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त्रिशूल एयरबेस की सुरक्षा को गरुड़ कमांडो तैनात
बरेली
Updated Fri, 05 Feb 2016 01:22 AM IST
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बरेली। पठानकोट में आतंकी हमले के बाद त्रिशूल एयरबेस की सुरक्षा के लिए गरुड़ कमांडो तैनात कर दिए गए हैं। इन कमांडो को आतंक वादियों से लड़ने का पूरी तरह से प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल को ऊंचा कराने और कटीले तार लगाने के लिए वायुसेना के तकनीकी अधिकारियों ने नापजोख करके रक्षा मंत्रालय को प्रस्ताव भेज दिया है। एयरबेस की सुरक्षा के लिए वायु सेना तथा अन्य फोर्स के जवानों को छांटकर ही गरुड़ कमांडो बनाए गए हैं। जिन्हें आतंकवादियों से मुकाबला करने का विशेष प्रशिक्षण मिला हुआ है।
त्रिशूल के आसपास के इलाकों में सुरक्षा की दृष्टि से दिन और रात दोनों समय पेट्रोलिंग के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसके लिए तीन टीमें बनाई गईं हैं जो कि दोनों ओर से पेट्रोलिंग करेंगी और आसपास के माहौल पर नजर रखेंगी। ग्रामीणों के बीच में भी संपर्क सूत्र रहेंगे, जो वहां के लोगों की हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। अप्रैल के महीने से सिविल डिफेंस की यूनिट भी गांवों में पूरी तरह से काम करना शुरू कर देगी। फरवरी और मार्च के महीने में वायु सेना और सिविल डिफेंस के अधिकारी संयुक्त रूप से एयरबेस के आसपास के चयनित 27 गांवों में अच्छे चाल चलन के ग्रामीणों तथा सेना के रिटायर कर्मचारियों को तलाशे जाएंगे। इनको भी संपर्क सूत्र की जिम्मेदारी निभाने का प्राथमिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
त्रिशूल में देखते ही गोली मार दी जाएगी!
अनाधिकृत प्रवेश की कोशिश ले लेगी जान, कड़े इंतजाम हुए
बरेली। त्रिशूल एयरबेस में अनाधिकृत रूप से घुसने की कोशिश करने वालों को गोली मारी जा सकती है। भारतीय वायुसेना ने वेस्टर्न एयर कमांड के जिन 54 फ्लाइंग बेस में घुसने की कोशिश करने वालों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए हैं, उनमें बरेली का त्रिशूल एयरबेस भी है। हालांकि भारतीय वायुसेना के आदेश के बारे में त्रिशूल स्टेशन के अफसर कुछ भी बताने से बच रहे हैं, लेकिन उन्होंने यह आदेश आने के बाद एयरबेस की बाहरी सुरक्षा का घेरा गरुड़ जवान लगाकर और मजबूत कर लिया है। अत्याधुनिक हथियारों से लैस ये जवान सुरक्षा पर पूरी तरह से 24 घंटे नजर रखेंगे। कोई भी अगर दीवार फांदकर या किसी अन्य तरह से एयरबेस में घुसने की अनाधिकृत कोशिश करेगा तो उसको इन्हें गोली मारने के आदेश दिए गए हैं।
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पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले के बाद त्रिशूल एयरबेस में हाईअलर्ट घोषित किया जा चुका है। खुफिया एजेंसियां भी अपनी रिपोर्ट में त्रिशूल को आतंकी निशाने पर बता रही हैं। इसकी आशंका इसलिए भी जताई जा रही है क्योंकि बरेली में रहकर खुफिया सूचनाएं जुटाने वाला आईएसआई एजेंट इजाज गिरफ्तार किया जा चुका है। उसने भी यह खुलासा किया था कि बरेली में सेना के अहम अड्डों को निशाना बनाने के लिए आईएसआई सक्रिय है। आंतरिक सुरक्षा बंदोबस्त करने के साथ ही वायुसेना ने सभी गेट और बाहरी दीवारों के इर्द-गिर्द भी सुरक्षा घेरा और मजबूत कर दिया है। गरुड़ जवानों को इसी कड़ी में लगाया गया है। देखते ही गोली मारने के आदेश पर त्रिशूल एयरफोर्स स्टेशन के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी मुथुवेल ने कहा कि भारतीय वायुसेना समय-समय पर जरूरी दिशा-निर्देश देती है लेकिन सुरक्षा व्यवस्था आंतरिक मामला है इसलिए इस बारे में कुछ भी बताना ठीक नहीं होगा।
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त्रिशूल के आसपास के इलाकों में सुरक्षा की दृष्टि से दिन और रात दोनों समय पेट्रोलिंग के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसके लिए तीन टीमें बनाई गईं हैं जो कि दोनों ओर से पेट्रोलिंग करेंगी और आसपास के माहौल पर नजर रखेंगी। ग्रामीणों के बीच में भी संपर्क सूत्र रहेंगे, जो वहां के लोगों की हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। अप्रैल के महीने से सिविल डिफेंस की यूनिट भी गांवों में पूरी तरह से काम करना शुरू कर देगी। फरवरी और मार्च के महीने में वायु सेना और सिविल डिफेंस के अधिकारी संयुक्त रूप से एयरबेस के आसपास के चयनित 27 गांवों में अच्छे चाल चलन के ग्रामीणों तथा सेना के रिटायर कर्मचारियों को तलाशे जाएंगे। इनको भी संपर्क सूत्र की जिम्मेदारी निभाने का प्राथमिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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त्रिशूल में देखते ही गोली मार दी जाएगी!
अनाधिकृत प्रवेश की कोशिश ले लेगी जान, कड़े इंतजाम हुए
बरेली। त्रिशूल एयरबेस में अनाधिकृत रूप से घुसने की कोशिश करने वालों को गोली मारी जा सकती है। भारतीय वायुसेना ने वेस्टर्न एयर कमांड के जिन 54 फ्लाइंग बेस में घुसने की कोशिश करने वालों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए हैं, उनमें बरेली का त्रिशूल एयरबेस भी है। हालांकि भारतीय वायुसेना के आदेश के बारे में त्रिशूल स्टेशन के अफसर कुछ भी बताने से बच रहे हैं, लेकिन उन्होंने यह आदेश आने के बाद एयरबेस की बाहरी सुरक्षा का घेरा गरुड़ जवान लगाकर और मजबूत कर लिया है। अत्याधुनिक हथियारों से लैस ये जवान सुरक्षा पर पूरी तरह से 24 घंटे नजर रखेंगे। कोई भी अगर दीवार फांदकर या किसी अन्य तरह से एयरबेस में घुसने की अनाधिकृत कोशिश करेगा तो उसको इन्हें गोली मारने के आदेश दिए गए हैं।
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पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले के बाद त्रिशूल एयरबेस में हाईअलर्ट घोषित किया जा चुका है। खुफिया एजेंसियां भी अपनी रिपोर्ट में त्रिशूल को आतंकी निशाने पर बता रही हैं। इसकी आशंका इसलिए भी जताई जा रही है क्योंकि बरेली में रहकर खुफिया सूचनाएं जुटाने वाला आईएसआई एजेंट इजाज गिरफ्तार किया जा चुका है। उसने भी यह खुलासा किया था कि बरेली में सेना के अहम अड्डों को निशाना बनाने के लिए आईएसआई सक्रिय है। आंतरिक सुरक्षा बंदोबस्त करने के साथ ही वायुसेना ने सभी गेट और बाहरी दीवारों के इर्द-गिर्द भी सुरक्षा घेरा और मजबूत कर दिया है। गरुड़ जवानों को इसी कड़ी में लगाया गया है। देखते ही गोली मारने के आदेश पर त्रिशूल एयरफोर्स स्टेशन के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी मुथुवेल ने कहा कि भारतीय वायुसेना समय-समय पर जरूरी दिशा-निर्देश देती है लेकिन सुरक्षा व्यवस्था आंतरिक मामला है इसलिए इस बारे में कुछ भी बताना ठीक नहीं होगा।