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गेहूं केंद्रों पर फर्जी खरीद, आरएफसी आरएमओ फंसे, अब होगी निगरानी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Fri, 11 May 2018 07:02 PM IST
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फर्जी गेहूं खरीद में संभागीय खाद्य अधिकारी (आरएफसी) और संभागीय विपणन अधिकारी (आरएमओ) फंस गए हैं, इन पदों पर इसी सप्ताह नई तैनाती होगी। इस कार्रवाई से विभाग में अफरातफरी है।
17 दिन पहले अप्रैल में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ शाहजहांपुर आए थे। उन्हें गेहूं खरीद में मनमानी और सिस्टम पर बिचौलिए हावी होने और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलने आदि शिकायतें मिली थीं। क्रय केंद्राें पर खुले में बड़ी मात्रा में गेहूं स्टाक मिला था। इन सभी मामलों में सीए ने तीखी नाराजगी जताते हुए कार्रवाई को कहा था।
खाद्य विभाग और शासन से अफसरों ने इसकी रिपोर्ट तैयार कराई। इसमें आरएफ शिवेंद्र सिंह, आरएमओ अशोक कुमार पाल, शाहजहांपुर के एडीएम वित्त, डिप्टी आरएमओ और विपणन निरीक्षक दोषी पाए गए। विपणन निरीक्षकों ने निलंबित कर दिया है। अब बड़ों पर गाज गिरना तय है। बताया जाता है कि इसी सप्ताह नए अफसर तैनात हो जाएंगे। बता दें, बरेली मंडल में ज्यादातर केंद्रों पर दलालों, आढ़ती आदि के माध्यम से जमकर खरीद हो रही है। असली किसानों को सरकारी खरीद का कोई फायदा नहीं हो पा रहा है। उधर, कमिश्नर और अन्य वरिष्ठ अफसर पिछले वर्ष हुई खरीद से तुलना कर अपनी पीठ ठोंक रहे हैं।
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अधिक तौल वाले केंद्रों पर लगेंगे अतिरिक्त कांटे
सीएम की सख्ती के बाद खाद्य विभाग ने सिस्टम पर हावी बिचौलियों से निपटने के लिए एक कांटा पर तीन सौ क्विंटल से ज्यादा तौल नहीं करने का फैसला किया। खाद्य आयुक्त आलोक कुमार ने परिपत्र जारी कर कहा कि जिन केंद्रों पर तीन सौ से अधिक तौल हो रही वहां अतिरिक्त कांटे लगाए जाएं। ऐसा नहीं करने पर केंद्र प्रभारी और क्रय एजेंसी पर सीधी कार्रवाई सुनिश्चित हो। निर्देश हैं कि सभी नोडल अधिकारियों से केंद्रों का नियमित निरीक्षण कराया जाए। साथ ही किसानों का सैंपल भौतिक सत्यापन किया जाए। उन्होंने कहा है कि किसानों से फीड बैक भी लिया जाए।
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17 दिन पहले अप्रैल में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ शाहजहांपुर आए थे। उन्हें गेहूं खरीद में मनमानी और सिस्टम पर बिचौलिए हावी होने और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलने आदि शिकायतें मिली थीं। क्रय केंद्राें पर खुले में बड़ी मात्रा में गेहूं स्टाक मिला था। इन सभी मामलों में सीए ने तीखी नाराजगी जताते हुए कार्रवाई को कहा था।
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खाद्य विभाग और शासन से अफसरों ने इसकी रिपोर्ट तैयार कराई। इसमें आरएफ शिवेंद्र सिंह, आरएमओ अशोक कुमार पाल, शाहजहांपुर के एडीएम वित्त, डिप्टी आरएमओ और विपणन निरीक्षक दोषी पाए गए। विपणन निरीक्षकों ने निलंबित कर दिया है। अब बड़ों पर गाज गिरना तय है। बताया जाता है कि इसी सप्ताह नए अफसर तैनात हो जाएंगे। बता दें, बरेली मंडल में ज्यादातर केंद्रों पर दलालों, आढ़ती आदि के माध्यम से जमकर खरीद हो रही है। असली किसानों को सरकारी खरीद का कोई फायदा नहीं हो पा रहा है। उधर, कमिश्नर और अन्य वरिष्ठ अफसर पिछले वर्ष हुई खरीद से तुलना कर अपनी पीठ ठोंक रहे हैं।
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अधिक तौल वाले केंद्रों पर लगेंगे अतिरिक्त कांटे
सीएम की सख्ती के बाद खाद्य विभाग ने सिस्टम पर हावी बिचौलियों से निपटने के लिए एक कांटा पर तीन सौ क्विंटल से ज्यादा तौल नहीं करने का फैसला किया। खाद्य आयुक्त आलोक कुमार ने परिपत्र जारी कर कहा कि जिन केंद्रों पर तीन सौ से अधिक तौल हो रही वहां अतिरिक्त कांटे लगाए जाएं। ऐसा नहीं करने पर केंद्र प्रभारी और क्रय एजेंसी पर सीधी कार्रवाई सुनिश्चित हो। निर्देश हैं कि सभी नोडल अधिकारियों से केंद्रों का नियमित निरीक्षण कराया जाए। साथ ही किसानों का सैंपल भौतिक सत्यापन किया जाए। उन्होंने कहा है कि किसानों से फीड बैक भी लिया जाए।