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Bareilly News: बाइक सवारों को भी दौड़ाते हैं गांधीपुरम व सीबीगंज के खूंखार कुत्ते
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बरेली। गांधीपुरम व सीबीगंज की कई गलियां ऐसी हैं, जहां 8-10 कुत्ते झुंड बनाकर रहते हैं। पैदल वालों की बात छोड़िए, अगर आप बाइक से हैं तो भी कुत्ते दौड़ा लेते हैं। कोहरे के सीजन में बाइक सवार इनसे बचने के प्रयास में गिरकर चोटिल हो जाते हैं। बृहस्पतिवार को खूंखार कुत्तों ने आठ वर्षीय मासूम उदय को काटकर जख्मी कर दिया था। इसके बाद भी नगर निगम खानापूर्ति से बाज नहीं आया। गांधीपुरम और सीबीगंज में शुक्रवार को टीम ने आठ घंटे तक अभियान चलाया पर सिर्फ 12 कुत्तों को ही पकड़ा जा सका। बधियाकरण के बाद इनको दोबारा उसी क्षेत्र में छोड़ा जाएगा।
गांधीपुरम फेज टू के निवासी अधिवक्ता धर्मवीर सिंह ने बताया कि अगर घर आने में देर हो जाती है तो कुत्ते बाइक का पीछा करते हैं। इनसे बचने के लिए पैर ऊपर उठाकर तेज गति से निकलना पड़ता है। इससे हादसा होने का भी अंदेशा रहता है। नगर निगम के पशु चिकित्साधिकारी डॉ.आदित्य तिवारी ने बताया कि नगर निगम की टीम एक दिन में 10-12 कुत्ते पकड़ती है। बधियाकरण के बाद उन्हें उसी क्षत्र में छोड़ दिया जाता है। शहर में 30 हजार से अधिक कुत्ते हैं। हर महीने 200-250 कुत्ते पकड़कर बधिया किए जाते हैं।
कुत्तों के बधियाकरण के लिए शहर में एक और केंद्र स्थापित किया जाएगा। इसकी लागत 1.60 करोड़ रुपये होगी। इसमें 200-250 कुत्तों को एक साथ रखा जा सकेगा। कुत्तों को बधिया करने के लिए अभी जो केंद्र संचालित है, उसमें 50-60 कुत्ते एक साख रखे जा सकते हैं तथा एक दिन में 15 कुत्तों को बधिया करने की व्यवस्था है। नए केंद्र में एक दिन में 50 कुत्ते बधिया किए जा सकेंगे। पशु चिकित्साधिकारी डॉ.आदित्य तिवारी ने बताया कि बरेली का बधियाकरण केंद्र लखनऊ की तर्ज पर बनेगा। केंद्र सरकार की मंजूरी मिल चुकी है। आधा बजट भी आ गया है।
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गांधीपुरम फेज टू के निवासी अधिवक्ता धर्मवीर सिंह ने बताया कि अगर घर आने में देर हो जाती है तो कुत्ते बाइक का पीछा करते हैं। इनसे बचने के लिए पैर ऊपर उठाकर तेज गति से निकलना पड़ता है। इससे हादसा होने का भी अंदेशा रहता है। नगर निगम के पशु चिकित्साधिकारी डॉ.आदित्य तिवारी ने बताया कि नगर निगम की टीम एक दिन में 10-12 कुत्ते पकड़ती है। बधियाकरण के बाद उन्हें उसी क्षत्र में छोड़ दिया जाता है। शहर में 30 हजार से अधिक कुत्ते हैं। हर महीने 200-250 कुत्ते पकड़कर बधिया किए जाते हैं।
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कुत्तों के बधियाकरण के लिए शहर में एक और केंद्र स्थापित किया जाएगा। इसकी लागत 1.60 करोड़ रुपये होगी। इसमें 200-250 कुत्तों को एक साथ रखा जा सकेगा। कुत्तों को बधिया करने के लिए अभी जो केंद्र संचालित है, उसमें 50-60 कुत्ते एक साख रखे जा सकते हैं तथा एक दिन में 15 कुत्तों को बधिया करने की व्यवस्था है। नए केंद्र में एक दिन में 50 कुत्ते बधिया किए जा सकेंगे। पशु चिकित्साधिकारी डॉ.आदित्य तिवारी ने बताया कि बरेली का बधियाकरण केंद्र लखनऊ की तर्ज पर बनेगा। केंद्र सरकार की मंजूरी मिल चुकी है। आधा बजट भी आ गया है।
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