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अभिभावक और शिक्षक ही गढ़ते हैं विद्यार्थी का भविष्य
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अवंतीबाई कॉलेज में हुआ पुरातन छात्र एवं अभिभावक सम्मेलन
बरेली। किसी भी विद्यार्थी की सफलता के पीछे उनके अभिभावकों और उनके शिक्षकों का ही हाथ होता है। छात्र यदि लगनशील है तो उसे घर से लेकर शिक्षण संस्थान तक प्रोत्साहन और मार्गदर्शन मिलता है। यह बातें अवंतीबाई महिला महाविद्यालय में शुक्रवार को आयोजित पुरातन छात्र एवं अभिभावक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के दौरान प्राचार्या संध्या सक्सेना ने कहीं। कार्यक्रम में डॉ. संजय बरनवाल ने सभी अभिभावकों एवं पुरातन छात्राओं का स्वागत करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम महाविद्यालय एवं छात्र-छात्राओं के आपसी समायोजन को बढ़ाते हैं।
इस दौरान तबला वादक पद्मश्री मौरिस मैसी ने पुरातन छात्रा सुरबाला एवं डॉ. भूपेंद्र कुमार के साथ जुगलबंदी कर सुंदर गजलों की प्रस्तुति दी। छात्राओं के अभिभावकों में प्रवीण कुमार ने कहा कि बच्चों के भविष्य को उज्वल बनाने में शिक्षक का अहम योगदान है। पुरातन छात्राओं में सुरभि शुक्ला ने शिक्षकों को सूर्य के समान बताया। आयुषी पांडेय ने महिला महाविद्यालय में अनुशासन एवं सुरक्षा की विशेष सराहना की। नेहा ने शिक्षकों को बहुत अच्छा गाइड बताया। सरोज मौर्य ने युवा महोत्सव उमंग की चर्चा की। कार्यक्रम में डॉ. इतावरी लाल ने विद्यालय की छात्राओं को उनकी सफलता और अनुभव को लेखनीबद्घ करने की सलाह दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सचिन गिहार ने किया। डॉ. रंजू राठौर ने सभी अतिथियों को धन्यवाद दिया। आयोजन में डॉ. अनीता त्यागी, हेमलता, डॉ. अनुभूति, डॉ. फौजिया खान, रविंद्र कुमार, प्रवीण कुमार, प्रद्युमभन कुमार, पंकज अग्रवाल, डॉ. अन्नु महाजन आदि का विशेष योगदान रहा।
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बरेली। किसी भी विद्यार्थी की सफलता के पीछे उनके अभिभावकों और उनके शिक्षकों का ही हाथ होता है। छात्र यदि लगनशील है तो उसे घर से लेकर शिक्षण संस्थान तक प्रोत्साहन और मार्गदर्शन मिलता है। यह बातें अवंतीबाई महिला महाविद्यालय में शुक्रवार को आयोजित पुरातन छात्र एवं अभिभावक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के दौरान प्राचार्या संध्या सक्सेना ने कहीं। कार्यक्रम में डॉ. संजय बरनवाल ने सभी अभिभावकों एवं पुरातन छात्राओं का स्वागत करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम महाविद्यालय एवं छात्र-छात्राओं के आपसी समायोजन को बढ़ाते हैं।
इस दौरान तबला वादक पद्मश्री मौरिस मैसी ने पुरातन छात्रा सुरबाला एवं डॉ. भूपेंद्र कुमार के साथ जुगलबंदी कर सुंदर गजलों की प्रस्तुति दी। छात्राओं के अभिभावकों में प्रवीण कुमार ने कहा कि बच्चों के भविष्य को उज्वल बनाने में शिक्षक का अहम योगदान है। पुरातन छात्राओं में सुरभि शुक्ला ने शिक्षकों को सूर्य के समान बताया। आयुषी पांडेय ने महिला महाविद्यालय में अनुशासन एवं सुरक्षा की विशेष सराहना की। नेहा ने शिक्षकों को बहुत अच्छा गाइड बताया। सरोज मौर्य ने युवा महोत्सव उमंग की चर्चा की। कार्यक्रम में डॉ. इतावरी लाल ने विद्यालय की छात्राओं को उनकी सफलता और अनुभव को लेखनीबद्घ करने की सलाह दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सचिन गिहार ने किया। डॉ. रंजू राठौर ने सभी अतिथियों को धन्यवाद दिया। आयोजन में डॉ. अनीता त्यागी, हेमलता, डॉ. अनुभूति, डॉ. फौजिया खान, रविंद्र कुमार, प्रवीण कुमार, प्रद्युमभन कुमार, पंकज अग्रवाल, डॉ. अन्नु महाजन आदि का विशेष योगदान रहा।
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