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इंडस्ट्री और मैनेजमेंट के कोर्स में बदलाव करेगा विश्वविद्यालय
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बरेली। इंडस्ट्री और व्यापार से जुड़े रुहेलखंड विश्वविद्यालय के तमाम कोर्स लंबे समय से बदलाव न होने के कारण विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित नहीं हो रहे हैं। इनमें वक्त के हिसाब से बदलाव की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसे देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने चार सदस्यीय टीम गठित की है, जो इन कोर्स का गहनता से अध्ययन करके कुलपति को बदलाव के बारे में अपनी रिपोर्ट देेगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन काफी समय से यह महसूस कर रहा था कि एमबीए, होटल प्रबंधन और उद्यम से जुड़े कोर्स बदलाव न होने से छात्रों का न तो समुचित विकास कर पा रहे हैं और न ही उन्हें अच्छे संस्थानों में नौकरी दिला पा रहे हैं। कुलपति प्रो. केपी सिंह ने इसे देखते हुए चार सदस्यीय टीम का गठन किया है। इसमें एमबीए विभाग की प्रो. तूलिका सक्सेना, विधि विभाग के डॉ. अशोक कुमार, सहायक लेखाधिकारी हरीश भट्ट और सहायक कुलसचिव आनंद मौर्य को शामिल किया गया है। समिति सदस्यों का कहना है कि विश्वविद्यालय के उन कोर्सों का समिति अध्ययन कर रही हैै, जिनमें तीन या उससे अधिक वर्ष से कोई बदलाव नहीं हुआ है।
समिति का कहना है कि हालांकि एमबीए में कुछ समय पहले कुछ बदलाव हुए थे लेकिन वे भी नाकाफी ही साबित हो रहे हैं। समिति इनका विस्तृत अध्ययन करके कोर्स में संशोधन करने की संस्तुति सहित आख्या कुलपति के पास भेजेेगी। संभावना जताई जा रही है कि विश्वविद्यालय की इस कवायद का अगले शैक्षिक सत्र की पढ़ाई में असर भी दिखाई देगा। समिति में शामिल प्रो. तूलिका सक्सेना का कहना समय की जरूरत के हिसाब से बदलाव के बाद इन कोर्स का छात्रों को भरपूर लाभ मिलेगा। उनका समुचित विकास होगा और उन्हें रोजगार के अच्छे अवसर भी मिल सकेेेेंगे।
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समिति की कई बार महत्वपूर्ण बैठकें हो चुकी है। समिति ने अप्रासंगिक हो चुके पाठ्यक्रमों का अध्ययन शुरू कर दिया है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर ही विश्वविद्यालय प्रशासन चुनिंदा कोर्स में बदलाव करेगा। - डॉ. अमित सिंह, मीडिया प्रभारी, रुहेलखंड विश्वविद्यालय
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विश्वविद्यालय प्रशासन काफी समय से यह महसूस कर रहा था कि एमबीए, होटल प्रबंधन और उद्यम से जुड़े कोर्स बदलाव न होने से छात्रों का न तो समुचित विकास कर पा रहे हैं और न ही उन्हें अच्छे संस्थानों में नौकरी दिला पा रहे हैं। कुलपति प्रो. केपी सिंह ने इसे देखते हुए चार सदस्यीय टीम का गठन किया है। इसमें एमबीए विभाग की प्रो. तूलिका सक्सेना, विधि विभाग के डॉ. अशोक कुमार, सहायक लेखाधिकारी हरीश भट्ट और सहायक कुलसचिव आनंद मौर्य को शामिल किया गया है। समिति सदस्यों का कहना है कि विश्वविद्यालय के उन कोर्सों का समिति अध्ययन कर रही हैै, जिनमें तीन या उससे अधिक वर्ष से कोई बदलाव नहीं हुआ है।
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समिति का कहना है कि हालांकि एमबीए में कुछ समय पहले कुछ बदलाव हुए थे लेकिन वे भी नाकाफी ही साबित हो रहे हैं। समिति इनका विस्तृत अध्ययन करके कोर्स में संशोधन करने की संस्तुति सहित आख्या कुलपति के पास भेजेेगी। संभावना जताई जा रही है कि विश्वविद्यालय की इस कवायद का अगले शैक्षिक सत्र की पढ़ाई में असर भी दिखाई देगा। समिति में शामिल प्रो. तूलिका सक्सेना का कहना समय की जरूरत के हिसाब से बदलाव के बाद इन कोर्स का छात्रों को भरपूर लाभ मिलेगा। उनका समुचित विकास होगा और उन्हें रोजगार के अच्छे अवसर भी मिल सकेेेेंगे।
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समिति की कई बार महत्वपूर्ण बैठकें हो चुकी है। समिति ने अप्रासंगिक हो चुके पाठ्यक्रमों का अध्ययन शुरू कर दिया है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर ही विश्वविद्यालय प्रशासन चुनिंदा कोर्स में बदलाव करेगा। - डॉ. अमित सिंह, मीडिया प्रभारी, रुहेलखंड विश्वविद्यालय