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शाहजहांपुर: वर्षों से बंद राइस मिल में चल रहा था नकली सीमेंट का धंधा, ब्रांडेड कंपनी की कई बोरियां बरामद
Tue, 29 Dec 2020 09:38 AM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर
अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर
Published by: प्राची प्रियम
Updated Tue, 29 Dec 2020 09:38 AM IST
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लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे रोजा क्षेत्र में बंद पड़ी एक राइस मिल में काफी समय से नकली सीमेंट का धंधा किया जा रहा था। रोजा पुलिस ने गोपनीय सूचना के आधार पर रविवार को देर रात राइस मिल पर दबिश देकर वहां से ब्रांडेड सीमेंट कंपनी की खाली बोरियों समेत नकली सीमेंट और उसे बनाने का अन्य सामान बरामद किए। मौके से चौकीदार समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनसे पूछताछ की गई।
रोजा थाना को सूचना मिली थी कि हाईवे के किनारे कई वर्षों से बंद पड़ी एक राइस मिल में नकली सीमेंट की फैक्टरी चलाई जा रही है। पुलिस को छानबीन में पता चला कि रोजा इलाके में हाईवे के किनारे बंद पड़ी एक राइस मिल मालिक पर कर्ज चढ़ा तो देनदारी से बचने के लिए मिल का नाम बदल लिया।
कुछ दिन तक राइस मिल मालिक के एक निकट संबंधी ने वहां की व्यवस्था देखी, लेकिन उसकी मौत के बाद राइस मिल बंद हो गई। पुलिस को यह भी पता चला कि बाद में मिल मालिक की भी मौत हो गई। यह राइस मिल जिस व्यक्ति को किराए पर दी गई, उसने वहां नकली सीमेंट बनाने का धंधा शुरू कर दिया।
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रात में पुलिस ने राइस मिल पर छापा मारा तो वहां एक सिक्योरिटी कंपनी के जरिए नियुक्त क्षेत्र के गांव चकभिटारा निवासी चौकीदार पूरन लाल और मैगलगंज (खीरी) के एक व्यक्ति समेत पांच लोग पुलिस के हत्थे चढ़ गए, जबकि अन्य कई लोग भाग निकले।
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रोजा थाना को सूचना मिली थी कि हाईवे के किनारे कई वर्षों से बंद पड़ी एक राइस मिल में नकली सीमेंट की फैक्टरी चलाई जा रही है। पुलिस को छानबीन में पता चला कि रोजा इलाके में हाईवे के किनारे बंद पड़ी एक राइस मिल मालिक पर कर्ज चढ़ा तो देनदारी से बचने के लिए मिल का नाम बदल लिया।
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कुछ दिन तक राइस मिल मालिक के एक निकट संबंधी ने वहां की व्यवस्था देखी, लेकिन उसकी मौत के बाद राइस मिल बंद हो गई। पुलिस को यह भी पता चला कि बाद में मिल मालिक की भी मौत हो गई। यह राइस मिल जिस व्यक्ति को किराए पर दी गई, उसने वहां नकली सीमेंट बनाने का धंधा शुरू कर दिया।
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रात में पुलिस ने राइस मिल पर छापा मारा तो वहां एक सिक्योरिटी कंपनी के जरिए नियुक्त क्षेत्र के गांव चकभिटारा निवासी चौकीदार पूरन लाल और मैगलगंज (खीरी) के एक व्यक्ति समेत पांच लोग पुलिस के हत्थे चढ़ गए, जबकि अन्य कई लोग भाग निकले।
पकड़े गए लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस ने राइस मिल में तलाशी ली तो वहां से भारी मात्रा में सीमेंट की एक ब्रांडेड कंपनी की बोरियां, नकली सीमेंट और उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान भी बरामद हो गया। पकड़े गए लोगों से रोजा थाने पर एसपी सिटी संजय कुमार और सीओ सदर महेंद्र कुमार ने पूछताछ की।
कोतवाल प्रभारी के अनुसार यह पता लगाया जा रहा है कि नकली सीमेंट के धंधे में लिप्त जो लोग राइस मिल में पकड़े गए, वह किसके लिए काम कर रहे थे। चौकीदार नियुक्त करने वाली सुरक्षा एजेंसी के संचालक से भी पूछा जाएगा कि किसके कहने पर वहां ड्यूटी के लिए चौकीदार को भेजा गया। देर रात तक छानबीन चल रही थी।
नकली सीमेंट बनाने के संदेह में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। इस धंधे में कुछ और लोगों के शामिल होने की आशंका है, जिनके बारे में छानबीन की जा रही है।
- राजेंद्र बहादुर सिंह, रोजा थाना प्रभारी
कोतवाल प्रभारी के अनुसार यह पता लगाया जा रहा है कि नकली सीमेंट के धंधे में लिप्त जो लोग राइस मिल में पकड़े गए, वह किसके लिए काम कर रहे थे। चौकीदार नियुक्त करने वाली सुरक्षा एजेंसी के संचालक से भी पूछा जाएगा कि किसके कहने पर वहां ड्यूटी के लिए चौकीदार को भेजा गया। देर रात तक छानबीन चल रही थी।
नकली सीमेंट बनाने के संदेह में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। इस धंधे में कुछ और लोगों के शामिल होने की आशंका है, जिनके बारे में छानबीन की जा रही है।
- राजेंद्र बहादुर सिंह, रोजा थाना प्रभारी