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Bareilly News: शिक्षण संस्थान अपने आसपास के जल स्रोतों को लें गोद

Sat, 23 Mar 2024 05:10 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Sat, 23 Mar 2024 05:10 PM IST
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Educational institutions should adopt the water sources around them
बरेली। विश्व जल दिवस के अवसर पर इन्वर्टिस विश्वविद्यालय पहुंचे नीति आयोग के उपसचिव डॉ. आशीष पांडा ने कहा कि जिले में सैकड़ों शिक्षण संस्थान हैं। इसमें से सभी अगर अपने आसपास की नदियों, तालाब या जल स्रोतों को गोद ले लें तो एक समय बाद बड़े स्तर पर सुधार देखा जा सकता है। इसके माध्यम से लोगों को जागरूक करने में विद्यार्थियों का भी बड़ा योगदान साबित होगा।
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डॉ. आशीष ने कहा कि बारिश का पानी भी भूगर्भ तक नहीं पहुंच पा रहा है। हमें भूमि की जल धारण करने की क्षमता बढ़ाने की जरूरत है। बताया कि पानी को पांच से छह बार ट्रीट करके इस्तेमाल किया जा सकता है। पेड़ों की संख्या बढ़ाई जाएगी तो जल स्तर में सुधार होगा। वहीं दूषित हो रही जिले की नदियों को लेकर उन्होंने कहा कि आबादी बढ़ने का प्रभाव नदियों के पास भी दिख रहा है। जिले के कई क्षेत्रों में भूजल स्तर कम होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि भूजल स्तर कम होने की समस्या दुनियाभर में हो रही है। इसके पीछे की वजह आबादी में वृद्धि और भूजल दोहन है। उन्होंने कहा कि हरा भरा रहने के लिए नीला (पानी) बहुत जरूरी है। सरकार की ओर से सुधार के लिए जल जीवन मिशन, अमृत सरोवर जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि स्थितियां जिस तरह से बदल रही हैं ऐेसे में टोल टैक्स की तरह साफ पानी के लिए भी अतिरिक्त व्यय करने के लिए तैयार रहना होगा।
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