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रोजगार मेले में उमड़े युवा, 31 कंपनियों में 620 का चयन
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रोजगार मेले में उमड़े युवा, 31 कंपनियों में 620 का चयन
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। क्षेत्रीय सेवा योजन कार्यालय की ओर से बरेली कॉलेज के मैदान पर आयोजित रोजगार मेले में साढ़े पांच हजार से ज्यादा युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया लेकिन इनमें से विभिन्न कंपनियों में चयन सिर्फ 620 का ही हो पाया। 546 को वेटिंग में रखा गया है। श्रम एवं सेवा योजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतीकात्मक तौर पर 33 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया।
बरेली कॉलेज में आयोजित रोजगार मेले में सुबह दस बजे से 40 काउंटरों पर रजिस्ट्रेशन शुरू हुआ। इनमें 31 काउंटर मल्टीनेशनल कंपनियों और बाकी कॉलेजों, इंस्टीट्यूट और प्लेसमेंट सेल के थे। रजिस्ट्रेशन के बाद अभ्यर्थियों ने आवेदन पत्र भरे और फिर साक्षात्कार के लिए पहुंचे। देर शाम तक 31 कंपनियों में 5536 अभ्यर्थियों में से 620 का चयन हुआ और 546 को शॉर्टलिस्ट किया गया। कार्यक्रम में डीएम नितीश कुमार, एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय, सेवा योजन उपनिदेशक मेरठ मंडल टीएन तिवारी, बरेली मंडल के सहायक निदेशक सेवा योजन आरके उपाध्याय, संयुक्त निदेशक शिशिक्षु और प्रशिक्षु राजेंद्र प्रसाद, आईटीआई प्रिंसिपल राजकुमार, बरेली कॉलेज प्राचार्य डॉ. अनुराग मोहन, चीफ प्रॉक्टर वंदना शर्मा समेत सेवा योजन और बरेली कॉलेज का स्टाफ मौजूद रहा।
गवर्नमेंट सेक्टर में कम मगर प्राइवेट सेक्टर में असीमित नौकरियां
बरेली। सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन सरकारी क्षेत्र में नौकरियों की संख्या सीमित है। 23 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश में लाखों बेरोजगारों को सरकारी नौकरी देना संभव भी नहीं है। इसीलिए सरकार ने मल्टीनेशनल कंपनियों में इस साल चार लाख नौकरी दिलाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सभी जिलों में मेगा जॉब फेयर कराए जा रहे हैं।
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बरेली कॉलेज में आयोजित रोजगार मेले में यह बात श्रम एवं सेवा योजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कही। उन्होंने कहा कि बेरोजगारों को सिर्फ प्राइवेट सेक्टर रोजगार मुहैया करा सकता है। सरकार के पास सीमित पद हैं। प्रदेश में कई ऐसे प्रोजेक्ट चलाए जा रहे हैं ताकि युवाओं को रोजगार मिले। उन्होंने जॉब फेयर में आए युवाओं को सेवा योजन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने का सुझाव देते हुए कहा कि कोई भी बेरोजगार इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करा सकता है जिसके बाद उसे सभी जॉब फेयर के साथ सरकारी रिक्तियों की सूचना पोर्टल पर ही मिलेगी। इससे युवाओं की बेवजह दौड़भाग, समय और पैसा भी बचेगा।
विभागों में आउटसोर्सिंग के जरिये भर्तियां बंद होंगी
श्रम मंत्री ने कहा कि जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर आउटसोर्सिंग के जरिए सरकारी विभागों में नियुक्तियों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा होता है। इसलिए जल्द ही सिर्फ सेवा योजन पोर्टल पर रजिस्टर्ड बेरोजगारों को ही विभागों में योग्यतानुसार नियुक्ति देने की व्यवस्था लागू की जाएगी। यह प्रक्रिया ऑनलाइन होगी ताकि पारदर्शिता बरकरार रहे।
मैं प्रदेश का मंत्री हूं, जवाब देना ठीक नहीं
पत्रकारों से हुई बातचीत में उत्तर प्रदेश में प्रतिभाओं की कमी के सवाल पर उन्होंने कोई जवाब देने से इनकार कर दिया। कहा, केंद्रीय मंत्री देश के आंकड़ों के आधार पर बोले और वह प्रदेश के मंत्री हैं। इसलिए इस सवाल का जवाब देना उचित नहीं होगा। जॉब फेयर में चयनित अभ्यर्थियों के साथ मल्टीनेशनल कंपनियों की ओर से किए जाने वाले उत्पीड़न के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं है।
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बरेली कॉलेज में आयोजित रोजगार मेले में सुबह दस बजे से 40 काउंटरों पर रजिस्ट्रेशन शुरू हुआ। इनमें 31 काउंटर मल्टीनेशनल कंपनियों और बाकी कॉलेजों, इंस्टीट्यूट और प्लेसमेंट सेल के थे। रजिस्ट्रेशन के बाद अभ्यर्थियों ने आवेदन पत्र भरे और फिर साक्षात्कार के लिए पहुंचे। देर शाम तक 31 कंपनियों में 5536 अभ्यर्थियों में से 620 का चयन हुआ और 546 को शॉर्टलिस्ट किया गया। कार्यक्रम में डीएम नितीश कुमार, एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय, सेवा योजन उपनिदेशक मेरठ मंडल टीएन तिवारी, बरेली मंडल के सहायक निदेशक सेवा योजन आरके उपाध्याय, संयुक्त निदेशक शिशिक्षु और प्रशिक्षु राजेंद्र प्रसाद, आईटीआई प्रिंसिपल राजकुमार, बरेली कॉलेज प्राचार्य डॉ. अनुराग मोहन, चीफ प्रॉक्टर वंदना शर्मा समेत सेवा योजन और बरेली कॉलेज का स्टाफ मौजूद रहा।
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गवर्नमेंट सेक्टर में कम मगर प्राइवेट सेक्टर में असीमित नौकरियां
बरेली। सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन सरकारी क्षेत्र में नौकरियों की संख्या सीमित है। 23 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश में लाखों बेरोजगारों को सरकारी नौकरी देना संभव भी नहीं है। इसीलिए सरकार ने मल्टीनेशनल कंपनियों में इस साल चार लाख नौकरी दिलाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सभी जिलों में मेगा जॉब फेयर कराए जा रहे हैं।
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बरेली कॉलेज में आयोजित रोजगार मेले में यह बात श्रम एवं सेवा योजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कही। उन्होंने कहा कि बेरोजगारों को सिर्फ प्राइवेट सेक्टर रोजगार मुहैया करा सकता है। सरकार के पास सीमित पद हैं। प्रदेश में कई ऐसे प्रोजेक्ट चलाए जा रहे हैं ताकि युवाओं को रोजगार मिले। उन्होंने जॉब फेयर में आए युवाओं को सेवा योजन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने का सुझाव देते हुए कहा कि कोई भी बेरोजगार इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करा सकता है जिसके बाद उसे सभी जॉब फेयर के साथ सरकारी रिक्तियों की सूचना पोर्टल पर ही मिलेगी। इससे युवाओं की बेवजह दौड़भाग, समय और पैसा भी बचेगा।
विभागों में आउटसोर्सिंग के जरिये भर्तियां बंद होंगी
श्रम मंत्री ने कहा कि जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर आउटसोर्सिंग के जरिए सरकारी विभागों में नियुक्तियों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा होता है। इसलिए जल्द ही सिर्फ सेवा योजन पोर्टल पर रजिस्टर्ड बेरोजगारों को ही विभागों में योग्यतानुसार नियुक्ति देने की व्यवस्था लागू की जाएगी। यह प्रक्रिया ऑनलाइन होगी ताकि पारदर्शिता बरकरार रहे।
मैं प्रदेश का मंत्री हूं, जवाब देना ठीक नहीं
पत्रकारों से हुई बातचीत में उत्तर प्रदेश में प्रतिभाओं की कमी के सवाल पर उन्होंने कोई जवाब देने से इनकार कर दिया। कहा, केंद्रीय मंत्री देश के आंकड़ों के आधार पर बोले और वह प्रदेश के मंत्री हैं। इसलिए इस सवाल का जवाब देना उचित नहीं होगा। जॉब फेयर में चयनित अभ्यर्थियों के साथ मल्टीनेशनल कंपनियों की ओर से किए जाने वाले उत्पीड़न के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं है।