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बरेली कॉलेज- वरिष्ठता विवाद में फंसा स्टाफ स्टेटमेंट शासन को नहीं भेजी जा सकी सूची
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बरेली। बरेली कॉलेज में वरिष्ठता सूची के विवाद को लेकर पिछले साल का स्टाफ स्टेटमेंट शासन को नहीं भेजा जा सका है। वहीं, शिक्षकों के प्रमोशन को लेकर विश्वविद्यालय ने बरेली कॉलेज को न तो कोई पर्यवेक्षक दिया और न ही पत्र का जवाब दिया। इस पर प्राचार्य डॉ. अनुराग मोहन शनिवार को स्वयं विश्वविद्यालय पहुंचे।
बरेली कॉलेज में शिक्षकों की वरिष्ठता को लेकर लंबे समय से विवाद छिड़ा है। यहां वरिष्ठता की दो सूची चल रही हैं, एक सूची शिक्षकों की अस्थाई नियुक्ति और दूसरी स्थाई नियुक्ति की तिथि से तैयार की गई है। इसके चलते ही शासन को हर साल भेजा जाने वाला शिक्षकों एवं कर्मचारियों का स्टाफ स्टेटमेंट नहीं भेजा जा सका है। इसका कारण शिक्षकों का वरिष्ठता विवाद बताया जा रहा है क्योंकि जो स्टाफ स्टेटमेंट तैयार किया गया है, वह उस वरिष्ठता सूची के अनुसार नहीं है जो शासन को भेजी गई है। इस वजह से अवस्थापना प्रभारी, कार्यालय सहायत समेत अन्य जिम्मेदार इस सूची पर हस्ताक्षर करने से बच रहे हैं। इस वजह से ही स्टाफ स्टेटमेंट शासन को नहीं भेजा जा सका है।
वहीं, बरेली कॉलेज के नौ स्थाई शिक्षकों के प्रमोशन के लिए बरेली कॉलेज की ओर पर्यवेक्षक भेजने संबंधी पत्र का भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई जवाब नहीं दिया। कहा जा रहा है कि प्राचार्य विवाद के चलते ही विश्वविद्यालय ने इस पत्र का जवाब नहीं दिया। इस पर शनिवार को प्राचार्य डॉ. अनुराग मोहन विश्वविद्यालय पहुंचे तो पर्यवेक्षक भेजने का आश्वासन दिया गया।
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स्टाफ स्टेटमेंट भेजना पूरी तरह से प्राचार्य की जिम्मेदारी है। इसे तैयार करा लिया है और जल्दी ही भेजेंगे, वरिष्ठता से इसका कोई लेना-देना नहीं है। विश्वविद्यालय ने पर्यवेक्षक भेजने के लिए भी हामी भर दी है।
- डॉ. अनुराग मोहन, प्राचार्य, बरेली कॉलेज
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बरेली कॉलेज में शिक्षकों की वरिष्ठता को लेकर लंबे समय से विवाद छिड़ा है। यहां वरिष्ठता की दो सूची चल रही हैं, एक सूची शिक्षकों की अस्थाई नियुक्ति और दूसरी स्थाई नियुक्ति की तिथि से तैयार की गई है। इसके चलते ही शासन को हर साल भेजा जाने वाला शिक्षकों एवं कर्मचारियों का स्टाफ स्टेटमेंट नहीं भेजा जा सका है। इसका कारण शिक्षकों का वरिष्ठता विवाद बताया जा रहा है क्योंकि जो स्टाफ स्टेटमेंट तैयार किया गया है, वह उस वरिष्ठता सूची के अनुसार नहीं है जो शासन को भेजी गई है। इस वजह से अवस्थापना प्रभारी, कार्यालय सहायत समेत अन्य जिम्मेदार इस सूची पर हस्ताक्षर करने से बच रहे हैं। इस वजह से ही स्टाफ स्टेटमेंट शासन को नहीं भेजा जा सका है।
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वहीं, बरेली कॉलेज के नौ स्थाई शिक्षकों के प्रमोशन के लिए बरेली कॉलेज की ओर पर्यवेक्षक भेजने संबंधी पत्र का भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई जवाब नहीं दिया। कहा जा रहा है कि प्राचार्य विवाद के चलते ही विश्वविद्यालय ने इस पत्र का जवाब नहीं दिया। इस पर शनिवार को प्राचार्य डॉ. अनुराग मोहन विश्वविद्यालय पहुंचे तो पर्यवेक्षक भेजने का आश्वासन दिया गया।
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स्टाफ स्टेटमेंट भेजना पूरी तरह से प्राचार्य की जिम्मेदारी है। इसे तैयार करा लिया है और जल्दी ही भेजेंगे, वरिष्ठता से इसका कोई लेना-देना नहीं है। विश्वविद्यालय ने पर्यवेक्षक भेजने के लिए भी हामी भर दी है।
- डॉ. अनुराग मोहन, प्राचार्य, बरेली कॉलेज