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Bareilly News: मेरठ में भंडाफोड़ होने पर शिक्षा माफिया ने बरेली में शुरू कर दिया था धंधा

Thu, 30 Mar 2023 01:18 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 30 Mar 2023 01:18 AM IST
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Education mafia had started business in Bareilly after being busted in Meerut
बरेली। भोजीपुरा औद्योगिक क्षेत्र में एनसीईआरटी की नकली किताबें छापने का धंधा काफी समय से चल रहा था। यहां से किताबों की सप्लाई यूपी के साथ पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में भी की जाती थी। 2020 में मेरठ में भंडाफोड़ होने के बाद शिक्षा माफिया अवनीश मित्तल ने टाइल्स कारोबारी के साथ साझेदारी में एनसीईआरटी की नकली किताबें छापने का धंधा बरेली में शुरू कर दिया था। मामले में बरेली का टाइल्स कारोबारी राजीव गुप्ता और मेरठ निवासी नफीस को जेल भेजा जा चुका है। अन्य की तलाश में बरेली पुलिस की दो टीमें मेरठ में डेरा डाले हैं।
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मेरठ निवासी एक पूर्व विधायक का पीए शिक्षा माफिया अवनीश मित्तल इससे पहले मेरठ में एनसीईआरटी की नकली किताबों का धंधा करता था। किताबें हापुड़ में छापने के बाद मेरठ के परतापुर से सप्लाई की जाती थीं। 2020 में यहां करीब 35 करोड़ रुपये की किताबें बरामद की गई थीं। शिक्षा माफिया उस समय राजनीतिक संबंधों के दम पर बच निकला। मेरठ में भंडाफोड़ हुआ तो उसने बरेली का रुख कर लिया। बरेली में भी पुलिस ने पहले इस मामले को निपटाने की कोशिश की, लेकिन बाद में एसएसपी प्रभाकर चौधरी के आदेश पर मेरठ निवासी शिक्षा माफिया अवनीश मित्तल, पीयूष कंसल, सोनू गुप्ता, सचिन गुप्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की ली। फिलहाल फरार आरोपियों की तलाश में बरेली पुलिस की दो टीमें मेरठ में हैं। माफिया अवनीश मित्तल की गिरफ्तारी के बाद धंधे से जुड़े कुछ और लोगों के नाम भी प्रकाश में आने की बात कही जा रही है।
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शहर के चर्चित बुक डिपो और कई स्कूल भी धंधे में शामिल
बरेली। एनसीईआरटी की असली किताबें बेचने पर बुक सेलर को करीब 15 प्रतिशत कमीशन मिलता है, लेकिन नकली किताबें बेचने पर कमीशन 50 प्रतिशत तक पहुंच जाता है। लंबे समय से बरेली में चल रहे एनसीईआरटी की नकली किताबें के धंधे में शहर के कई चर्चित बुक सेलर और स्कूलों के भी शामिल होने का शक है। स्कूल भी दाखिले के समय किताबों के पर्चे के साथ बुक डिपो का भी नाम देते हैं। अभिभावकों को इन्हीं बुक डिपो से किताबें खरीदना भी अनिवार्य होती हैं।
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वर्जन-
एनसीईआरटी की नकली किताबें छापने के मामले में दो लोगों को जेल भेजा जा चुका है। मुख्य आरोपी की तलाश में पुलिस टीमें मेरठ में हैं। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कुछ और नाम प्रकाश में आने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता।
- राजकुमार अग्रवाल, एसपी देहात
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