{"_id":"5aa15d7c4f1c1b410b8bcced","slug":"fake-sales-tax-officers-loots-jeweller","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी सेल्स टैक्स ऑफिसर बनकर सराफ से लूटे चार लाख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी सेल्स टैक्स ऑफिसर बनकर सराफ से लूटे चार लाख
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Thu, 08 Mar 2018 09:27 PM IST
विज्ञापन
gold loot
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदमाशों ने दुस्साहस दिखाते हुए ट्रेन से उतरकर घर जा रहे सराफ और उसके बेटे को जंक्शन रोड से अगवा कर लिया। दोनों को वे दो घंटे तक शहर की सड़कों पर घूमाते रहे। कई थानों-चौकियों के सामने से भी गुजरे, इनोवा के अंदर मारपीट करके उन्हें लूटा जाता रहा लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी। लूटपाट कर बड़ा बाईपास पर दोनों को फेंकने के बाद बदमाश भाग निकले। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने देर रात सर्च अभियान चलाया, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। कोतवाली में तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
कन्हैया टोला गड़ैया में रहने वाले सराफ मनोज रस्तोगी व्यापार के सिलसिले में जौनपुर गए थे। उन्होंने बताया कि हिमगिरी एक्सप्रेस से बरेली जंक्शन पर बुधवार रात 1:30 बजे वह अपने बेटे अमन रस्तोगी के साथ लौटे थे। जंक्शन के स्टैंड से बाइक लेने के बाद वह घर लौट रहे थे। एलए होटल के सामने एक सफेद इनोवा ने उन्हें ओवरटेक किया। गाड़ी को तिरछा लगाकर उन्हें रोका गया। कार से तीन युवक उतरे और खुद को सेल्स टैक्स ऑफिसर बताते हुए सराफ का बैग चेक करने लगे। फिर दोनों से कहा कि कार में बैठो।
सराफ ने शक होने पर विरोध किया तो मारपीट करते हुए दोनों को गाड़ी की पिछली सीट पर डाल दिया गया। बदमाशों ने उनके मुंह और आंखों पर टेप लगा दिया। हाथ-पैर भी टेप से बांध दिए। सराफ ने कार के दरवाजे में टांग फंसाने की कोशिश की तो उनके सिर पर कुछ भारी चीज मारी, जिससे घाव हो गया। फिर उनकी पैंट उतारकर तलाशी लेने लगे। सराफ के मुताबिक उनके पास काले रंग का बैग था, जिसमें कुछ जेवर, दो मोबाइल और नगदी थी जिसे बदमाशों ने लूट लिया। उसके बाद बड़ा बाईपास पर मुड़िया अहमदनगर में छोड़ दिया। वहां सराफ ने टेप खोलकर राहगीरों की मदद से पुलिस को खबर दी। जिसके बाद वायरलेस करके सर्च अभियान चलाया, लेकिन बदमाशों का सुराग नहीं लगा।
विज्ञापन
सीसी कैमरा में नजर आई सराफ की बाइक
बृहस्पतिवार को एसपी क्राइम रमेश भारतीय ने सराफ मनोज से पूछताछ की। पुलिस को एक सीसी फुटेज भी मिला है, जिसमें सराफ बाइक पर जाते हुए नजर आए हैं, लेकिन संदिग्ध इनोवा कार नहीं दिखी है। सराफ की माने तो सटीक मुखबिरी से लूट अंजाम दी गई है।
17 लाख की लूट करने वाले गिरोह का हाथ
अमृतसर के सराफ हरविंदर सिंह के साथ भी सिविल लाइन में इनोवा कार सवार बदमाशों ने ऐसे ही सत्रह लाख की लूट अंजाम दी थी। पुलिस दोनों वारदातों के पीछे एक ही गिरोह का हाथ मान रही है। एसपी सिटी रोहित सिंह ने कोतवाली पुलिस की एक टीम गठित कर वारदात खोलने का लक्ष्य दिया है।
वारदात करने वाले गिरोह को लेकर कुछ अहम बातें सामने आईं हैं। क्राइम ब्रांच और कोतवाली पुलिस को लगाया गया है। जल्द बदमाशों को पकड़ लिया जाएगा। - रोहित सिंह सजवाण, एसपी सिटी
विज्ञापन
कन्हैया टोला गड़ैया में रहने वाले सराफ मनोज रस्तोगी व्यापार के सिलसिले में जौनपुर गए थे। उन्होंने बताया कि हिमगिरी एक्सप्रेस से बरेली जंक्शन पर बुधवार रात 1:30 बजे वह अपने बेटे अमन रस्तोगी के साथ लौटे थे। जंक्शन के स्टैंड से बाइक लेने के बाद वह घर लौट रहे थे। एलए होटल के सामने एक सफेद इनोवा ने उन्हें ओवरटेक किया। गाड़ी को तिरछा लगाकर उन्हें रोका गया। कार से तीन युवक उतरे और खुद को सेल्स टैक्स ऑफिसर बताते हुए सराफ का बैग चेक करने लगे। फिर दोनों से कहा कि कार में बैठो।
विज्ञापन
सराफ ने शक होने पर विरोध किया तो मारपीट करते हुए दोनों को गाड़ी की पिछली सीट पर डाल दिया गया। बदमाशों ने उनके मुंह और आंखों पर टेप लगा दिया। हाथ-पैर भी टेप से बांध दिए। सराफ ने कार के दरवाजे में टांग फंसाने की कोशिश की तो उनके सिर पर कुछ भारी चीज मारी, जिससे घाव हो गया। फिर उनकी पैंट उतारकर तलाशी लेने लगे। सराफ के मुताबिक उनके पास काले रंग का बैग था, जिसमें कुछ जेवर, दो मोबाइल और नगदी थी जिसे बदमाशों ने लूट लिया। उसके बाद बड़ा बाईपास पर मुड़िया अहमदनगर में छोड़ दिया। वहां सराफ ने टेप खोलकर राहगीरों की मदद से पुलिस को खबर दी। जिसके बाद वायरलेस करके सर्च अभियान चलाया, लेकिन बदमाशों का सुराग नहीं लगा।
विज्ञापन
सीसी कैमरा में नजर आई सराफ की बाइक
बृहस्पतिवार को एसपी क्राइम रमेश भारतीय ने सराफ मनोज से पूछताछ की। पुलिस को एक सीसी फुटेज भी मिला है, जिसमें सराफ बाइक पर जाते हुए नजर आए हैं, लेकिन संदिग्ध इनोवा कार नहीं दिखी है। सराफ की माने तो सटीक मुखबिरी से लूट अंजाम दी गई है।
17 लाख की लूट करने वाले गिरोह का हाथ
अमृतसर के सराफ हरविंदर सिंह के साथ भी सिविल लाइन में इनोवा कार सवार बदमाशों ने ऐसे ही सत्रह लाख की लूट अंजाम दी थी। पुलिस दोनों वारदातों के पीछे एक ही गिरोह का हाथ मान रही है। एसपी सिटी रोहित सिंह ने कोतवाली पुलिस की एक टीम गठित कर वारदात खोलने का लक्ष्य दिया है।
वारदात करने वाले गिरोह को लेकर कुछ अहम बातें सामने आईं हैं। क्राइम ब्रांच और कोतवाली पुलिस को लगाया गया है। जल्द बदमाशों को पकड़ लिया जाएगा। - रोहित सिंह सजवाण, एसपी सिटी