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दिमाग से कनेक्ट होगी मशीनें और तकनीक, आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस से चलेगी दुनिया
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कंप्यूटिंग और ऑटोमेशन विषय पर पांचवें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विशेषज्ञों ने खींचा भविष्य की दुनिया का खाका
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रूहेलखंड विश्वविद्यालय में मलयेशिया के साथ देश भर के विश्वविद्यालयों से पहुंचे विशेषज्ञ
बरेली। आने वाली दुनिया आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस की होगी। मशीनें और तकनीक हर वक्त इंसानी दिमाग से कनेक्ट रहेंगी और जिंदगी और ज्यादा आसान हो जाएगी। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में शुक्रवार को कंप्यूटिंग और आटोमेशन विषय पर आयोजित पांचवें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत, मलयेशिया के कई विश्वविद्यालयों से आए तकनीकी विशेषज्ञों ने भविष्य में मानव विकास का यही खाका खींचा।
तकनीकी विशेषज्ञों ने आने वाली दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के योगदान के साथ दूसरी तमाम व्यवस्थाओं के डिजिटलाइजेशन पर व्याख्यान दिया। जकार्ता से आए प्रो. टेडी मोंटेरो ने कंप्यूटिंग विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने इस दौरान इंटर डिसिप्लीनरी रिसर्च को बढ़ावा देने की बात कही। दूसरे तकनीकी सत्र में प्रो राजा ने आरओटी एवं ब्लाक चेन तकनीक के विषय में बताया। यह भी जानकारी दी कि इस तकनीक का प्रयोग कर शहरों और व्यवस्थाओं को किस तरह स्मार्ट और डिजिटलाइज किया जा सकता है।
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उन्होंने कहा कि कहा कि इस वक्त विज्ञान मानव मस्तिष्क, तकनीक और मशीनों के संयोजन से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से आटोमेटेड व्यवस्थाओं के विकास पर काम कर रहा है। शोध जारी हैं। वह दिन दूर नहीं जब पूरी व्यवस्था आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस मशीनों के इशारे पर चलेगी जो इंसान की न सिर्फ मदद करेंगी बल्कि पूरी व्यवस्था मानव जीवन को आसान बना देंगी। इससे पहले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनिल शुक्ला, जकार्ता से आए प्रो. टेडी मोनटेरो, मलेशिया के टलर्स विवि से डॉ. राजा कुमार मुरुगेसन ने दीप प्रज्जवलन कर किया। डॉ. विनय ऋषिपाल ने कार्यक्रम का संयोजन किया। शाम के वक्त कल्चरल इवनिंग का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में हिमानी, अदिति, अमीशा ने गणेश वंदना प्रस्तुत किया। अन्य छात्र छात्राओं ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।
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रूहेलखंड विश्वविद्यालय में मलयेशिया के साथ देश भर के विश्वविद्यालयों से पहुंचे विशेषज्ञ बरेली। आने वाली दुनिया आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस की होगी। मशीनें और तकनीक हर वक्त इंसानी दिमाग से कनेक्ट रहेंगी और जिंदगी और ज्यादा आसान हो जाएगी। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में शुक्रवार को कंप्यूटिंग और आटोमेशन विषय पर आयोजित पांचवें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत, मलयेशिया के कई विश्वविद्यालयों से आए तकनीकी विशेषज्ञों ने भविष्य में मानव विकास का यही खाका खींचा।
तकनीकी विशेषज्ञों ने आने वाली दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के योगदान के साथ दूसरी तमाम व्यवस्थाओं के डिजिटलाइजेशन पर व्याख्यान दिया। जकार्ता से आए प्रो. टेडी मोंटेरो ने कंप्यूटिंग विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने इस दौरान इंटर डिसिप्लीनरी रिसर्च को बढ़ावा देने की बात कही। दूसरे तकनीकी सत्र में प्रो राजा ने आरओटी एवं ब्लाक चेन तकनीक के विषय में बताया। यह भी जानकारी दी कि इस तकनीक का प्रयोग कर शहरों और व्यवस्थाओं को किस तरह स्मार्ट और डिजिटलाइज किया जा सकता है।
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उन्होंने कहा कि कहा कि इस वक्त विज्ञान मानव मस्तिष्क, तकनीक और मशीनों के संयोजन से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से आटोमेटेड व्यवस्थाओं के विकास पर काम कर रहा है। शोध जारी हैं। वह दिन दूर नहीं जब पूरी व्यवस्था आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस मशीनों के इशारे पर चलेगी जो इंसान की न सिर्फ मदद करेंगी बल्कि पूरी व्यवस्था मानव जीवन को आसान बना देंगी। इससे पहले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनिल शुक्ला, जकार्ता से आए प्रो. टेडी मोनटेरो, मलेशिया के टलर्स विवि से डॉ. राजा कुमार मुरुगेसन ने दीप प्रज्जवलन कर किया। डॉ. विनय ऋषिपाल ने कार्यक्रम का संयोजन किया। शाम के वक्त कल्चरल इवनिंग का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में हिमानी, अदिति, अमीशा ने गणेश वंदना प्रस्तुत किया। अन्य छात्र छात्राओं ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।