Bareilly News: घर में अकेली बुजुर्ग महिला की हत्या, रसोई के पास खून से लथपथ मिला शव
बरेली के कोहाड़ापीर में बुजुर्ग महिला की हत्या कर दी गई। उनका शव घर की रसोई में पड़ा मिला। महिला घर पर अकेली रहती थी। उनके दत्तक पुत्र ने किसी भी रंजिश से इनकार किया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अफसय के पिता मोइन खान का निधन हो चुका है। शादी के बाद से अफसय पत्नी के साथ मां से अलग लल्ला मार्केट में रह रहे हैं। कोहाड़ापीर के उनके पुराने घर में नीचे दुकानें हैं और ऊपरी मंजिल पर मां फरीदा अकेली रहती थीं। अफसय के मुताबिक, मंगलवार शाम वह पांच बजे मां को चाय देकर आए। दोबारा पौने सात बजे खाना लेकर पहुंचे। तब उन्होंने जीने का दरवाजा खुला पाया और कमरे में सामान बिखरा पड़ा था। अंदर रसोई के पास मां का शव पड़ा था।
रसोई के पास मिला शव
फरीदा के हाथ में कुरआन शरीफ थी और चश्मा भी लगा था। माना जा रहा है कि हमलावरों से बचने के लिए वह कमरे से रसोई की तरफ दौड़ीं, वहीं उन पर हमला कर दिया गया। वहीं पुलिस यह भी मान रही है कि हत्या को हादसे का रूप देने की कोशिश में शव रसोई के पास लाकर डाला गया।
सूचना पर एसपी सिटी राहुल भाटी, सीओ प्रथम श्वेता यादव और इंस्पेक्टर प्रेमनगर राजेश सिंह भी पहुंचे। पुलिस वारदात की वजह संपत्ति विवाद मान रही है।घटना में लूट की गुंजाइश दूर तक नहीं दिखी लेकिन किसी ने फुर्सत से कमरे में रखे सामान को खंगाला जरूर था। पुलिस को किसी करीबी पर वारदात का शक है।
कोई कीमती सामान नहीं हुआ चोरी
घर के जिस कमरे में फरीदा बेगम रहती थीं, उसमें सामान बिखरा पड़ा था। अलमारियों को भी खंगाला गया था। बेड का गद्दा अस्त-व्यस्त था। घनी बस्ती में किसी ने कोई आवाज भी नहीं सुनी। सिर पर वजनदार चीज से हत्या के बाद इसे हादसा बनाने के लिए हाथ में कुरआन देने के साथ सिर पर नजर का चश्मा लगाया गया होगा। कमरे का सामान भले बिखरा था, लेकिन कोई कीमती सामान चोरी नहीं हुआ। फरीदा के कानों के कुंडल भी सही सलामत थे।
ऐसे में आशंका है कि अगर हत्या की गई है तो कातिल कोई करीबी रहा होगा। पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि शायद उनका कोई करीबी संपत्ति या वसीयत आदि के कागजात खंगालने आया हो। मामले में अभी तहरीर नहीं दी गई है। घटना को लेकर इलाके में कई तरह की चर्चाएं भी चल रही हैं। बेहद संकरी गली में फरीदा का घर है और घर जाने के लिए जीना भी संकरा है। जीने के एकदम सामने पड़ोसी के मकान का दरवाजा है।
छह माह की उम्र में अफसय को लिया था गोद
फरीदा के कोई संतान नहीं थी। उन्होंने अफसय को तब गोद लिया था जब वह छह माह के थे। अफक्षय रोज सुबह मां को नाश्ता दोपहर और शाम को खाना देने आते थे। फरीदा हृदय रोगी थीं। उनकी करीब दो साल पहले बाईपास सर्जरी हो चुकी है। फरीदा के पास काफी संपत्ति है। कुछ संपत्ति वह मस्जिद के लिए दान कर चुकी हैं। ऐसे में शक की सुई करीबियों की ओर ही घूमती दिख रही है।
एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि सभी पहलुओं पर पड़ताल की जा रही है। फोरेंसिक टीम ने भी मुआयना किया है। प्रारंभिक जांच में चोरी या लूट जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। मृतका का दत्तक पुत्र हत्या का आरोप लगा रहा है। पोस्टमार्टम से मौत की वजह साफ हो जाएगी। तहरीर आने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।