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परीक्षा: निगरानी में अड़चन, विश्वविद्यालय का कंट्रोल रूम भी नहीं बन सका हाईटेक
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MJP Rohilkhand university
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महाविद्यालयों में नकल रोकने के लिए कंट्रोल रूम से निगरानी की थी तैयारी
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सचल दल के निरीक्षण में लगातार मिल रही हैं महाविद्यालयों में गड़बड़ियां
बरेली। अबकी बार परीक्षा के दौरान महाविद्यालयों की गतिविधियों पर विश्वविद्यालय से ही नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम को हाईटेक बनाया जाना था, लेकिन कोरोना के चलते ऐसा नहीं हो सका। उधर, सचल दल जहां भी निगरानी को पहुंच रहा है, वहां महाविद्यालयों में गड़बड़ियां मिल रही हैं। आशंका है कि साढ़े तीन सौ से ज्यादा कॉलेजों में हो रही परीक्षा में कई महाविद्यालयों में निगरानी की बेहद जरूरत है।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षाओं में कई तरह की कमियां लगातार सामने आ रही हैं। कई महाविद्यालयों में नकल रोकने के लिए स्ट्रॉन्ग रूम ही नहीं बनाए गए हैं, तो कई में सीसीटीवी कैमरे खराब हैं। कुछ जगह बंद कर रखे हैं। सचल दल के निरीक्षण में लगातार इस तरह की खामियां मिल रही हैं। कई जगह परिसर में फेंकी गई नकल सामग्री भी पकड़ी जा चुकी है। विश्वविद्यालय परिसर में हाईटेक कंट्रोल रूम न होने से नकलविहीन परीक्षा कराने की मंशा पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।
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विश्वविद्यालय के सचल दल ने 20 जुलाई को बिजनौर और मुरादाबाद के महाविद्यालयों में निरीक्षण किया था। यहां दो महाविद्यालयों में स्ट्रॉन्ग और कंट्रोल रूम नहीं बने थे। 23 जुलाई को मिर्जापुर, शाहजहांपुर के दो महाविद्यालयों में नकल पकड़ी थी। यहां के एक महाविद्यालय में भी कंट्रोल रूम काम नहीं कर रहा था। सीसीटीवी कैमरे खराब थे। सचल दल ने रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंप दी है।
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ऑनलाइन निगरानी की थी पूरी तैयारी
अबकी बार विश्वविद्यालय ने कंट्रोल रूम को हाईटेक यानी मॉडर्न करने की तैयारी की थी। इसके लिए एक कक्ष में कई बड़े मॉनीटर लगाने की तैयारी थी। परीक्षा नियंत्रक के कक्ष में भी एक मॉनीटर लगाया गया था। हालांकि, बाद में इसे हटा दिया गया। इस कंट्रोल रूम से सभी महाविद्यालयों में हो रही परीक्षा की निगरानी की जानी थी, लेकिन इस बार यह कंट्रोल रूम विकसित नहीं किया जा सका।
सचल दल ने फिर पकड़ा एक नकलची
मुख्य परीक्षा में बुधवार को एक कॉलेज में दूसरी पाली की परीक्षा के दौरान नकलची पकड़ा गया। उसे यूएफएम में बुक कर दिया गया है। मीडिया प्रभारी डॉ. अमित सिंह की ओर से जारी रिपोर्ट के तहत बुधवार को तीनों पािलयों में 32843 परीक्षार्थी उपस्थित और 1056 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में ही सर्वाधिक 669 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
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सचल दल के निरीक्षण में लगातार मिल रही हैं महाविद्यालयों में गड़बड़ियां बरेली। अबकी बार परीक्षा के दौरान महाविद्यालयों की गतिविधियों पर विश्वविद्यालय से ही नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम को हाईटेक बनाया जाना था, लेकिन कोरोना के चलते ऐसा नहीं हो सका। उधर, सचल दल जहां भी निगरानी को पहुंच रहा है, वहां महाविद्यालयों में गड़बड़ियां मिल रही हैं। आशंका है कि साढ़े तीन सौ से ज्यादा कॉलेजों में हो रही परीक्षा में कई महाविद्यालयों में निगरानी की बेहद जरूरत है।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षाओं में कई तरह की कमियां लगातार सामने आ रही हैं। कई महाविद्यालयों में नकल रोकने के लिए स्ट्रॉन्ग रूम ही नहीं बनाए गए हैं, तो कई में सीसीटीवी कैमरे खराब हैं। कुछ जगह बंद कर रखे हैं। सचल दल के निरीक्षण में लगातार इस तरह की खामियां मिल रही हैं। कई जगह परिसर में फेंकी गई नकल सामग्री भी पकड़ी जा चुकी है। विश्वविद्यालय परिसर में हाईटेक कंट्रोल रूम न होने से नकलविहीन परीक्षा कराने की मंशा पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।
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विश्वविद्यालय के सचल दल ने 20 जुलाई को बिजनौर और मुरादाबाद के महाविद्यालयों में निरीक्षण किया था। यहां दो महाविद्यालयों में स्ट्रॉन्ग और कंट्रोल रूम नहीं बने थे। 23 जुलाई को मिर्जापुर, शाहजहांपुर के दो महाविद्यालयों में नकल पकड़ी थी। यहां के एक महाविद्यालय में भी कंट्रोल रूम काम नहीं कर रहा था। सीसीटीवी कैमरे खराब थे। सचल दल ने रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंप दी है।
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