{"_id":"5d97ab4a8ebc3e016308f5b6","slug":"education-bareilly-news-bly378840886","type":"story","status":"publish","title_hn":"बरेली कॉलेज प्राचार्य विवाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बरेली कॉलेज प्राचार्य विवाद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली कॉलेज में डॉ. अनुराग
मोहन की ताजपोशी की तैयारी
- कॉलेज में चल रही है चर्चा, डॉ. अजय शर्मा आज सौंप सकते हैं प्राचार्य पद की जिम्मेदारी
- वरिष्ठता क्रम के अनुसार डॉ. पूर्णिमा अनिल और डॉ. मंजू सिंह को दरकिनार करने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। बरेली कॉलेज में शनिवार को अचानक डॉ. अनुराग मोहन को प्राचार्य बनाया जा सकता है। शुक्रवार को अंदर ही अंदर इसकी चर्चा चलती रही लेकिन साफ तौर पर किसी ने इसकी पुष्टि नहीं की। मौजूदा प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा ने भी यह कहकर गोलमोल जवाब दिया कि अभी उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है, लेकिन मैनेजमेंट कमेटी अगर उन्हें देर रात तक भी कोई आदेश देगी तो उसका पालन किया जाएगा।
बरेली कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा 14 अक्तूबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वरिष्ठता क्रम के हिसाब से उनके बाद डॉ. पूर्णिमा अनिल, डॉ. मंजू सिंह और फिर डॉ. अनुराग मोहन का नंबर आता है। तीनों ही प्राचार्य बनने के इच्छुक हैं और इसके लिए भरसक प्रयास भी कर रहे हैं। मगर इस बीच कॉलेज में डॉ. अनुराग मोहन को लेकर लामबंदी तेज हो गई है। शुक्रवार को इस बात की कॉलेज में काफी चर्चा रही कि वरिष्ठ होने के बावजूद दरकिनार किए जाने से डॉ. पूर्णिमा अनिल और डॉ. मंजू सिंह इस फैसले के विरोध में आ गई हैं और कॉलेज प्रबंधन के अगले कदम का इंतजार कर रही हैं। इस बीच ये भी दावे होते रहे कि डॉ. अजय शर्मा शनिवार को ही डॉ. अनुराग मोहन को चार्ज सौंप देंगे। इसके चलते शुक्रवार शाम को एक पक्ष के तमाम शिक्षक शाम तक कॉलेज में ही जुटे रहे।
आसान नहीं होंगी डॉ. अनुराग की राहें
प्राचार्य पद पर ताजपोशी के डॉ. अनुराग मोहन की राहें आसान नहीं होंगी। कहा जा रहा है कि इस पद के दावेदार कोर्ट जाने के लिए पूरी तैयारी किए बैठे हैं। वहीं डॉ. अनुराग मोहन के खिलाफ छात्रनेता मोहित कुमार सिंह ने भी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, कुलपति और कुलसचिव से शिकायत की है। पिछले दिनों मोहित ने डॉ. अनुराग के खिलाफ एससी एसटी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें एफआर लग चुकी है। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी भी इस मामले में विश्वविद्यालय से राय लेने की तैयारी में हैं।
विज्ञापन
कोर्ट में भी बढ़ेंगी मुश्किलें
बरेली कॉलेज की मैनेजमेंट कमेटी का विवाद कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में विवादित कमेटी का निर्णय हाईकोर्ट में भी उसकी मुश्किलें बढ़ा सकता है। हालांकि कहा जा रहा है कि मैनेजमेंट कमेटी तीन माह के लिए कॉलेज के किसी भी शिक्षक को प्राचार्य की जिम्मेदारी दे सकती है। ऐसे में तीन महीने बाद यह मामला फिर गरमा सकता है।
मौजूदा प्राचार्य का कार्यकाल 14 अक्तूबर को पूरा हो रहा है। शनिवार को डॉ. अनुराग मोहन को चार्ज देने की जानकारी मेरे पास नहीं है। मैं आज लखनऊ में हूं, लौटकर इसके बारे में जानकारी लूंगा।
- देवमूर्ति
बरेली कॉलेज की मैनेजमेंट कमेटी भंग है। मुझे रिसीवर बनाया गया था, जिसके विरोध में वे लोग कोर्ट चले गए। ऐसे में अगर कमेटी किसी को प्राचार्य बना भी देती है तो उसका कोई मतलब नहीं है।
- डॉ. राजेश प्रकाश, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी
अभी तो बरेली कॉलेज का मैं ही प्राचार्य हूं और अभी मुझे किसी को भी चार्ज देने का आदेश नहीं मिला है। अगर देर रात तक मैनेजमेंट कमेटी का कोई आदेश मिलेगा तो उसका पालन किया जाएगा।
- डॉ. अजय कुमार शर्मा, प्राचार्य, बरेली कॉलेज
विज्ञापन
मोहन की ताजपोशी की तैयारी
- कॉलेज में चल रही है चर्चा, डॉ. अजय शर्मा आज सौंप सकते हैं प्राचार्य पद की जिम्मेदारी
- वरिष्ठता क्रम के अनुसार डॉ. पूर्णिमा अनिल और डॉ. मंजू सिंह को दरकिनार करने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। बरेली कॉलेज में शनिवार को अचानक डॉ. अनुराग मोहन को प्राचार्य बनाया जा सकता है। शुक्रवार को अंदर ही अंदर इसकी चर्चा चलती रही लेकिन साफ तौर पर किसी ने इसकी पुष्टि नहीं की। मौजूदा प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा ने भी यह कहकर गोलमोल जवाब दिया कि अभी उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है, लेकिन मैनेजमेंट कमेटी अगर उन्हें देर रात तक भी कोई आदेश देगी तो उसका पालन किया जाएगा।
बरेली कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा 14 अक्तूबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वरिष्ठता क्रम के हिसाब से उनके बाद डॉ. पूर्णिमा अनिल, डॉ. मंजू सिंह और फिर डॉ. अनुराग मोहन का नंबर आता है। तीनों ही प्राचार्य बनने के इच्छुक हैं और इसके लिए भरसक प्रयास भी कर रहे हैं। मगर इस बीच कॉलेज में डॉ. अनुराग मोहन को लेकर लामबंदी तेज हो गई है। शुक्रवार को इस बात की कॉलेज में काफी चर्चा रही कि वरिष्ठ होने के बावजूद दरकिनार किए जाने से डॉ. पूर्णिमा अनिल और डॉ. मंजू सिंह इस फैसले के विरोध में आ गई हैं और कॉलेज प्रबंधन के अगले कदम का इंतजार कर रही हैं। इस बीच ये भी दावे होते रहे कि डॉ. अजय शर्मा शनिवार को ही डॉ. अनुराग मोहन को चार्ज सौंप देंगे। इसके चलते शुक्रवार शाम को एक पक्ष के तमाम शिक्षक शाम तक कॉलेज में ही जुटे रहे।
विज्ञापन
आसान नहीं होंगी डॉ. अनुराग की राहें
प्राचार्य पद पर ताजपोशी के डॉ. अनुराग मोहन की राहें आसान नहीं होंगी। कहा जा रहा है कि इस पद के दावेदार कोर्ट जाने के लिए पूरी तैयारी किए बैठे हैं। वहीं डॉ. अनुराग मोहन के खिलाफ छात्रनेता मोहित कुमार सिंह ने भी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, कुलपति और कुलसचिव से शिकायत की है। पिछले दिनों मोहित ने डॉ. अनुराग के खिलाफ एससी एसटी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें एफआर लग चुकी है। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी भी इस मामले में विश्वविद्यालय से राय लेने की तैयारी में हैं।
विज्ञापन
कोर्ट में भी बढ़ेंगी मुश्किलें
बरेली कॉलेज की मैनेजमेंट कमेटी का विवाद कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में विवादित कमेटी का निर्णय हाईकोर्ट में भी उसकी मुश्किलें बढ़ा सकता है। हालांकि कहा जा रहा है कि मैनेजमेंट कमेटी तीन माह के लिए कॉलेज के किसी भी शिक्षक को प्राचार्य की जिम्मेदारी दे सकती है। ऐसे में तीन महीने बाद यह मामला फिर गरमा सकता है।
मौजूदा प्राचार्य का कार्यकाल 14 अक्तूबर को पूरा हो रहा है। शनिवार को डॉ. अनुराग मोहन को चार्ज देने की जानकारी मेरे पास नहीं है। मैं आज लखनऊ में हूं, लौटकर इसके बारे में जानकारी लूंगा।
- देवमूर्ति
बरेली कॉलेज की मैनेजमेंट कमेटी भंग है। मुझे रिसीवर बनाया गया था, जिसके विरोध में वे लोग कोर्ट चले गए। ऐसे में अगर कमेटी किसी को प्राचार्य बना भी देती है तो उसका कोई मतलब नहीं है।
- डॉ. राजेश प्रकाश, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी
अभी तो बरेली कॉलेज का मैं ही प्राचार्य हूं और अभी मुझे किसी को भी चार्ज देने का आदेश नहीं मिला है। अगर देर रात तक मैनेजमेंट कमेटी का कोई आदेश मिलेगा तो उसका पालन किया जाएगा।
- डॉ. अजय कुमार शर्मा, प्राचार्य, बरेली कॉलेज