अब 35 फीसदी नंबरों पर पास होंगे बीएससी कृषि के छात्र
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एमजेपी रुहेलखंड यूनिवर्सिटी ने बीएससी कृषि में पास होने के लिए न्यूनतम अंक 50 फीसदी से घटाकर 35 फीसदी कर दिए हैं। यह निर्णय बृहस्पतिवार को कृषि संकाय की बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में विशेषज्ञों ने लिया। साथ ही दो पेपरों में पांच अंकों का ग्रेस मार्क और दो विषयों में फेल परीक्षार्थियों के लिए बैक पेपर की व्यवस्था भी होगी। यह निर्णय बीते शैक्षिक सत्र 2014-15 से लागू कर दिया गया है। इसका लाभ कई कृषि महाविद्यालयों के उन सैकड़ों परीक्षार्थियों को मिल सकेगा, जो 35 फीसदी से ज्यादा लेकिन 50 फीसदी से कम अंक हासिल करके फेल हो गए थे।
बता दें कि फेल छात्र प्रदेश की दूसरी यूनिवर्सिटी की तरह पासिंग मार्क्स 33 या 35 फीसदी करने की मांग कर रहे थे। भुता स्थित चौधरी हरनाम सिंह महाविद्यालय के फेल हुए दो सौ से ज्यादा परीक्षार्थियों ने कई बार यूनिवर्सिटी पर प्रदर्शन भी किया था। प्राचार्य ने इसके लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन को प्रत्यावेदन देकर छात्र हित में पासिंग मार्क्स कम करने की मांग की थी। तब कुलपति ने बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक बुलाई। कृषि संकाय के चार अलग - अलग विषयों की संयुक्त बोर्ड ऑफ स्टडीज ने बीएससी में अनुत्तीर्ण होने पर परीक्षार्थियों के लिए बैक पेपर की सुविधा दो बार से बढ़ाकर तीन बार करने का निर्णय लिया है। बैठक में एग्रीकल्चर बाटनी विषय के संयोजक डॉ. एसएम पाल, कृषि रसायन के डॉ. चमन सिंह, पशुपालन एवं दुग्ध उद्योग के डॉ. रमाकांत और शस्य विज्ञान के संयोजक डॉ. राजेश कुमार तथा इन विषयों के चार-चार सदस्य भी मौजूद रहे। यह निर्णय इन विशेषज्ञों की कमेटी ने सर्वसम्मति से लिए हैं।
इंसेट...
पेपर का निर्धारण भी हुआ
बोर्ड ऑफ स्टडीज ने कृषि विषय के पेपर का निर्धारण भी नए सिरे से कर दिया है। अब परीक्षार्थियों को हर पेपर में 15-15 नंबर के छह में से तीन विस्तृत उत्तरीय प्रश्न हल करने होंगे। तीन-तीन नंबर के आठ लघु उत्तरीय प्रश्नों में से पांच करने होंगे और एक-एक नंबर के 10 वस्तुनिष्ठ प्रश्न हल करने होंगे। इस तरह प्रत्येक पेपर में 70 नंबर के सैद्धांतिक सवाल होंगे और प्रायोगिक के लिए अधिकतम 30 नंबर निर्धारित हुए हैं। हालांकि पास होने के लिए सैद्धांतिक और प्रायोगिक में से दोनों में अलग-अलग 35 फीसदी नंबर पाने अनिवार्य होंगे।