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विश्वस्तरीय होंगी स्मार्ट सिटी के स्कूलों की स्मार्ट क्लास
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बरेली। स्मार्ट सिटी के तहत शहर के सरकारी स्कूलों में बनने वाली स्मार्ट क्लास विश्वस्तरीय होंगी। मगर यहां के शिक्षक किस तरह की स्मार्ट क्लास से फ्रेंडली होंगे, इसको लेकर नगर निगम ने तीन स्कूलों के शिक्षकों को डेमो दिया है। बेहतर परिणाम वाले सिस्टम के तहत ही स्मार्ट क्लास बनाई जाएंगी।
नगर निगम के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में 17 स्कूलों में स्मार्ट क्लास बनाने का प्रस्ताव है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर छह करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। इस समय स्मार्ट सिटी को लेकर अच्छे स्कूलों में तीन तरह की व्यवस्था प्रचलित है, जिसमें पहली कंप्यूटर के साथ की-बोर्ड, दूसरी एंड्रायड बेस्ड प्रोजेक्टर और तीसरी इंफ्रारेड बेस्ड प्रोजेक्टर वाली है। इंफ्रारेड बेस्ड प्रोजेक्टर सिस्टम सबसे आधुनिक है, जिसमें दीवार ही डिस्प्ले में तब्दील हो जाएगी और टच स्क्रीन के तौर पर काम करेगी। स्थानीय शिक्षक इनमें से कौन सी तकनीक पर काम करने को लेकर ज्यादा फ्रेंडली हैं, इसको लेकर बृहस्पतिवार को नगर निगम में जीआईसी, मौलाना आजाद इंटर कॉलेज और जीजीआईसी के शिक्षकों को इनका डेमो कराया गया। स्मार्ट सिटी टेक्निकल ऑफीसर संजय चौहान ने बताया कि जिस सिस्टम को लेकर शिक्षक ज्यादा फ्रेंडली होंगे, उसके आधार पर ही स्मार्ट क्लास बनाई जाएंगी।
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नगर निगम के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में 17 स्कूलों में स्मार्ट क्लास बनाने का प्रस्ताव है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर छह करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। इस समय स्मार्ट सिटी को लेकर अच्छे स्कूलों में तीन तरह की व्यवस्था प्रचलित है, जिसमें पहली कंप्यूटर के साथ की-बोर्ड, दूसरी एंड्रायड बेस्ड प्रोजेक्टर और तीसरी इंफ्रारेड बेस्ड प्रोजेक्टर वाली है। इंफ्रारेड बेस्ड प्रोजेक्टर सिस्टम सबसे आधुनिक है, जिसमें दीवार ही डिस्प्ले में तब्दील हो जाएगी और टच स्क्रीन के तौर पर काम करेगी। स्थानीय शिक्षक इनमें से कौन सी तकनीक पर काम करने को लेकर ज्यादा फ्रेंडली हैं, इसको लेकर बृहस्पतिवार को नगर निगम में जीआईसी, मौलाना आजाद इंटर कॉलेज और जीजीआईसी के शिक्षकों को इनका डेमो कराया गया। स्मार्ट सिटी टेक्निकल ऑफीसर संजय चौहान ने बताया कि जिस सिस्टम को लेकर शिक्षक ज्यादा फ्रेंडली होंगे, उसके आधार पर ही स्मार्ट क्लास बनाई जाएंगी।
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