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दलीय सीमाएं तोड़कर डीआरएम स्कूल पर मेहरबान रहे माननीय
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Sun, 18 Mar 2018 01:38 AM IST
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सांसद और विधायक निधि का बजट क्षेत्र के विकास के लिए दिया जाने वाला पब्लिक का पैसा होता है। मगर, सांसद और विधायक अक्सर जनता का पैसा डीआरडीए बाबुओं की डील से निजी स्कूलों को दे देते हैं। निजी स्कूलों के अक्सर विधायक निधि की रकम में 45 से 55 फीसदी कमीशन देने की बातें उठती रही हैं। बरेली में डीआरएम जूनियर हाईस्कूल पर सांसद, विधायक और एमएलसी दलीय सीमाएं तोड़कर मेहरबान रहे। डीआरडीए के बाबुओं ने कमीशन का मोटा खेलकर इस स्कूल को सपा, बसपा और भाजपा विधायकों से 50 लाख से ज्यादा की रकम दिला दी। हालांकि विधायकों ने जिस गाटा संख्या की जमीन पर दर्शाए गए इस स्कूल को इतनी बड़ी रकम कई बार में दी, वह स्कूल वहां है ही नहीं। इस गाटा संख्या की जमीन पर मकान बने हुए हैं। दरअसल, स्कूल प्रबंधक ने ही इस जमीन को बेच दिया था। मजे की बात तो यह है कि जूनियर हाईस्कूल के भवन निर्माण, बाउंड्रीवाल निर्माण को दी गई रकम से काम पूरा होना भी दर्शा दिया गया है।
डीआरएम जूनियर हाईस्कूल को तत्कालीन आंवला सांसद मेनका गांधी की निधि से दो बार में तीन-तीन लाख रुपये दिए गए, जबकि यह स्कूल उस गाटा नंबर की जमीन पर मौजूद ही नहीं है। मतलब, सांसद निधि लेकर स्कूल प्रबंधन ने उसे अपने हिसाब से खर्च किया। इतना ही नहीं, वर्ष 2008-09 में सपा से एमएलसी (वर्तमान में भी) घनश्याम सिंह लोधी, बसपा से उस समय के आंवला विधायक आरके शर्मा, शिक्षक एमएलसी सुभाषचंद्र शर्मा और वर्ष 2012-13 में आंवला विधायक (वर्तमान में प्रदेश सरकार में सिंचाई मंत्री) धर्मपाल सिंह ने अपनी विधायक निधि से डीआरएम जूनियर हाईस्कूल अंजनी ब्लॉक रामनगर, तहसील आंवला को 50 लाख से ज्यादा की रकम कक्ष, बरामदा निर्माण, फर्नीचर, डनलप और अन्य सामान की खरीद के लिए दी गई। सूत्रों के मुताबिक प्राइवेट स्कूल को सांसद और विधायक निधि की रकम दिलाने के लिए डीआरडीए के बाबुओं ने डील कराई।
25 लाख से अधिक नहीं दे सकते
शासनादेश के मुताबिक, किसी एक स्कूल को सांसद और विधायक निधि से 25 लाख से ज्यादा की रकम नहीं दी जा सकती। इसके बावजूद बरेली में एक ही विधायक ने इस स्कूल को 29 लाख की रकम दे दी। अन्य विधायक भी स्कूल पर कृपा बरसाने में पीछे नहीं रहे। वह भी ऐसे स्कूल को, जिसकी जमीन पर ही विवाद चल रहा है।
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स्कूल पर कौन विधायक, कब कितना रहा मेहरबान रहा
वष विधायक का नाम धनराशि उद्देश्य
2008-09 घनश्याम सिंह लोधी (सपा) 5.0 लाख बरामदा, गैलरी निर्माण
2008-09 आरके शर्मा (बसपा) 5.0 लाख 525 मेज, 525 कुर्सी खरीद
2008-09 आरके शर्मा (बसपा) 2.0 लाख कक्ष निर्माण
2009-10 आरके शर्मा (बसपा) 8.0 लाख बाउंड्रीवाल निर्माण, फर्नीचर खरीद
2008-90 सुभाषचंद्र शर्मा (एमएलसी) 1.5 लाख कक्ष एवं बरामदा निर्माण
2010-11 आरके शर्मा (बसपा) 4.5 लाख दो कक्ष एवं बरामदा निर्माण
2009-10 केसर सिंह (बसपा एमएलसी) 2.0 लाख कक्ष निर्माण
2010-11 आरके शर्मा (बसपा) 3.0 लाख कक्ष एवं बरामदा निर्माण
2011-12 आरके शर्मा (बसपा) 4.5 लाख दो कक्ष एवं बरामदा निर्माण
2011-12 आरके शर्मा (बसपा) 2.0 लाख कक्ष एवं बरामदा निर्माण
2012-13 धर्मपाल सिंह (भाजपा) 4.0 लाख भवन निर्माण
सांसद या विधायक निधि से किसी स्कूल को कितना पैसा दिया जा सकता है? शासन में इसके क्या नियम हैं? इसके आलोक में डीआरडीए परियोजना निदेशक को मामले की जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। - सत्येंद्र कुमार, सीडीओ
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डीआरएम जूनियर हाईस्कूल को तत्कालीन आंवला सांसद मेनका गांधी की निधि से दो बार में तीन-तीन लाख रुपये दिए गए, जबकि यह स्कूल उस गाटा नंबर की जमीन पर मौजूद ही नहीं है। मतलब, सांसद निधि लेकर स्कूल प्रबंधन ने उसे अपने हिसाब से खर्च किया। इतना ही नहीं, वर्ष 2008-09 में सपा से एमएलसी (वर्तमान में भी) घनश्याम सिंह लोधी, बसपा से उस समय के आंवला विधायक आरके शर्मा, शिक्षक एमएलसी सुभाषचंद्र शर्मा और वर्ष 2012-13 में आंवला विधायक (वर्तमान में प्रदेश सरकार में सिंचाई मंत्री) धर्मपाल सिंह ने अपनी विधायक निधि से डीआरएम जूनियर हाईस्कूल अंजनी ब्लॉक रामनगर, तहसील आंवला को 50 लाख से ज्यादा की रकम कक्ष, बरामदा निर्माण, फर्नीचर, डनलप और अन्य सामान की खरीद के लिए दी गई। सूत्रों के मुताबिक प्राइवेट स्कूल को सांसद और विधायक निधि की रकम दिलाने के लिए डीआरडीए के बाबुओं ने डील कराई।
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25 लाख से अधिक नहीं दे सकते
शासनादेश के मुताबिक, किसी एक स्कूल को सांसद और विधायक निधि से 25 लाख से ज्यादा की रकम नहीं दी जा सकती। इसके बावजूद बरेली में एक ही विधायक ने इस स्कूल को 29 लाख की रकम दे दी। अन्य विधायक भी स्कूल पर कृपा बरसाने में पीछे नहीं रहे। वह भी ऐसे स्कूल को, जिसकी जमीन पर ही विवाद चल रहा है।
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स्कूल पर कौन विधायक, कब कितना रहा मेहरबान रहा
वष विधायक का नाम धनराशि उद्देश्य
2008-09 घनश्याम सिंह लोधी (सपा) 5.0 लाख बरामदा, गैलरी निर्माण
2008-09 आरके शर्मा (बसपा) 5.0 लाख 525 मेज, 525 कुर्सी खरीद
2008-09 आरके शर्मा (बसपा) 2.0 लाख कक्ष निर्माण
2009-10 आरके शर्मा (बसपा) 8.0 लाख बाउंड्रीवाल निर्माण, फर्नीचर खरीद
2008-90 सुभाषचंद्र शर्मा (एमएलसी) 1.5 लाख कक्ष एवं बरामदा निर्माण
2010-11 आरके शर्मा (बसपा) 4.5 लाख दो कक्ष एवं बरामदा निर्माण
2009-10 केसर सिंह (बसपा एमएलसी) 2.0 लाख कक्ष निर्माण
2010-11 आरके शर्मा (बसपा) 3.0 लाख कक्ष एवं बरामदा निर्माण
2011-12 आरके शर्मा (बसपा) 4.5 लाख दो कक्ष एवं बरामदा निर्माण
2011-12 आरके शर्मा (बसपा) 2.0 लाख कक्ष एवं बरामदा निर्माण
2012-13 धर्मपाल सिंह (भाजपा) 4.0 लाख भवन निर्माण
सांसद या विधायक निधि से किसी स्कूल को कितना पैसा दिया जा सकता है? शासन में इसके क्या नियम हैं? इसके आलोक में डीआरडीए परियोजना निदेशक को मामले की जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। - सत्येंद्र कुमार, सीडीओ