Honey Trap: लोगों को जाल में फंसाती थीं युवतियां, फिर होता था लूट का खेल, गैंग में लुटेरी दुल्हन भी शामिल
बरेली में पुलिस ने हनी ट्रैप गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना और दो युवतियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने निजी बैंक के फील्ड ऑफिसर को अपने जाल में फंसाकर एप से रकम ट्रांसफर करा ली थी। इस गिरोह में लुटेरी दुल्हन भी शामिल है। अन्य आरोपियों के बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है।
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बरेली में हनी ट्रैप मामले में बारादरी पुलिस ने नकली दरोगा बब्बू अंसारी समेत दोनों युवतियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने निजी बैंक के फील्ड ऑफिसर को झांसे में लेकर एप से रकम ट्रांसफर करा ली थी। बदायूं व शाहजहांपुर निवासी दो आरोपियों की तलाश की जा रही है। चार और महिलाएं गैंग में बताई जा रही हैं।
पीड़ित ने रविवार को बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लोन की वजह से संपर्क में आई गुड़िया उर्फ नेहा ने उससे लिफ्ट मांगी थी। उसे सहेली अलीशा के कमरे पर ले गई। वहां दोनों उसके साथ हरकतें करने लगीं। तभी पुलिस की वर्दी में आए दो युवक उनकी पिटाई करने लगे। आरोपियों ने तमंचा सटाकर दो लाख रुपये रंगदारी मांगी। रकम न होने पर पासवर्ड पूछकर एप से 25 हजार रुपये अलीशा के खाते में डाल लिए।
पीड़ित की शिकायत पर बारादरी इंस्पेक्टर अमित पांडेय ने आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली। गुड़िया उर्फ नेहा निवासी कटरा चांद खां, अलीशा व बबलू निवासी गौटिया से पूछताछ की जा रही है। आरोपियों के साथी बदायूं निवासी पंकज व शाहजहांपुर के सिंधौली निवासी जुबैर भाग निकले। उन पर भी रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पुवायां के ईंट भट्ठा व्यवसायी पर करा चुकी है रिपोर्ट
इंस्पेक्टर अमित पांडेय के मुताबिक गिरोह में महिला-पुरुष कई सदस्य हैं, जो बरेली के अलावा बदायूं व शाहजहांपुर से जुड़े हैं। बब्बू इनका सरगना है। उसके खिलाफ बरेली व शाहजहांपुर में नौ मामले दर्ज हैं। शाहजहांपुर के कटरा, सदर व तिलहर थाने में दुष्कर्म के मामले प्रमुख हैं। गिरोह की सदस्य अलीशा ने वर्ष 2022 में शाहजहांपुर के सिंधौली थाने में एक भट्ठा मालिक के खिलाफ नौकरी के नाम पर शारीरिक शोषण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
लुटेरी दुल्हन बनकर करती है ठगी
पुलिस की जांच में सामने आया कि इस गिरोह में लुटेरी दुल्हन भी है। गिरोह के सदस्य ऐसे लोगों को तलाशते हैं, जिनकी शादी नहीं हो रही होती है। ये लोग पहले उनकी शादी कराने का आश्वासन देकर उनसे रुपये ऐंठते हैं। फिर शादी के बाद दुल्हन कोई आरोप लगाकर या फिर लोगों को नशा देकर नकदी व जेवर समेटकर भाग निकलती है। गिरोह की सदस्यों के खिलाफ ऐसी ही रिपोर्ट शाहजहांपुर के तिलहर थाने में दर्ज है।
डॉ. अमरेंद्र की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी मधु उर्फ ममता को सुभाषनगर पुलिस ने जेल भेज दिया है। उसकी चार महीने की बच्ची भी उसके साथ भेजी गई है। सूत्र बताते हैं कि ममता ने ही योजनाबद्ध तरीके से टीम बनाकर डॉ. अमरेंद्र चौहान को फंसवाया था। दो और लोग अभी इस मामले में फरार हैं।
नए गिरोह भी सक्रिय
पुलिस की जांच में पता लगा है कि हनी ट्रैप के नए गिरोह सक्रिय हो गए हैं। जल्दी रईस होने के लिए गुर्गे ऐसे शिकार फंसा रहे हैं जो अमीर हों और कार्रवाई के डर से तुरंत रकम दे दें। पीलीभीत के एसओ राजेंद्र सोलंकी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के बाद हनी ट्रैप गिरोह की परतें खुलनी शुरू हुई थीं। पता लगा कि यह गिरोह कई पुलिसकर्मियों और बड़े लोगों को फंसाकर उनके खाते खाली करा चुका है। इस गिरोह पर कार्रवाई के बाद कुछ समय खामोशी रही। अब नए गिरोह पनप गए हैं जो बड़े शिकार फंसा रहे हैं।
एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि बारादरी थाने में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। गिरोह के शिकार और लोग सामने आए तो धाराएं बढ़ाने और नए आरोपियों को शामिल करने का काम किया जाएगा। सुभाषनगर के हनी ट्रैप मामले में भी सभी आरोपी जेल भेजे जाएंगे।