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बीएड अभ्यर्थी मांग रहे अपना पैसा, विवि ने तेज की प्रक्रिया
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वीसी ने संबंधित अधिकारियों को एक महीने में सभी अभ्यर्थियों के पैसे लौटाने को कहा
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काउंसलिंग के दौरान सीटें लॉक न हो पाने के कारण फंस गई है करीब एक हजार छात्रों की फीस
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय और इससे जुड़े महाविद्यालयों में बीएड एडमिशन के लिए इस वर्ष काउंसलिंग की गई। इस दौरान करीब एक हजार अभ्यर्थियों का सीटें लॉक ना होने या अन्य किसी कारणों से एडमीशन नहीं किया जा सका। इसके बाद से ये अभ्यर्थी काउंसिलिंग के दौरान जमा करवाई पांच हजार रुपये फीस को लौटाने की मांग कर रहे हैं। अब विश्वविद्यालय इनके पैसे वापस करने को लेकर संजीदा हो गया है। उम्मीद है कि महीने के आखिर या मध्य जनवरी तक इनकी फीस उन्हें वापस मिल जाएगी।
दरअसल, शैक्षणिक वर्ष 2019-20 में बीएड कोर्स में एडमिशन के लिए रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने प्रारंभिक परीक्षा के बाद काउंसलिंग की। इसमें प्रत्येक छात्र से पांच हजार रुपये बतौर काउंसलिंग फीस जमा कराए गए थे। इसके बाद करीब एक हजार की संख्या में छात्रों की सीटें लॉक नहीं हो सकीं और उन्हें एडमीशन नहीं मिल सका। इसके बाद विश्वविद्यालय को इन छात्र-छात्राओं को काउंसिलिंग फीस वापस करनी थी। इसे लेकर जब विश्वविद्यालय ने प्रक्रिया तेज की तो पाया कि अधिकतर छात्रों ने अपने एकाउंट नंबर गलत लिखे हैं या साइबर कैफे से परीक्षा फार्म भरते वक्त कैफे संचालक ने अपना एकाउंट नंबर दे दिया है। मोबाइल नंबर भी सही नहीं पाया गया, जिससे अभ्यर्थियों को दाखिला संबंधी अपडेट भी नहीं मिल सके।
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ऐसे में इन अभ्यर्थियों का पैसा इनके एकाउंट में ट्रांसफर नहीं किया जा सका। इसे लेकर इन छात्रों द्वारा समय-समय पर विश्वविद्यालय को पत्र भी भेजे जाते रहे। पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने अधिनस्थ कर्मचारियों को सभी संबंधित अभ्यर्थियों से संपर्क कर उनके पैसे इस महीने के आखिर या जनवरी के मध्य तक हर हाल में उनके एकाउंट मेें भेजने के निर्देश दिए हैं।
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काउंसलिंग के दौरान सीटें लॉक न हो पाने के कारण फंस गई है करीब एक हजार छात्रों की फीस बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय और इससे जुड़े महाविद्यालयों में बीएड एडमिशन के लिए इस वर्ष काउंसलिंग की गई। इस दौरान करीब एक हजार अभ्यर्थियों का सीटें लॉक ना होने या अन्य किसी कारणों से एडमीशन नहीं किया जा सका। इसके बाद से ये अभ्यर्थी काउंसिलिंग के दौरान जमा करवाई पांच हजार रुपये फीस को लौटाने की मांग कर रहे हैं। अब विश्वविद्यालय इनके पैसे वापस करने को लेकर संजीदा हो गया है। उम्मीद है कि महीने के आखिर या मध्य जनवरी तक इनकी फीस उन्हें वापस मिल जाएगी।
दरअसल, शैक्षणिक वर्ष 2019-20 में बीएड कोर्स में एडमिशन के लिए रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने प्रारंभिक परीक्षा के बाद काउंसलिंग की। इसमें प्रत्येक छात्र से पांच हजार रुपये बतौर काउंसलिंग फीस जमा कराए गए थे। इसके बाद करीब एक हजार की संख्या में छात्रों की सीटें लॉक नहीं हो सकीं और उन्हें एडमीशन नहीं मिल सका। इसके बाद विश्वविद्यालय को इन छात्र-छात्राओं को काउंसिलिंग फीस वापस करनी थी। इसे लेकर जब विश्वविद्यालय ने प्रक्रिया तेज की तो पाया कि अधिकतर छात्रों ने अपने एकाउंट नंबर गलत लिखे हैं या साइबर कैफे से परीक्षा फार्म भरते वक्त कैफे संचालक ने अपना एकाउंट नंबर दे दिया है। मोबाइल नंबर भी सही नहीं पाया गया, जिससे अभ्यर्थियों को दाखिला संबंधी अपडेट भी नहीं मिल सके।
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ऐसे में इन अभ्यर्थियों का पैसा इनके एकाउंट में ट्रांसफर नहीं किया जा सका। इसे लेकर इन छात्रों द्वारा समय-समय पर विश्वविद्यालय को पत्र भी भेजे जाते रहे। पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने अधिनस्थ कर्मचारियों को सभी संबंधित अभ्यर्थियों से संपर्क कर उनके पैसे इस महीने के आखिर या जनवरी के मध्य तक हर हाल में उनके एकाउंट मेें भेजने के निर्देश दिए हैं।