Bareilly News: तीन हजार से ज्यादा लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस फंसे, रूस-यूक्रेन युद्ध है इसकी वजह
यूक्रेन से आने वाले चिपयुक्त स्मार्टकार्ड की आपूर्ति युद्ध के चलते नहीं हो पा रही। इसकी वजह से चार महीने से स्थायी डीएल प्रिंट ही नहीं हो रहे।
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बरेली जिले के तीन हजार से ज्यादा लोगों के स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) फंस गए हैं। इनके लाइसेंस पोर्टल पर तो शो कर रहे हैं, लेकिन प्रिंट नहीं हो पा रहे। यूक्रेन से आने वाले चिपयुक्त स्मार्टकार्ड की आपूर्ति युद्ध के चलते नहीं हो पा रही। इसकी वजह से चार महीने से स्थायी डीएल प्रिंट ही नहीं हो रहे।
जिले में औसतन सौ से ज्यादा लोग रोजाना स्थायी डीएल के लिए ऑनलाइन आवेदन करे हैं। विशेष प्रकार के चिपयुक्त स्मार्टकार्ड वाला स्थायी डीएल लखनऊ में प्रिंट होता है। 30 दिन के भीतर डाक से लाइसेंस आवेदक के घर पहुंचता है। चार महीने से आवेदकों को स्थायी डीएल मिले ही नहीं हैं। अधिकारियों का कहना है स्मार्टकार्ड की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। अप्रैल मध्य तक समस्या खत्म होने की उम्मीद है।
डरें नहीं, इस तरह कार्रवाई से बचें
डीएल नहीं होने पर वाहन चेकिंग और पुलिस से बचने के लिए लोग रास्ता बदल देते हैं। आरटीओ दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि डीएल के लिए आवेदन के बाद वाहन चेकिंग के दौरान आवेदक अपना रजिस्ट्रेशन नंबर दिखा सकता है। जिन लोगों के लाइसेंस पोर्टल पर शो हो रहे हैं, वे इसे डिजिलॉकर में सुरक्षित कर सकते हैं। डिजीलॉकर में सुरक्षित लाइसेंस दिखाकर भी चालन की कार्रवाई से बचा जा सकता है।
आरटीओ दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि स्थायी डीएल में इस्तेमाल होने वाली स्मार्टकार्ड की सप्लाई यूक्रेन से होती है। एक साल से इसकी सप्लाई बंद होने से लाइसेंस प्रिंट नहीं हो पा रहे। अप्रैल मध्य तक समस्या खत्म होने की उम्मीद है।