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पांच घंटे तक शिक्षामित्रों को रखा नजरबंद
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बरेली। अस्थायी तौर पर विद्यालयों में अध्यापन का कार्य कर रहे शिक्षामित्र मांगपत्र लेकर रविवार को रुहेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिलने पहुंचे थे। लेकिन प्रशासन ने शिक्षामित्रों को राज्यपाल से मुलाकात कराने के बजाय करीब पांच घंटे तक उन्हें प्रशासनिक भवन में ‘नजरबंद’ रखा। मामले पर शिक्षामित्रों ने अब प्रशासन के अड़ियल रवैये के खिलाफ हुंकार भरी है। उन्होंने लोकतंत्र के हनन का आरोप लगाते हुए प्रशासन के खिलाफ केंद्र और प्रदेश सरकार से शिकायत करने की बात कही है।
जिलाध्यक्ष डॉ. केपी सिंह ने बताया कि पिछले दिनों राज्यपाल से मुलाकात कराने की मांग को प्रशासन ने खारिज कर दिया था। इस पर शिक्षामित्रों ने सामूहिक तौर पर कलेक्ट्रेट में जमकर हंगामा किया था। आरोप है कि प्रशासन ने उन्हें धोखा दिया, हंगामा करने पर शिक्षामित्रों को रविवार की सुबह 11 बजे विश्वविद्यालय में बुलाया था लेकिन जब वे पहुंचे तो उन्हें मुलाकात कराने का आश्वासन देकर प्रशासनिक भवन में पुलिस कस्टडी में बिठा दिया और बाहर से चैनल बंद कर दिया। इस पर शिक्षामित्रों ने आपत्ति जताई तो अनसुना कर दिया गया और पांच घंटे बाद जब राज्यपाल लखनऊ रवाना हो गईं तो उन्हें छोड़ दिया गया।
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जिलाध्यक्ष डॉ. केपी सिंह ने बताया कि पिछले दिनों राज्यपाल से मुलाकात कराने की मांग को प्रशासन ने खारिज कर दिया था। इस पर शिक्षामित्रों ने सामूहिक तौर पर कलेक्ट्रेट में जमकर हंगामा किया था। आरोप है कि प्रशासन ने उन्हें धोखा दिया, हंगामा करने पर शिक्षामित्रों को रविवार की सुबह 11 बजे विश्वविद्यालय में बुलाया था लेकिन जब वे पहुंचे तो उन्हें मुलाकात कराने का आश्वासन देकर प्रशासनिक भवन में पुलिस कस्टडी में बिठा दिया और बाहर से चैनल बंद कर दिया। इस पर शिक्षामित्रों ने आपत्ति जताई तो अनसुना कर दिया गया और पांच घंटे बाद जब राज्यपाल लखनऊ रवाना हो गईं तो उन्हें छोड़ दिया गया।
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