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Bareilly News: 'पापा की पिटाई से तंग आकर मम्मी ने दी जान', मासूम बेटे की गवाही पर दोषी को 10 साल की कैद

Wed, 29 Jan 2025 11:19 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 29 Jan 2025 11:19 AM IST
सार

बरेली में पत्नी को प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के दोषी पति को 10 साल कैद की सजा सुनाई गई है। बेटे ने कोर्ट में गवाही दी। एक साल बाद मंगलवार को फैसला आया। 

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Father sentenced to ten years imprisonment on son testimony in Bareilly
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik

विस्तार

बरेली में 11 साल के मासूम ने कोर्ट में गवाही दी। बोला, पापा रोज मम्मी को मारते-पीटते थे। इससे तंग आकर मम्मी ने जान दे दी। पत्नी को प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के दोषी पति को अपर सत्र न्यायाधीश (त्वरित न्यायालय) रवि कुमार दिवाकर ने 10 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।

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मढ़ीनाथ निवासी कामिनी सक्सेना की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने छह नवंबर 2011 को पुत्री वंदना का विवाह वारादरी थाना क्षेत्र के संजयनगर निवासी विकास उपाध्याय ऊर्फ बिक्की से किया था। विवाह के बाद विक्की व अन्य ससुरालवाले दहेज के लिए वंदना को पीटते थे। वंदना के दो बच्चे आयुष्मान और रितिका भी हैं। संतान होने के बाद ससुराल वालों का उत्पीड़न और बढ़ गया।
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30 अगस्त 2023 को हुई थी मौत 
कामिनी के मुताबिक, 29 अगस्त 2023 को वंदना ने देररात कॉल कर कहा कि उसे ससुराल से ले जाओ। इस पर उन्होंने सुबह आने का आश्वासन दिया। 30 अगस्त 2023 को उसकी ससुराल से आरती ने कॉल कर बताया कि वंदना की मृत्यु हो गई है। मायके वाले वहां पहुंचे तो पड़ोसियों ने बताया कि वंदना की हत्या कर दी गई है।

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पुलिस ने एक माह बाद रिपोर्ट दर्ज की और आरोपी विकास को गिरफ्तार कर लिया। विवेचक ने 15 फरवरी 2024 को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में चार्जशीट दाखिल कर दी। अभियोजन की ओर से न्यायालय में आठ गवाह व 13 साक्ष्य पेश किए गए। न्यायालय ने विकास को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।

'हर काली रात के बाद आती है सुबह, परिस्थितियों का करें सामना'
न्यायालय ने युवाओं और शादीशुदा महिलाओं से आग्रह किया कि जीवन में चाहे कैसी भी परिस्थितियां आएं, उनका डटकर मुकाबला करें। किसी भी हालत में भगवान के दिए जीवन को समाप्त न करें। जीवन एक तपस्या है। छोटी-छोटी परेशानी से डरने की जरूरत नहीं है। रात कितनी ही काली क्यों न हो, उसके बाद सुबह जरूर होती है।

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