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जिला जेल की जमीन पर बनेंगे दो उपकेंद्र
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Thu, 05 Jan 2017 01:24 AM IST
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District prison land Two sub-station will be on
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
सिविल लाइंस इलाके में इसी वित्तीय वर्ष में दो और नए बिजली उपकेंद्र मिल जाएंगे। प्रदेश सरकार ने दोनों स्टेशन निर्माण कराने के लिए भूमि आवंटित कर दी है। दोनों उपकेंद्रों पर बीस करोड़ रुपये खर्च होंगे।
जिला जेल शिफ्ट होने से पहले ही डीएम पंकज यादव ने प्रस्तावित लोहिया पार्क विकसित करने की कवायद शुरू करा दी थी। बीते सप्ताह शिफ्टिंग होते ही कैबिनेट ने दो बिजली उपकेंद्र निर्माण हेतु चिह्नित भूमि आवंटित कर दी। अब पावर कारपोरेशन चेयरमैन संजय अग्रवाल ने भी प्रक्रिया तेज करा दी है।
बता दें, चीफ इंजीनियर राजकुमार अग्रवाल ने कार्यभार संभालते ही शहरी बिजली सप्लाई अव्यवस्था दूर कराने पर योजना बनाई थी। इसके तहत पूरे नगर निगम सीमा क्षेत्र में शहरी बिजली सप्लाई और सिविल लाइंस इलाके में तीन नए उपकेंद्र बनवाने का प्रस्ताव शासन तक पहुंचा। सिविल लाइंस स्थित 66 केवी स्टेशन के पास उपकेंद्र पिछले चार माह से तैयार हो रहा है। दो स्टेशन जिला जेल परिसर में बनाने पर जोर दिया था, क्योंकि इसकी शिफ्टिंग तय हो गयी थी। विधान सभा चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले ही चीफ इंजीनियर अग्रवाल ने सभी औपचारिकताएं पूरी करा ली हैं।
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भूमि पर कब्जा लिया
कैबिनेट से प्रस्ताव पारित होते ही चीफ इंजीनियर ने एसई शहर मनोज पाठक से चिह्नित भूमि पर बोर्ड लगवा दिया। चीफ इंजीनियर ने अधिशासी अभियंता (निर्माण) बीके चंदोला से कहा है कि अप्रैल से पहले ही दोनों उपकेंद्र तैयार हो जाएं। जिससे आगामी गर्मियों में बेहतर सप्लाई मिल सके।
बीस करोड़ खर्च होंगे
25- 25 सौ वर्ग मीटर भूमि पर प्रस्तावित दोनोें स्टेशनों पर करीब बीस करोड़ रुपये खर्च होगा। सिविल शाखा ने निर्माण संबंधी तैयारी शुरू कर दी है। उपकेंद्र क्षमता दस दस एमवीए होगी, इससे सुभाष नगर और सिविल लाइंस उपकेंद्रों का बोझा कम होगा।
‘बिजनेस प्लान में दोनों उपकेंद्र बनने हैं। विद्युत कार्य मंडल और निर्माण अफसरों से बैठक कर निर्देश दे दिए गए हैं। भूमि उपलब्ध कराने में प्रशासन ने सराहनीय सहयोग किया, नए उपकेंद्र बनने से बिजली सप्लाई में ज्यादा सुधार होगा।’
- राजकुमार अग्रवाल, चीफ इंजीनियर
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जिला जेल शिफ्ट होने से पहले ही डीएम पंकज यादव ने प्रस्तावित लोहिया पार्क विकसित करने की कवायद शुरू करा दी थी। बीते सप्ताह शिफ्टिंग होते ही कैबिनेट ने दो बिजली उपकेंद्र निर्माण हेतु चिह्नित भूमि आवंटित कर दी। अब पावर कारपोरेशन चेयरमैन संजय अग्रवाल ने भी प्रक्रिया तेज करा दी है।
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बता दें, चीफ इंजीनियर राजकुमार अग्रवाल ने कार्यभार संभालते ही शहरी बिजली सप्लाई अव्यवस्था दूर कराने पर योजना बनाई थी। इसके तहत पूरे नगर निगम सीमा क्षेत्र में शहरी बिजली सप्लाई और सिविल लाइंस इलाके में तीन नए उपकेंद्र बनवाने का प्रस्ताव शासन तक पहुंचा। सिविल लाइंस स्थित 66 केवी स्टेशन के पास उपकेंद्र पिछले चार माह से तैयार हो रहा है। दो स्टेशन जिला जेल परिसर में बनाने पर जोर दिया था, क्योंकि इसकी शिफ्टिंग तय हो गयी थी। विधान सभा चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले ही चीफ इंजीनियर अग्रवाल ने सभी औपचारिकताएं पूरी करा ली हैं।
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भूमि पर कब्जा लिया
कैबिनेट से प्रस्ताव पारित होते ही चीफ इंजीनियर ने एसई शहर मनोज पाठक से चिह्नित भूमि पर बोर्ड लगवा दिया। चीफ इंजीनियर ने अधिशासी अभियंता (निर्माण) बीके चंदोला से कहा है कि अप्रैल से पहले ही दोनों उपकेंद्र तैयार हो जाएं। जिससे आगामी गर्मियों में बेहतर सप्लाई मिल सके।
बीस करोड़ खर्च होंगे
25- 25 सौ वर्ग मीटर भूमि पर प्रस्तावित दोनोें स्टेशनों पर करीब बीस करोड़ रुपये खर्च होगा। सिविल शाखा ने निर्माण संबंधी तैयारी शुरू कर दी है। उपकेंद्र क्षमता दस दस एमवीए होगी, इससे सुभाष नगर और सिविल लाइंस उपकेंद्रों का बोझा कम होगा।
‘बिजनेस प्लान में दोनों उपकेंद्र बनने हैं। विद्युत कार्य मंडल और निर्माण अफसरों से बैठक कर निर्देश दे दिए गए हैं। भूमि उपलब्ध कराने में प्रशासन ने सराहनीय सहयोग किया, नए उपकेंद्र बनने से बिजली सप्लाई में ज्यादा सुधार होगा।’
- राजकुमार अग्रवाल, चीफ इंजीनियर