{"_id":"5df9251e8ebc3e87cf3e134d","slug":"education-bareilly-news-bly388459990","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रमुख सचिव का आदेश भी बेअसर स्कूलों में नहीं बांटा जा रहा स्वेटर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रमुख सचिव का आदेश भी बेअसर स्कूलों में नहीं बांटा जा रहा स्वेटर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। धूप बादलों की ओट में छिपी है और तापमान दिन-ब-दिन लुढ़कता जा रहा है। हाड कंपाने वाली ठंड में अफसर घर और कार्यालयों में हीटर, गीजर चला रहे हैं तो दूसरी ओर, परिषदीय स्कूलों के गरीब बच्चे हाड कंपाने वाली ठंड में ठिठुरने को मजबूर हैं। प्रमुख सचिव के सख्त निर्देश के बावजूद ठेकेदार की सुस्ती पर अब तक न तो कोई कार्रवाई हुई और न ही स्कूलों में स्वेटर वितरण ही शत प्रतिशत हो सका है। मामले पर अब शिक्षकों ने मोर्चा संभाला है। उन्होंने डीएम, सीडीओ, बीएसए से गरीब बच्चों को जल्द स्वेटर दिलाने की मांग की है।
बताया जाता है कि स्वेटर सप्लाई कर रही कानपुर की फर्म ने अब तक सिर्फ एक लाख स्वेटर ही विभाग को दिए हैं। जिनका वितरण हुए करीब हफ्ते भर भी बीत चुके हैं। लेकिन अभी करीब दो लाख से ज्यादा बच्चों को स्वेटर वितरण किया जाना बाकी है। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी हरीश बाबू शर्मा ने बताया कि पिछले दिनों बांटे गए स्वेटर उधड़ने लगे हैं। ज्यादातर बच्चे फटे पुराने स्वेटर पहनकर ठंड भगाने की नाकाम कोशिश करते हुए स्कूल में पहुंच रहे हैं। बताया कि स्कूलों में अलाव जलाकर बच्चों को ठंड के मौसम में बचाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, उप्र जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि उनके स्कूल में भेजे गए स्वेटरों की गुणवत्ता भी ठीक नहीं है और न ही साइज। उन्होंने प्रमुख सचिव की ओर से स्वेटर सप्लाई कर रहे फर्म के खिलाफ कार्रवाई न होने पर अफसरों को भी कटघरे में खड़ा किया है। कहा कि स्वेटर की संख्या कम होने के चलते स्कूल में सिर्फ 50 फीसद बच्चों को ही स्वेटर वितरित किए गए हैं।
विज्ञापन
बताया जाता है कि स्वेटर सप्लाई कर रही कानपुर की फर्म ने अब तक सिर्फ एक लाख स्वेटर ही विभाग को दिए हैं। जिनका वितरण हुए करीब हफ्ते भर भी बीत चुके हैं। लेकिन अभी करीब दो लाख से ज्यादा बच्चों को स्वेटर वितरण किया जाना बाकी है। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी हरीश बाबू शर्मा ने बताया कि पिछले दिनों बांटे गए स्वेटर उधड़ने लगे हैं। ज्यादातर बच्चे फटे पुराने स्वेटर पहनकर ठंड भगाने की नाकाम कोशिश करते हुए स्कूल में पहुंच रहे हैं। बताया कि स्कूलों में अलाव जलाकर बच्चों को ठंड के मौसम में बचाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, उप्र जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि उनके स्कूल में भेजे गए स्वेटरों की गुणवत्ता भी ठीक नहीं है और न ही साइज। उन्होंने प्रमुख सचिव की ओर से स्वेटर सप्लाई कर रहे फर्म के खिलाफ कार्रवाई न होने पर अफसरों को भी कटघरे में खड़ा किया है। कहा कि स्वेटर की संख्या कम होने के चलते स्कूल में सिर्फ 50 फीसद बच्चों को ही स्वेटर वितरित किए गए हैं।
विज्ञापन