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एलएलबी- आरक्षण की उम्मीद लगाए गरीब सवर्णों को झटका
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बरेली। एलएलबी में गरीब सवर्ण आरक्षण (ईडब्ल्यूएस) की उम्मीद लगाए बैठे अभ्यर्थियों को बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने जोर का झटका दिया है। कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर का हवाला देकर बार काउंसिल ने ईडब्ल्यूएस कोटे की सीटें बढ़ाने से इनकार कर दिया है।
शिक्षा के क्षेत्र में गरीब सवर्णों को दस प्रतिशत आरक्षण देने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने विश्वविद्यालयों को आदेश जारी किया था। इसके बाद ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजूकेशन और नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर्स एजूकेशन से संचालित प्रोफेशनल कोर्स समेत अन्य कोर्स में इसे लागू कर दिया गया। मौजूदा सत्र के लिए छात्र-छात्राओं के एडमिशन भी कर लिए गए। मगर एलएलबी में गरीब सवर्ण आरक्षण कोटा लागू होगा या नहीं, इसको लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। छात्र-छात्राएं उम्मीदें लगाए बैठे रहे, लेकिन बार काउंसलिंग ऑफ इंडिया ने उनकी उम्मीदों को झटका दे दिया है। काउंसिल की ओर से सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को भेजे पत्र में गरीब सवर्ण आरक्षण लागू करने के लिए सीटें बढ़ाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। काउंसिल का कहना है कि पूरे देश इस समय एलएलबी की शिक्षा को लेकर जो ढांचा मौजूद है, वह और सीटें बढ़ाने के योग्य नहीं है। ऐसे में सीटें बढ़ाना संभव नहीं है।
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शिक्षा के क्षेत्र में गरीब सवर्णों को दस प्रतिशत आरक्षण देने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने विश्वविद्यालयों को आदेश जारी किया था। इसके बाद ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजूकेशन और नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर्स एजूकेशन से संचालित प्रोफेशनल कोर्स समेत अन्य कोर्स में इसे लागू कर दिया गया। मौजूदा सत्र के लिए छात्र-छात्राओं के एडमिशन भी कर लिए गए। मगर एलएलबी में गरीब सवर्ण आरक्षण कोटा लागू होगा या नहीं, इसको लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। छात्र-छात्राएं उम्मीदें लगाए बैठे रहे, लेकिन बार काउंसलिंग ऑफ इंडिया ने उनकी उम्मीदों को झटका दे दिया है। काउंसिल की ओर से सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को भेजे पत्र में गरीब सवर्ण आरक्षण लागू करने के लिए सीटें बढ़ाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। काउंसिल का कहना है कि पूरे देश इस समय एलएलबी की शिक्षा को लेकर जो ढांचा मौजूद है, वह और सीटें बढ़ाने के योग्य नहीं है। ऐसे में सीटें बढ़ाना संभव नहीं है।
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