फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Fake recovery gang wire of CMO office associated with Kotwali

कोतवाली से जुड़े सीएमओ कार्यालय की फर्जी वसूली गैंग के तार

Mon, 10 Aug 2020 02:08 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 10 Aug 2020 02:08 AM IST
विज्ञापन
Fake recovery gang wire of CMO office associated with Kotwali
अपराध - फोटो : अमर उजाला

जानकारी के मुताबिक गैंग के सरगना की कॉल पर कोतवाली से भेजा जाता था होमगार्ड

विज्ञापन
बरेली। सीएमओ कार्यालय की फर्जी मुहर और हस्ताक्षर से वसूली करने वाली गैंग के तार कोतवाली से जुड़ते जा रहे हैं। बताया जाता है कि गैंग के सरगना की कॉल पर कोतवाली से एक होमगार्ड को सीएमओ कार्यालय भेजा जाता था। चल रही जांच में यह मामला संज्ञान में आते ही महकमे में खलबली मची हुई है। ऑन रिकॉर्ड महज दो माह तक ही होमगार्ड की ड्यूटी लगी थी, मगर बीते दो साल से वह सीएमओ कार्यालय आखिर कैसे आता रहा।
फर्जी रजिस्ट्रेशन और झोलाछापों को फर्जी नोटिस थमाने के प्रकरण में बीते दिनों वसूली करने वाली गैंग के वीडियो वायरल हुए थे। जिसमें एक होमगार्ड भी साफ दिखाई दे रहा है। बताया जाता है कि यह वही होमगार्ड है जो भोजीपुरा का रहने वाला है और जिसकी ड्यूटी कोतवाली से लगाई जाती रही है। साथ ही बताया जाता है कि यही होमगार्ड फर्जीवाड़ा में वसूली की रकम बढ़ाने और वर्दी का रौब दिखाकर फर्जीवाड़ा को अंजाम देता था। हालांकि, अब जैसे-जैसे गैंग में शामिल लोगों की पहचान होती जा रही है, ठीक वैसे ही इस गैंगे के सरगना के पकड़े जाने की उम्मीद भी बढ़ती जा रही है। होमगार्ड की अब पहचान हो सकी है इससे पहले गैंग में शामिल एक मुरादाबाद के रहने वाले व्यक्ति की भी पहचान हुई है। जो सीएमओ कार्यालय में ही बीते दो साल तक आता जाता रहा है और उसकी फोटो और नाम से फर्जी फार्मासिस्ट का आईडी कार्ड भी सीएमओ की मुहर और हस्ताक्षर से बनाया गया है।
विज्ञापन

सवाल: कौन और क्यों बुलाता था होमगार्ड

पड़ताल में पता चला है कि भोजीपुरा के रहने वाले होमगार्ड की ड्यूटी सीएमओ कार्यालय में बीते दो माह में ही लगाई गई थी। जून और जुलाई से पहले मई में भी बीच बीच में बुलाया जाता रहा है। मगर बीते करीब दो सालों तक वह सीएमओ कार्यालय में आता जाता रहा। रिकॉर्ड के मुताबिक होमगार्ड की ड्यूटी जुलाई में सीएमओ कार्यालय में लगाई गई है। हैरत यह कि वह 16 जुलाई से सीएमओ कार्यालय में नजर ही नहीं आ रहा। ऐसे में आखिर अब वह कहां है, इस बारे में जांच अधिकारी कोतवाली इंस्पेक्टर से भी जानकारी लेंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed