Bareilly: पुरानी पेंशन के लिए बुलंद की आवाज, कर्मचारी बोले- मांग पूरी नहीं हुई तो लखनऊ में करेंगे प्रदर्शन
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कहा कि अगर पुरानी पेंशन स्कीम के बारे में सरकार ध्यान नहीं देती है तो जनवरी 2024 में उत्तर प्रदेश के तमाम कर्मचारी और शिक्षक लखनऊ में विधानसभा भवन के बाहर जुटेंगे और प्रदर्शन करेंगे।
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बरेली में विभिन्न कर्मचारी संगठनों की संयुक्त संघर्ष संचालन समिति की ओर से सिंचाई विभाग के परिसर में मंगलवार को कर्मचारियों ने एक बार फिर पुरानी पेंशन स्कीम के लिए आवाज बुलंद की। कर्मचारियों ने नारे लगाते हुए कहा कि पुरानी पेंशन उनका हक है, बुढ़ापे का सहारा है।
संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष आशीष कुमार गंगवार ने बताया कि अगर पुरानी पेंशन स्कीम के बारे में सरकार ध्यान नहीं देती है तो जनवरी 2024 में उत्तर प्रदेश के तमाम कर्मचारी और शिक्षक लखनऊ में विधानसभा भवन के बाहर जुटेंगे और प्रदर्शन करेंगे।
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धरना स्थल पर कर्मचारियों को संबोधित करते हुए विकास भवन कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष हरीश गंगवार ने कहा कि पुरानी पेंशन स्कीम जीवन यापन के लिए सहारा है। रोडवेज एंप्लाइज यूनियन के रविंद्र पांडे ने कहा कि पुरानी पेंशन में कोई संशोधन बर्दाश्त नहीं है।
निजीकरण बंद करने की भी मांग उठाई
धरना प्रदर्शन में शामिल विनीत सक्सेना ने संविदा कर्मचारियों की भर्ती पर रोक लगाने की मांग उठाई और निजीकरण बंद करने की वकालत की। गुल्मसर फातिमा कहा कि वे 2025 में सेवानिवृत होने वाली हैं। नई पेंशन स्कीम में पेंशन बहुत कम है, परिवार कैसे चलेगा। अब्बास अली ने बताया कि वह नई पेंशन स्कीम के अंतर्गत सेवानिवृत हुए। उन्हें 1632 रुपये पेंशन मिल रही है। सरकार ही बताए इतने में परिवार कैसे चलेगा।
धरना प्रदर्शन में गोविंद कुमार गंगवार, निर्भय सिंह , नेहा सक्सेना, आजाद, रामकुमार उपाध्याय, अक्षय कुमार, नेत्रपाल, सुनील कुमार, कमलेंद्र सिंह ज्ञानेंद्र, नाथ शुक्ला, मोहम्मद इरफान, गौरव मिश्रा, विकास बाबू, विक्की बाबू, मनोज कुमार वाल्मीकि, कपिल गंगवार, भारत पटेल आदि शामिल हुए।