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25 लाख का गबन किया और तमंचा रखने में जेल गया, रिमांड की तैयारी
Sun, 12 May 2019 03:44 AM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 12 May 2019 03:44 AM IST
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एसबीआई के एटीएम में कैश डालने वाली कंपनी ब्रिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का एक कर्मचारी नटवरलाल निकला। उसने अपने दो साथियों के साथ कैंट के दो एटीएम से 25 लाख से ज्यादा की रकम निकाल ली।
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अपने गुनाह को छिपाने के लिए तमंचा बरामद करवाकर इज्जतनगर थाने से जेल चला गया लेकिन बाकी दो आरोपियों की गिरफ्तारी से उसका यह भेद खुल गया। अब पुलिस उसे रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।
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स्टेट बैंक की एटीएम मशीनों में कैश आपूर्ति पूरी करने वाली कंपनी ब्रिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के एरिया मैनेजर सत्य प्रकाश सिंह ने अपने ही दो कर्मचारियों संदीप और सुनील समेत तीन के खिलाफ कैंट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। संदीप इज्जतनगर क्षेत्र के गांव तुलाशेरपुर तो सुनील पीलीभीत में जहानाबाद के गांव गहलुइया आबूडांडी का रहने वाला है।
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इन दोनों के साथ इनके दोस्त कैंट के भरतौल निवासी अजय कुमार को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार बुखारा मोड़ आईटीबीपी कैंप के एटीएम से 19 लाख 11 हजार 500 रुपये गायब हैं। इन एटीएम में कैश डालने की जिम्मेदारी संदीप और सुनील की थी। कैंट इंस्पेक्टर अशोक पाल ने तीनों की तलाश में दबिश देकर संदीप और अजय को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों से पूछताछ में पता लगा कि असली आरोपी सुनील कटियार है, जो किसी अन्य मामले में जेल चला गया। कैंट पुलिस ने जब इज्जतनगर पुलिस से संपर्क किया तो सारा खेल सामने आ गया। दरअसल एक मई से पांच मई के बीच फ्रॉड हुआ। छह मई को जब एसबीआई और संबंधित एजेंसी ने पता लगने पर खोजने की कोशिश की।
तब छह मई की रात सुनील तमंचा लेकर इज्जतनगर की बैरियर टू चौकी के पास टहलने लगा। दरोगा सुनील भारद्वाज ने उसे संदिग्ध मानकर तलाशी ली तो तमंचा मिल गया। उन्होंने रिपोर्ट लिखकर अगले दिन उसे जेल भेज दिया। शायद सुनील की साजिश छोटे मामले में फंसकर बड़े गबन के आरोप से मुक्त होने की थी पर अब वो फंस गया है।
सदर बाजार एटीएम से भी छह लाख कैश गायब
गबन का मामला पकड़ने के बाद जब बैंक ने संबंधित एजेंसी के दूसरे एटीएम खंगाले तो कैंट सदर बाजार के एटीएम से भी छह लाख कैश कम मिला है। इसे भी यही लोग ऑपरेट करते थे। सुनील के गायब होने के बाद से उसका कोड भी बंद था, जिससे एटीएम का कैश बॉक्स खुलता है। हेड क्वार्टर से लिखापढ़ी के बाद कोड निकलवाकर एटीएम खुलवाया तो नई धोखाधड़ी सामने आई।
कैंट इंस्पेक्टर ने बताया कि एजेंसी एसबीआई के 13 एटीएम में कैश डालती है। इनमें से 11 एटीएम में सीसीटीवी कैमरे और गार्ड हैं। सैन्य क्षेत्र के बुखारा और सदर बाजार में न तो कैमरे और न ही गार्ड हैं। आरोपियों ने सोच समझकर प्लानिंग के साथ फर्जीवाड़ा किया।