बार शिकायत के बावजूद उसे नहीं बदला गया। बाद में विजिलेंस टीम ने उन पर बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज कर दिया।
सुनवाई के दौरान विद्युत निगम ने आयोग को बताया कि जांच में परिसर में मीटर से छेड़छाड़ कर 11 हॉर्स पावर के मोटर से बिजली चोरी पकड़ी गई थी। इस संबंध में एफआईआर दर्ज हुई और धारा 126 के तहत 3.60 लाख रुपये का असेसमेंट बिल भी बनाया गया। विभाग का कहना था कि जब तक उक्त बिल का भुगतान नहीं होगा, तब तक बिजली कनेक्शन बहाल नहीं किया जा सकता। आयोग के अध्यक्ष राधेश्याम यादव और सदस्य प्रशांत मिश्रा की पीठ ने 15 जुलाई को परिवाद निरस्त कर दिया। साथ ही, आयोग ने यह भी कहा कि परिवादी सक्षम एवं उचित न्यायिक मंच पर याचिका प्रस्तुत करने के लिए स्वतंत्र है।
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आबकारी अधिनियम में दो आरोपी दोषमुक्त
बरेली। स्पेशल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट राघवेंद्र मणि ने आबकारी अधिनियम के दो आरोपियों को बृहस्पतिवार को बरी कर दिया। कैंट थाना क्षेत्र के गांव अंगूरी टांडा निवासी सलमान मनिहार और बलिया निवासी हरीशंकरा उर्फ बिगाड़ू के खिलाफ एसआई प्रवीण कुमार ने 17 अप्रैल 2020 को आबकारी अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने दावा किया कि दाेनाें को 20-20 लीटर अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया गया है। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने चार गवाह पेश किए, लेकिन आरोपों को साबित नहीं कर सका।
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अधिवक्ता नरेंद्र सिंह ने प्रेमनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका भाई भगवत शरण प्रजापति अपने मित्र दर्शन सिंह के साथ आठ अगस्त 2014 को रात नौ बजे त्रिवटीनाथ मंदिर से भंडारा खाकर लौट रहा था। रास्ते में गुलाबराय रोड के पास मान सिंह, विक्की, विकास, छोटू और प्रदीप ने घेरकर उस पर जानलेवा हमला कर दिया। 10,600 रुपये लूट लिए। विवेचना के बाद पुलिस ने पांचों आराेपियों के खिलाफ जानलेवा हमला और डकैती की धाराओं में चार्जशीट दाखिल कर दी।
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सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 10 गवाह पेश किए। दोनों पक्षों में पुरानी रंजिश की बात भी सामने आई। पता चला कि भगवत शरण एक मामले में जमानत पर है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अभियुक्तों को डकैती के आरोपों से बरी कर दिया, लेकिन गंभीर चोट पहुंचाकर हड्डी तोड़ने के मामले में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
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हत्या के आरोपी किशोर अपचारी की सुपुर्दगी याचिका निरस्त
बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश नम्रता अग्रवाल ने किशोर न्याय बोर्ड के फैसले को सही ठहराते हुए हत्या के मामले में आरोपी किशोर अपचारी को जमानत पर उसकी मां की सुपुर्दगी में देने संबंधी याचिका को निरस्त कर दिया है। किशोर अपचारी को बाल सुधार गृह में ही रहना होगा।
इज्जतनगर थाना क्षेत्र की अशोक विहार कॉलोनी निवासी कहरी सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 27 मार्च की शाम उनके बेटे शिवा को मानव राजपूत, गौरव, किशोर अपचारी, कृष्णा, रचित और तीन अन्य लोग घर से बुलाकर ले गए। इन सभी ने मिलकर चार खंभा राकेश कमल स्कूल के पास शिवा की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। किशोर अपचारी 30 मार्च से बाल सुधार गृह में है।
उसकी ओर से किशोर न्याय बोर्ड में अर्जी देकर कहा गया था कि उसकी आयु 17 साल एक माह है। उसको जमानत पर उसकी मां की सुपुर्दगी में दिया जाए। वह कक्षा 12वीं का छात्र है। बाल सुधार गृह में रहकर उसकी पढ़ाई-लिखाई प्रभावित हो रही है। किशोर न्याय बोर्ड ने तीन जून को उसकी याचिका निरस्त कर दी। बोर्ड के इस फैसले को किशोर अपचारी ने अपर सत्र अदालत में चुनौती दी थी।
बयानों में झोल, पॉक्सो एक्ट का आरोपी दोषमुक्त
बरेली। स्पेशल जज नम्रता अग्रवाल ने पॉक्सो एक्ट के आरोपी सिरौली थाना क्षेत्र निवासी श्याम सिंह को दोषमुक्त करार दिया है। इस मामले में पीड़िता, उसके पिता और मां के बयानों में विरोधाभास रहा।
थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने 10 फरवरी 2017 को श्याम सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि वह मजदूरी करने बाहर गया था। उसकी नाबालिग बेटी को एक माह पहले स्कूल जाते वक्त श्याम सिंह ने रोककर मोबाइल फोन दिया था। बात नहीं करने पर तेजाब से हमला करने और हत्या की धमकी दी। इससे उसकी बेटी ने स्कूल जाना बंद कर दिया।
जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में सात गवाह पेश किए गए। पीड़िता, उसके पिता और मां ने अलग-अलग बयान दिए। बचाव पक्ष की ओर से पेश गवाहों ने कोर्ट को बताया कि आरोपी और पीड़िता का पिता पंजाब के पठानकोट में काम करते थे। पीड़िता के पिता ने 50 हजार रुपये उधार लिए थे। रुपये वापस मांगने पर श्याम सिंह के खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी को बरी कर दिया।
एनडीपीएस एक्ट में दोषी को एक माह सात दिन की कैद
बरेली। स्पेशल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट राघवेंद्र मणि ने एनडीपीएस एक्ट में दोषी उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ थाना क्षेत्र के गांधीनगर निवासी अंजुल चौहान को एक माह सात दिन की कठोर कैद और छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को 15 दिन अतिरिक्त जेल में रहना होगा। सुनवाई के दौरान उसने कोर्ट में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया और कम से कम सजा की अपील की। जुर्म स्वीकारोक्ति पर कोर्ट ने उसे दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है।
पीड़िता और गवाहों के बयानों में विरोधाभास, दुष्कर्म का आरोपी दोषमुक्त
बरेली। स्पेशल जज पाॅक्सो एक्ट हेमेंद्र कुमार सिंह ने फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी सूरज को छेड़खानी, दुष्कर्म और धमकी देने के आरोपों से बृहस्पतिवार को दोषमुक्त कर दिया। इस मामले में पीड़िता, उसके पिता, भाई और बहन के बयानों में भिन्नता पाई गई। पीड़िता ने अपने बयान में बार-बार घटनास्थल भी बदल-बदल कर बताया।
फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पांच-छह जून 2022 की रात 12 बजे उसकी नाबालिग बेटी घर के दरवाजे के पास खड़ी थी। इसी दौरान सूरज ने उसका हाथ पकड़ लिया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। बयानों में पीड़िता ने दुष्कर्म की बात कही। जांच के बाद पुलिस ने छेड़खानी, दुष्कर्म और धमकी देने की धाराओं में चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान प्रति परीक्षा में पीड़िता के पिता ने कहा कि वह घटना के दिन घर पर नहीं था।
पीड़िता ने कहा कि वह मां के पास चारपाई पर सो रही थी। सूरज आगर उसके पास लेट गया और उसके साथ तमंचे के बल पर दुष्कर्म किया। पीड़िता की बहन और भाई के बयान भी विरोधाभासी रहे। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी को बरी कर दिया।
अफीम तस्करी के आरोपी को जमानत नहीं
बरेली। स्पेशल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट राघवेंद्र मणि ने अफीम तस्करी के आरोपी झारखंड के चतरा जिले के थाना पत्थलगड़ा के गांव तेतरिया निवासी अजय कुमार की जमानत याचिका शुक्रवार को निरस्त कर दी। देवरनियां पुलिस ने उसे 16 मई को सात किलो अफीम के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपी 17 मई से जेल में है।
दुष्कर्म से गर्भवती हुई नाबालिग, आरोपी को जमानत नहीं
बरेली। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट हेमेंद्र कुमार सिंह ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी कैंट थाना क्षेत्र निवासी अफरोज की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। आरोपी 20 मई से जेल में है। कैंट थाना क्षेत्र निवासी व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग बेटी से अफरोज ने कई बार दुष्कर्म किया। इससे वह गर्भवती हो गई। गर्भवती होने पर अफरोज ने उसे गर्भपात की दवा खिला दी। बेटी को उल्टियां हुईं पता लगा कि वह गर्भवती है। उसने पूरे प्रकरण के बारे में अपनी मां को बताया। इसके बाद अफरोज ने जान से मारने की धमकी दी।
16 साल पुराने विद्युत चोरी के मामले में आयोग ने खड़े किए हाथ
बरेली । करीब 16 वर्ष पुराने विद्युत चोरी के मामले में दायर परिवाद को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम ने खारिज कर दिया। आयोग ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि विद्युत अधिनियम की धारा-126 के तहत राजस्व निर्धारण (असेसमेंट) और विद्युत चोरी से जुड़े मामलों की सुनवाई उपभोक्ता आयोग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती।
सीबीगंज निवासी हरिओम शर्मा ने वर्ष 2020 में उप्र पावर कॉरपोरेशन और उसके अधिकारियों के खिलाफ परिवाद दायर किया था। उनका आरोप था कि वर्ष 2010 में उनके परिसर का बिजली मीटर खराब था। कई बार शिकायत के बावजूद उसे नहीं बदला गया। बाद में विजिलेंस टीम ने उन पर बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज कर दिया।
सुनवाई के दौरान विद्युत निगम ने आयोग को बताया कि जांच में परिसर में मीटर से छेड़छाड़ कर 11 हॉर्स पावर के मोटर से बिजली चोरी पकड़ी गई थी। इस संबंध में एफआईआर दर्ज हुई और धारा 126 के तहत 3.60 लाख रुपये का असेसमेंट बिल भी बनाया गया। विभाग का कहना था कि जब तक उक्त बिल का भुगतान नहीं होगा, तब तक बिजली कनेक्शन बहाल नहीं किया जा सकता। आयोग के अध्यक्ष राधेश्याम यादव और सदस्य प्रशांत मिश्रा की पीठ ने 15 जुलाई को परिवाद निरस्त कर दिया। साथ ही, आयोग ने यह भी कहा कि परिवादी सक्षम एवं उचित न्यायिक मंच पर याचिका प्रस्तुत करने के लिए स्वतंत्र है।
आबकारी अधिनियम में दो आरोपी दोषमुक्त
बरेली। स्पेशल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट राघवेंद्र मणि ने आबकारी अधिनियम के दो आरोपियों को बृहस्पतिवार को बरी कर दिया। कैंट थाना क्षेत्र के गांव अंगूरी टांडा निवासी सलमान मनिहार और बलिया निवासी हरीशंकरा उर्फ बिगाड़ू के खिलाफ एसआई प्रवीण कुमार ने 17 अप्रैल 2020 को आबकारी अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने दावा किया कि दाेनाें को 20-20 लीटर अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया गया है। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने चार गवाह पेश किए, लेकिन आरोपों को साबित नहीं कर सका।