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अटल बिहारी से लेनी चाहिए राष्ट्रधर्म की प्रेरणा

Thu, 26 Dec 2019 02:18 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 26 Dec 2019 02:18 AM IST
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बरेली कॉलेज और अवंतीबाई कालेज में आयोजित हुआ कार्यक्रम
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बरेली। पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारतरत्न अटल बिहारी बाजपेयी की 96वीं जयंती पर बरेली कॉलेज और वीरांगना रानी अवंतीबाई महिला महाविद्यालय में आयोजित संगोष्ठी में प्राचार्य एवं शिक्षकों ने उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।
अवंतीबाई कॉलेज में प्राचार्य डॉ. संध्या सक्सेना ने कहा, राष्ट्रधर्म का पालन अटल जी से सीखना चाहिए। सत्ता में रहते हुए उन्होंने सभी को साथ लेकर चलने की एक मिशाल पेश की। कालेज की छात्राओं मानसी, ईशा सक्सेना, शीतल, सुमन आदि ने ‘राष्ट्रधर्म, राष्ट्रवाद एवं अटल जी’ विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इस दौरान डॉ. इतवारी लाल ने ‘आओ फिर दिया जलाएं’ कविता से राष्ट्रधर्म का पालन कर साथ चलने की बात कही। इस दौरान डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. अन्नु महाजन आदि मौजूद रहीं। बरेली कॉलेज में प्राचार्य डॉ. अनुराग मोहन की अध्यक्षता में गोष्ठी का आयोजन हुआ। संचालन शैक्षिक एवं सांस्कृतिक समिति की सचिव डॉ. शुभ्रा कटारा ने किया गोष्ठी। अटल जी के चित्र पर पुष्प और माल्यार्पण कर वनस्पति विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक खरे ने उनकी सहज और सर्वप्रिय छवि का जिक्र करते हुए अटल जी के साथ बिताए कुछ क्षणों को याद किया। प्राचार्य डॉ. अनुराग मोहन ने कहा, अटल जी दलगत राजनीति से ऊपर उठकर बात करते थे। उनकी वाकपटुता और हंसमुख व्यवहार सबके दिन में उतर जाता था। गोष्ठी में डॉ. स्वदेश सिंह, डॉ. वीपी सिंह , डॉ. आशा सिंह, डॉ. नीलम गुप्ता, डॉ. नीरजा अस्थाना, डॉ. निरुपम शर्मा आदि मौजूद रहीं।
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एनएसएस इकाई ने मनाई अटल जी की जयंती
बरेली। राष्ट्रीय सेवा योजना बरेली कॉलेज की सभी छात्र इकाईयों द्वारा भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजीव यादव, डॉ. गजेंद्र सिंह और डॉ. दयाराम ने स्वयंसेवकों को अटल जी के जीवन के प्रेरक प्रसंगों के बारे में जानकारी दी। डॉ. राजीव यादव ने बताया कि अटल जी पर्यावरण प्रेमी थे इसीलिए उनकी समाधि स्थल के निर्माण में एक पेड़ भी नहीं काटा गया है। इस दौरान डॉ. केपी सिंह, डॉ. राजेंद्र सिंह, डॉ. नलिनी, पीके तिवारी आदि मौजूद रहे।
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