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Bareilly News: चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव से हलचल बरेली में फिक्स रेट पर बुक हो रहे गहने
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बरेली। औद्योगिक प्रयोग समेत सुरक्षित निवेश और शुभता की प्रतीक चांदी के भाव महज चार दिन में 12 हजार रुपये से ज्यादा बढ़े हैं। असमंजस की स्थिति के बावजूद बरेली के सराफा कारोबारी ग्राहकों के समक्ष दो विकल्प दे रहे हैं। इससे नोकझोंक की नौबत से निजात मिली है।
सराफा कारोबारियों के मुताबिक, पिछले वर्ष 13 नवंबर को प्रति किलो चांदी का भाव 90 हजार रुपये था। शनिवार को चांदी का भाव 1.90 लाख रुपये रहा। प्रतिदिन कीमतों में आ रहे उतार-चढ़ाव से बाजार में असमंजस की स्थिति है। पहले भाव में उतार-चढ़ाव की स्थिति में बुकिंग कराने वालों से मान-मनौवल की स्थिति होती थी। कीमत में गिरावट होने पर ग्राहक और उछाल से कारोबारी परेशान होते थे। बीच का रास्ता निकालना कठिन था। ऐसे में ज्यादातर कारोबारी ग्राहकों के समक्ष दो विकल्प रखने लगे हैं।
सराफा कारोबारी सुबोध अग्रवाल के मुताबिक पहला विकल्प, भविष्य में कीमत बढ़े या घटे, जिस दिन चांदी के गहने बुक हुए हैं, उसी कीमत पर दिए जाएंगे। दूसरा, कीमत बढ़ने या घटने पर जैसी स्थिति रहेगी, उसी अनुसार भुगतान करना होगा। दावा है कि फिक्स रेट लोगों को भा रहा है।
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सराफा कारोबारी सुमित अग्रवाल के मुताबिक, सहालग की खरीदारी अब थम चुकी है। अगले वर्ष मकर संक्रांति के साथ मांगलिक आयोजन और वैवाहिक कार्यक्रम होंगे। इसके लिए बुकिंग चल रही है। ग्राहक फिक्स रेट पर बुकिंग करा रहे हैं। साल के अंत तक भाव दो लाख रुपये पहुंचने का अनुमान है। इधर, एमसीएक्स पर भाव दो लाख तक पहुंच गए हैं।
कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच कई कारोबारी ऐसे भी हैं जो नकद सौदा कर रहे हैं। सराफा कारोबारी संजीव अग्रवाल के मुताबिक, अगर कीमत घटी तो बेवजह नुकसान होगा। भाव बढ़ने पर मुनाफे के आसार हैं, पर इससे ग्राहक के साथ मनमुटाव की आशंका बढ़ती है। इसे कारोबार के लिए हितकर नहीं कहा जा सकता। इसलिए ग्राहकों से नकद सौदा कर रहे हैं।
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सराफा कारोबारियों के मुताबिक, पिछले वर्ष 13 नवंबर को प्रति किलो चांदी का भाव 90 हजार रुपये था। शनिवार को चांदी का भाव 1.90 लाख रुपये रहा। प्रतिदिन कीमतों में आ रहे उतार-चढ़ाव से बाजार में असमंजस की स्थिति है। पहले भाव में उतार-चढ़ाव की स्थिति में बुकिंग कराने वालों से मान-मनौवल की स्थिति होती थी। कीमत में गिरावट होने पर ग्राहक और उछाल से कारोबारी परेशान होते थे। बीच का रास्ता निकालना कठिन था। ऐसे में ज्यादातर कारोबारी ग्राहकों के समक्ष दो विकल्प रखने लगे हैं।
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सराफा कारोबारी सुबोध अग्रवाल के मुताबिक पहला विकल्प, भविष्य में कीमत बढ़े या घटे, जिस दिन चांदी के गहने बुक हुए हैं, उसी कीमत पर दिए जाएंगे। दूसरा, कीमत बढ़ने या घटने पर जैसी स्थिति रहेगी, उसी अनुसार भुगतान करना होगा। दावा है कि फिक्स रेट लोगों को भा रहा है।
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सराफा कारोबारी सुमित अग्रवाल के मुताबिक, सहालग की खरीदारी अब थम चुकी है। अगले वर्ष मकर संक्रांति के साथ मांगलिक आयोजन और वैवाहिक कार्यक्रम होंगे। इसके लिए बुकिंग चल रही है। ग्राहक फिक्स रेट पर बुकिंग करा रहे हैं। साल के अंत तक भाव दो लाख रुपये पहुंचने का अनुमान है। इधर, एमसीएक्स पर भाव दो लाख तक पहुंच गए हैं।
कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच कई कारोबारी ऐसे भी हैं जो नकद सौदा कर रहे हैं। सराफा कारोबारी संजीव अग्रवाल के मुताबिक, अगर कीमत घटी तो बेवजह नुकसान होगा। भाव बढ़ने पर मुनाफे के आसार हैं, पर इससे ग्राहक के साथ मनमुटाव की आशंका बढ़ती है। इसे कारोबार के लिए हितकर नहीं कहा जा सकता। इसलिए ग्राहकों से नकद सौदा कर रहे हैं।