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Bareilly News: डेढ़ करोड़ खर्च के बाद भी नही मिल रहा ठंडा पेयजल
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बिशारतगंज। एक वर्ष पूर्व स्वच्छ ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने के लिए करीब डेढ़ करोड़ खर्च कर नगर पंचायत ने कस्बे में कई स्थानों पर फ्रीजर लगवाए थे, लेकिन अब अधिकांश फ्रीजर खराब पड़े हैं।
इनमें से जो चल रहे हैं, उनमें अधिकांश के फिल्टर काम नहीं कर रहे। भीषण गर्मी में लोगों को स्वच्छ व ठंडा पानी तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। यही नहीं कुछ फ्रीजर से गंदा पानी निकल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अंजान बने हुए हैं।
नगर पंचायत के पिछले बोर्ड में तत्कालीन चेयरमैन सूरजपाल मौर्य ने अपने कार्यकाल में कस्बे में फ्रीजर लगवाने की पहल की थी। शासन से जब तक धनराशि जारी हुई, तब तक नगर पंचायत बोर्ड का कार्यकाल समाप्त हो गया। अध्यक्ष का चार्ज एडीएम ई पर चला गया।
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नगर पंचायत के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी शिव पूजन सिंह की देखरेख में 21 स्थानों पर ठेकेदार ने फ्रीजर लगाने का काम किया। फ्रीजर लगाए जाते समय मानक अनुरूप कार्य नहीं किया गया। मनमाने ढंग से खानापूर्ति कर फ्रीजर लगाकर चालू कर दिए गए।
फ्रीजर चालू होने के कुछ दिन बाद ही फिल्टर न चलने की शिकायतें आईं। ठेकेदार ने शिकायतों को अनदेखा कर दिया। अधिशासी अधिकारी ने भी ध्यान नहीं दिया। इसी बीच चुनाव हुए और नया बोर्ड गठित हुआ। मौसम सर्दी का आने के चलते फ्रीजर की ओर ध्यान नहीं दिया गया।
अधिशासी अधिकारी का तबादला हो गया। ईओ का चार्ज प्रभारी के रूप में आंवला के ईओ पर आ गया। यहां स्थायी ईओ की तैनाती नहीं होने से ठीक ढंग से देखरेख नहीं हो सकी।
फ्रीजर लगाने वाली कंपनी को बीच में फ्रीजर की सर्विस (मरम्मत) करनी थी, जो खानापूर्ति कर निपटा दी गई। एक साल की गारंटी भी इसी दौरान बीत गई। नतीजतन स्वच्छ ठंडा पेयजल मुहैया कराने की योजना ठीक ढंग से अंजाम तक नहीं पहुंच सकी।
कई फ्रीजर की दोनों टोंटी से पानी नहीं आ रहा तो कुछ ठंडा पानी नहीं दे रहे। फिल्टर के न चलने से कुछ में गंदा पानी आ रहा है। भीषण गर्मी में लोग ठंडे पानी के लिए भटकते देखे जाते हैं।
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सिरौली के कई सार्वजनिक स्थलों पर फ्रीजर खराब, पानी के लिए भटक रहे लोग
सिरौली। नगर में आधे से अधिक सार्वजनिक स्थलों पर फ्रीजर व हैंडपंप खराब पड़े हैं। इस कारण लोगों को ठंडे पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है।
नगर पंचायत सिरौली ने आधा दर्जन सार्वजनिक स्थानों पर यात्रियों को ठंडा पानी उपलब्ध कराने के लिए लाखों रुपये खर्च कर फ्रीजर एवं हैंडपंप लगवाए हैं, लेकिन इसकी अभी तक मरम्मत नहीं कराई गई है।
बस स्टैंड पर क्षेत्र के 50 से 60 गांव के यात्री आते हैं, लेकिन गर्मी के कारण प्यास बुझाने को उन्हें पीने का पानी नहीं मिल पाता। उन्हें ठंडे पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है।
जिला अधिकारी के आदेश के बाद भी नगर में खराब पड़े इंडिया मार्का नल ठीक नहीं कराए गए हैं। नगर पंचायत के बड़े बाबू सुरेश मौर्य ने बताया कि अब जो कार्य योजना बनेगी। उसी के तहत सभी हैंड पंप, फ्रीजर मरम्मत कराकर अति शीघ्र चालू किए जाएंगे।
जरूरत की स्थानों पर फ्रीजर बढ़वाए जाएंगे। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी राजन तिवारी ने बताया कि भीषण गर्मी के चलते नगर के सार्वजनिक स्थानों पर ठंडा पानी उपलब्ध कराने के लिए वाटर कूलर लगवा कर पीने के पानी की व्यवस्था कराई गई है। संवाद
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इनमें से जो चल रहे हैं, उनमें अधिकांश के फिल्टर काम नहीं कर रहे। भीषण गर्मी में लोगों को स्वच्छ व ठंडा पानी तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। यही नहीं कुछ फ्रीजर से गंदा पानी निकल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अंजान बने हुए हैं।
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नगर पंचायत के पिछले बोर्ड में तत्कालीन चेयरमैन सूरजपाल मौर्य ने अपने कार्यकाल में कस्बे में फ्रीजर लगवाने की पहल की थी। शासन से जब तक धनराशि जारी हुई, तब तक नगर पंचायत बोर्ड का कार्यकाल समाप्त हो गया। अध्यक्ष का चार्ज एडीएम ई पर चला गया।
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नगर पंचायत के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी शिव पूजन सिंह की देखरेख में 21 स्थानों पर ठेकेदार ने फ्रीजर लगाने का काम किया। फ्रीजर लगाए जाते समय मानक अनुरूप कार्य नहीं किया गया। मनमाने ढंग से खानापूर्ति कर फ्रीजर लगाकर चालू कर दिए गए।
फ्रीजर चालू होने के कुछ दिन बाद ही फिल्टर न चलने की शिकायतें आईं। ठेकेदार ने शिकायतों को अनदेखा कर दिया। अधिशासी अधिकारी ने भी ध्यान नहीं दिया। इसी बीच चुनाव हुए और नया बोर्ड गठित हुआ। मौसम सर्दी का आने के चलते फ्रीजर की ओर ध्यान नहीं दिया गया।
अधिशासी अधिकारी का तबादला हो गया। ईओ का चार्ज प्रभारी के रूप में आंवला के ईओ पर आ गया। यहां स्थायी ईओ की तैनाती नहीं होने से ठीक ढंग से देखरेख नहीं हो सकी।
फ्रीजर लगाने वाली कंपनी को बीच में फ्रीजर की सर्विस (मरम्मत) करनी थी, जो खानापूर्ति कर निपटा दी गई। एक साल की गारंटी भी इसी दौरान बीत गई। नतीजतन स्वच्छ ठंडा पेयजल मुहैया कराने की योजना ठीक ढंग से अंजाम तक नहीं पहुंच सकी।
कई फ्रीजर की दोनों टोंटी से पानी नहीं आ रहा तो कुछ ठंडा पानी नहीं दे रहे। फिल्टर के न चलने से कुछ में गंदा पानी आ रहा है। भीषण गर्मी में लोग ठंडे पानी के लिए भटकते देखे जाते हैं।
सिरौली के कई सार्वजनिक स्थलों पर फ्रीजर खराब, पानी के लिए भटक रहे लोग
सिरौली। नगर में आधे से अधिक सार्वजनिक स्थलों पर फ्रीजर व हैंडपंप खराब पड़े हैं। इस कारण लोगों को ठंडे पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है।
नगर पंचायत सिरौली ने आधा दर्जन सार्वजनिक स्थानों पर यात्रियों को ठंडा पानी उपलब्ध कराने के लिए लाखों रुपये खर्च कर फ्रीजर एवं हैंडपंप लगवाए हैं, लेकिन इसकी अभी तक मरम्मत नहीं कराई गई है।
बस स्टैंड पर क्षेत्र के 50 से 60 गांव के यात्री आते हैं, लेकिन गर्मी के कारण प्यास बुझाने को उन्हें पीने का पानी नहीं मिल पाता। उन्हें ठंडे पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है।
जिला अधिकारी के आदेश के बाद भी नगर में खराब पड़े इंडिया मार्का नल ठीक नहीं कराए गए हैं। नगर पंचायत के बड़े बाबू सुरेश मौर्य ने बताया कि अब जो कार्य योजना बनेगी। उसी के तहत सभी हैंड पंप, फ्रीजर मरम्मत कराकर अति शीघ्र चालू किए जाएंगे।
जरूरत की स्थानों पर फ्रीजर बढ़वाए जाएंगे। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी राजन तिवारी ने बताया कि भीषण गर्मी के चलते नगर के सार्वजनिक स्थानों पर ठंडा पानी उपलब्ध कराने के लिए वाटर कूलर लगवा कर पीने के पानी की व्यवस्था कराई गई है। संवाद