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Diwali 2023: नरक चतुर्दशी पर पूजन का विशेष महत्व, इस दिन करें ये कार्य

Sat, 11 Nov 2023 02:18 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 11 Nov 2023 02:18 PM IST
सार

नरक चतुर्दशी पर्व दिवाली से एक दिन पहले और धनतेरस के एक दिन बाद मनाया जाता है। इस बार नरक चतुर्दशी 11 और 12 नवंबर दोनों दिन है। नरक चतुर्दशी पर पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। 

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Diwali 2023 Special significance of worship on Narak Chaturdashi
नरक चतुर्दशी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर नरक चतुर्दशी मनाई जाती है। इस पर्व को रूप चौदस, नरक चतुर्दशी, छोटी दिवाली, नरक निवारण चतुर्दशी, काली चौदस के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व दिवाली से एक दिन पहले और धनतेरस के एक दिन बाद मनाया जाता है। इस बार नरक चतुर्दशी 11 और 12 नवंबर दोनों दिन है। बरेली के ज्योतिर्विद डॉ. सौरभ शंखधार के अनुसार नरक चतुर्दशी पर पूजन का विशेष महत्व है।

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नरक चौदस पर करने वाले कार्य :
यम के नाम का दीया: नरक चतुर्दशी के दिन यम के नाम का दीपक जलाने की परंपरा है। माना जाता है कि इस दिन यम देव की पूजा करने से अकाल मृत्यु का डर नहीं रहता।
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तेल से मालिश: नरक चतुर्दशी के दिन सुबह उठकर पूरे शरीर में तेल की मालिश करें। इसके बाद स्नान कर लें। मान्यता है कि चतुर्दशी को तेल में लक्ष्मी जी और सभी जलों में मां गंगा निवास करती हैं। मालिश के बाद स्नान से देवियों का आशीर्वाद मिलता है।

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कालिका मां की पूजा: नरक चतुर्दशी को काली चौदस के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन माता कालिका की पूजा करने से दुखों का नाश होता है।

भगवान कृष्ण की पूजा: नरक चतुर्दशी के दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से व्यक्ति की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

14 दीपक जलाएं: इस दिन 14 दीपक जलाने का काफी महत्व है।

श्री हनुमान जन्मोत्सव
- कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर ही नरक चतुर्दशी और छोटी दिवाली भी मनाई जाती है। इस बार कार्तिक माह वाली हनुमान जयंती 11 नवंबर शनिवार को है। इस दिन हनुमान जी की विशेष रूप से पूजा अर्चना होती है।
- हनुमान जन्मोत्सव वर्ष में दो बार मनाया जाता है। पहला हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल की पूर्णिमा तिथि पर और दूसरा कार्तिक कृष्ण की चतुर्दशी के दिन।
- वाल्मीकि रामायण के अनुसार हनुमान का जन्म कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मंगलवार के दिन, स्वाति नक्षत्र और मेष लग्न में हुआ था। कार्तिक माह हनुमान जयंती 11 नवंबर को है। इस दिन हनुमान जी की पूजा का शुभ मुहूर्त रात 11:45 बजे से 12:39 बजे तक है।
 

हनुमान जी को प्रसन्न करने के उपाय
- हनुमान चालीसा के 108 पाठ नित्य करने से सभी गृह अनुकूल रहते हैं।
- रोग निवारण के लिए हनुमान बाहुक का पाठ करना चाहिए l
- शांति के लिए बजरंग बाण का पाठ उत्तम फल देता है।
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