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पर्यावरण मित्र मैटेरियल पर करें शोध
बरेली
Updated Thu, 25 Feb 2016 01:49 AM IST
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में एडवांटेज इन इंजीनियरिंग मैटेरियल पर राष्ट्रीय संगोष्ठी में तकनीक और पर्यावरण संरक्षण के लिए तकनीकी शोध पर विमर्श किया गया। पर्यावरण के लिए लाभदायक तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर दिया गया, क्योंकि इस समय पर पर्यावरण बहुत घातक प्रभाव पड़ रहे हैं।
मैकेनिकल विभाग की ओर से हुई राष्ट्रीय संगोष्ठी में नैनो टेक्नोलॉजी का प्रयोग के बारे में भी बताया गया। संगोष्ठी के विशिष्ट अतिथि जामिया मिलिया इस्लामिया के कुलपति प्रो. तलत अहमद ने मैटरियल के लिए सही इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा ऐसे मैटेरियल पर शोध करें, जो ठीक से डिकंपोज हो जाएं। उन्होंने कहा कि मैटेरियल साइंस का स्कोप बढ़ता जा रहा है। फॉरेंसिक साइंस से लेकर फेलियर एनालिसिस तक मैटेरियल साइंस का उपयोग होता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय लोकल डेवलपमेंट पर मुख्य भूमिका निभाएं, ताकि लोगों को इसका फायदा मिल सके।
एमिटी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. वीके जैन ने माइक्रो इलेक्ट्रो डिवाइस पर काम किया है। इनका तमाम तकनीकी इंडस्ट्री में इस्तेमाल भी हो रहा है। उन्होंने इंजीनियरिंग मैटेरियल पर व्याख्यान दिया। उन्होंने सेंसर में नैनो टेक्नोलॉजी, वॉटर प्यूरीफायर और माइक्रो इलेक्ट्रिकल मैकेनिकल सिस्टम के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी। एमिटी यूनिवर्सिटी के प्रो. एल वर्मा ने भी नैनो टेक्नोलॉजी के उपयोग के बारे में जानकारी दी। इसके बाद तकनीकी सत्र में तमन्ना असरफ, आरपी सिंह, अश्विनी गुप्ता, आशुतोष गुप्ता, शिखा, हरि कुमार सिंह, पूजासिंह, एसके तोमर, सतेंद्र विक्रम सिंह, मोनिका पाल सिंह, मलिहा खान, बिमल राज, नीलू गुप्ता, अनामिका माहेश्वरी, कृष्ण कुमार सिंह, प्रिया किरन ज्योति, शालू पंवार, रूपेश सिंह ने पेपर पढ़े। इस मौके पर डीन प्रो. एके गुप्ता भी मौजूद रहे।
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मैकेनिकल विभाग की ओर से हुई राष्ट्रीय संगोष्ठी में नैनो टेक्नोलॉजी का प्रयोग के बारे में भी बताया गया। संगोष्ठी के विशिष्ट अतिथि जामिया मिलिया इस्लामिया के कुलपति प्रो. तलत अहमद ने मैटरियल के लिए सही इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा ऐसे मैटेरियल पर शोध करें, जो ठीक से डिकंपोज हो जाएं। उन्होंने कहा कि मैटेरियल साइंस का स्कोप बढ़ता जा रहा है। फॉरेंसिक साइंस से लेकर फेलियर एनालिसिस तक मैटेरियल साइंस का उपयोग होता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय लोकल डेवलपमेंट पर मुख्य भूमिका निभाएं, ताकि लोगों को इसका फायदा मिल सके।
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एमिटी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. वीके जैन ने माइक्रो इलेक्ट्रो डिवाइस पर काम किया है। इनका तमाम तकनीकी इंडस्ट्री में इस्तेमाल भी हो रहा है। उन्होंने इंजीनियरिंग मैटेरियल पर व्याख्यान दिया। उन्होंने सेंसर में नैनो टेक्नोलॉजी, वॉटर प्यूरीफायर और माइक्रो इलेक्ट्रिकल मैकेनिकल सिस्टम के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी। एमिटी यूनिवर्सिटी के प्रो. एल वर्मा ने भी नैनो टेक्नोलॉजी के उपयोग के बारे में जानकारी दी। इसके बाद तकनीकी सत्र में तमन्ना असरफ, आरपी सिंह, अश्विनी गुप्ता, आशुतोष गुप्ता, शिखा, हरि कुमार सिंह, पूजासिंह, एसके तोमर, सतेंद्र विक्रम सिंह, मोनिका पाल सिंह, मलिहा खान, बिमल राज, नीलू गुप्ता, अनामिका माहेश्वरी, कृष्ण कुमार सिंह, प्रिया किरन ज्योति, शालू पंवार, रूपेश सिंह ने पेपर पढ़े। इस मौके पर डीन प्रो. एके गुप्ता भी मौजूद रहे।
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