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फर्जी दिव्यांगों के दाखिले रद्द फिर भी परीक्षा देंगे, एडमिशन नहीं तो कैसे पूरी हुई उपस्थिति
Tue, 26 Nov 2019 07:47 PM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 26 Nov 2019 07:47 PM IST
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बरेली कॉलेज प्रशासन और विश्वविद्यालय की लापरवाही के चलते फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट लगाने वाले एलएलबी के छात्र एडमिशन निरस्त होने के बावजूद परीक्षा दे सकते हैं। उनका परीक्षा फॉर्म भरने और प्रवेशपत्र जारी होने के मामले में अब विश्वविद्यालय और बरेली कॉलेज प्रशासन एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। हालांकि बरेली कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनुराग मोहन ने इस संबंध में विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय को पत्र लिखकर दिशा निर्देश मांगा है।
बरेली कॉलेज में शैलेष भास्कर, शुभम राय और गिरजेश कुमार ने फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट लगाकर एलएलबी में एडमिशन लिया था। जांच में पुष्टि के बाद 26 सितंबर को बरेली कॉलेज प्रशासन ने इनके एडमिशन निरस्त कर विश्वविद्यालय को सूचना भेज दी। इसके बावजूद विश्वविद्यालय ने इनका डाटा लॉक नहीं किया और इन छात्रों ने परीक्षा फॉर्म भर दिए।
बरेली कॉलेज ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया और इनके फार्म विश्वविद्यालय को फॉरवर्ड कर दिए। विश्वविद्यालय से इनके प्रवेशपत्र भी जारी हो गए। जब यह मामला खुला तो बरेली कॉलेज से लेकर विश्वविद्यालय तक हड़कंप मचा है। चर्चा है कि विश्वविद्यालय से प्रवेशपत्र जारी होने के चलते बरेली कॉलेज प्रशासन भी उन्हें परीक्षा दिलाने की तैयारी में है। हालांकि इस संबंध में प्राचार्य ने कुलसचिव को पत्र लिखकर दिशा निर्देश मांगा है।
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एडमिशन नहीं तो कैसे पूरी हुई उपस्थिति
चिन्मयानंद प्रकरण की दुष्कर्म पीड़ित को विश्वविद्यालय ने कम उपस्थिति के चलते परीक्षा दिलाने से मना करते हुए उसका परीक्षा फॉर्म फारवर्ड नहीं किया। मगर बरेली कॉलेज ने एडमिशन निरस्त होने के बावजूद इनके परीक्षा फॉर्म फारवर्ड कर दिए। इससे यह स्पष्ट होता है कि परीक्षा के लिए छात्रों की उपस्थिति की जांच पड़ताल नहीं होती।
कुलसचिव को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराते हुए कार्रवाई को लिखा है। हमने एडमिशन निरस्त किए तो विश्वविद्यालय ने उनके परीक्षा फॉर्म कैसे भरवा दिए।
- डॉ. अनुराग मोहन, प्राचार्य, बरेली कॉलेज
जब कॉलेज ने एडमिशन निरस्त कर दिए थे तो उनका परीक्षा फॉर्म कैसे फारवर्ड कर दिया। कॉलेज ने उनके एडमिशन निरस्त होने की हमें सूचना भी नहीं दी थी।
- संजीव कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक, रुहेलखंड विश्वविद्यालय
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बरेली कॉलेज में शैलेष भास्कर, शुभम राय और गिरजेश कुमार ने फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट लगाकर एलएलबी में एडमिशन लिया था। जांच में पुष्टि के बाद 26 सितंबर को बरेली कॉलेज प्रशासन ने इनके एडमिशन निरस्त कर विश्वविद्यालय को सूचना भेज दी। इसके बावजूद विश्वविद्यालय ने इनका डाटा लॉक नहीं किया और इन छात्रों ने परीक्षा फॉर्म भर दिए।
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बरेली कॉलेज ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया और इनके फार्म विश्वविद्यालय को फॉरवर्ड कर दिए। विश्वविद्यालय से इनके प्रवेशपत्र भी जारी हो गए। जब यह मामला खुला तो बरेली कॉलेज से लेकर विश्वविद्यालय तक हड़कंप मचा है। चर्चा है कि विश्वविद्यालय से प्रवेशपत्र जारी होने के चलते बरेली कॉलेज प्रशासन भी उन्हें परीक्षा दिलाने की तैयारी में है। हालांकि इस संबंध में प्राचार्य ने कुलसचिव को पत्र लिखकर दिशा निर्देश मांगा है।
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एडमिशन नहीं तो कैसे पूरी हुई उपस्थिति
चिन्मयानंद प्रकरण की दुष्कर्म पीड़ित को विश्वविद्यालय ने कम उपस्थिति के चलते परीक्षा दिलाने से मना करते हुए उसका परीक्षा फॉर्म फारवर्ड नहीं किया। मगर बरेली कॉलेज ने एडमिशन निरस्त होने के बावजूद इनके परीक्षा फॉर्म फारवर्ड कर दिए। इससे यह स्पष्ट होता है कि परीक्षा के लिए छात्रों की उपस्थिति की जांच पड़ताल नहीं होती।
कुलसचिव को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराते हुए कार्रवाई को लिखा है। हमने एडमिशन निरस्त किए तो विश्वविद्यालय ने उनके परीक्षा फॉर्म कैसे भरवा दिए।
- डॉ. अनुराग मोहन, प्राचार्य, बरेली कॉलेज
जब कॉलेज ने एडमिशन निरस्त कर दिए थे तो उनका परीक्षा फॉर्म कैसे फारवर्ड कर दिया। कॉलेज ने उनके एडमिशन निरस्त होने की हमें सूचना भी नहीं दी थी।
- संजीव कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक, रुहेलखंड विश्वविद्यालय