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Bareilly News: बिना नीट डॉक्टर बनने का ख्वाब... बस वीजा-पासपोर्ट रखें तैयार

Mon, 29 May 2023 01:34 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 29 May 2023 01:34 AM IST
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Dream of becoming a doctor without NEET... just keep visa-passport ready
बरेली। हर साल बड़ी संख्या में युवा डॉक्टर बनने का ख्वाब देखते हैं। उनकी चाहत है कि सफेद कोट पहनकर वह भी मरीजों की सेवा करें, लेकिन इसके लिए उन्हें बेचलर ऑफ मेडिसिन एंड बेचलर ऑफ सर्जरी (एमबीबीएस) करने के लिए नेशनल एलिजबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) पास करना होता है। लाखों में कुछ हजार अभ्यर्थी ही इसमें सफल हो पाते हैं। जो उत्तीर्ण नहीं हो पाते उन्हें एजेंट विदेश में डॉक्टर बनाने का ख्वाब दिखा रहे हैं।
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विदेशी विश्वविद्यालयों के एजेंट ऐसे ही अभ्यर्थियों को अपना मोहरा बना रहे हैं। एक एजेंट के मुताबिक विद्यार्थियों को नीट क्वालीफाई करने की जरूरत नहीं है। उन्हें कॉलेज का एंट्रेंस भी नहीं देना है। बस पासपोर्ट, वीजा तैयार कर विदेश जाकर एमबीबीएस की पढ़ाई करनी है।
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नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से नीट सात मई को जिले के सात केंद्रों पर कराया गया था। इसमें देशभर से तीन लाख अभ्यर्थी बैठे थे। परीक्षा के नतीजे जून में जारी किए जाएंगे। इससे पहले ही अभ्यर्थियों ने दूसरे विकल्प तलाशने शुरू कर दिए हैं।
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केस-1
रामपुर बाग निवासी 22 वर्षीय एक छात्रा ने पिछले साल नीट दिया था। अच्छे अंक न आने पर छात्रा ने एक साल गैप दिया, लेकिन इस साल भी उसकी परीक्षा अच्छी नहीं हुई। परिणाम आने से पहले ही छात्रा ने नेपाल के एक विवि के लिए आवेदन किया है। वह आवेदन की फीस भी जमा कर चुकी है।

केस-2
मॉडल टाउन निवासी 20 वर्षीय छात्रा का हमेशा से ही विदेश में पढ़ाई करने का ख्वाब था। अभिभावकों की सहमति पर उसने 11वीं में बायोलॉजी विषय चुन लिया। डॉक्टर बनने में उसकी कोई दिलचस्पी नहीं है, लेकिन माता-पिता का सपना पूरा करने के लिए वह किर्गिस्तान जा रही है।

देश में प्रैक्टिस के लिए परीक्षा जरूरी
एमबीबीएस के बाद देश में प्रैक्टिस के लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) का स्क्रीनिंग टेस्ट देना अनिवार्य है। इस परीक्षा को पास करने के बाद ही कोई मेडिकल प्रैक्टिस कर सकता है।

नियम और दावे
- बिना नीट क्वालीफाई किए भी मिलेगा प्रवेश।
- 41,282 रुपये (500 यूएसडी) का शुल्क जमा कर मिलेगा आवेदन पत्र।
- 82,564 रुपये जमा करने पर मिलेगा विवि में प्रवेश।
- 10वीं और 12वीं की मार्कशीट के साथ, पासपोर्ट देना अनिवार्य।
- 17 से 22 लाख तक रहेगी कॉलेज की फीस।
- वीजा एक्टेंशन के लिए नहीं करना होगा अलग से भुगतान।
- चार किस्तों में फीस जमा करने की सुविधा।
- इंटर्नशिप करने की मिलेगी सुविधा।

विदेश से एमबीबीएस करने का यह भी कारण
नीट में यदि अच्छी रैंक नहीं मिलती है तो विद्यार्थियों को निजी विश्वविद्यालय में दाखिला लेना पड़ता है। इसमें 50 लाख रुपये से अधिक का खर्चा आ जा है। वहीं, विदेश में 25 से 30 लाख रुपये खर्च कर एमबीबीएस की डिग्री मिल जाती है।


देश में नीट क्वालीफाई करना अनिवार्य है। उसकी मेरिट लिस्ट के अनुसार ही विद्यार्थियों का चयन किया जाता है। विदेश में विश्वविद्यालयों की पॉलिसी के अनुसार पढ़ाई होती है। विदेश से एमबीबीएस करने वाले विद्यार्थियों को सलाह है कि प्रैक्टिस के लिए होने वाली परीक्षा को ध्यान में रखकर पढ़ाई करें। - विनीत शर्मा, एडमिशन इंचार्ज, एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज
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