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मौनी अमावस्या पर रामगंगा में लगाई आस्था की डुबकी
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गंगा स्नान करते श्रद्धालु।
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बरेली। मौनी अमावस्या के मौके पर मंगलवार को श्रद्धालुओं ने रामगंगा में आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के बाद दान-पुण्य किया। शास्त्रों के अनुसार मंगलवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या भौमवती अमावस्या कहलाती है।
इस बार अमावस्या पर सवार्थ सिद्धि योग बना। मणिकांचन योग ने गंगा स्नान के महत्व को कई गुना बढ़ा दिया। मकर राशि में चतुष्ग्रहीय योग बनने से दान-पुण्य का फल भी कई गुना बढ़ गया। ज्योतिषाचार्य पंडित मुकेश मिश्र ने बताया कि मान्यता है कि इस दिन किसी पवित्र नदी में स्नान कर दान-पुण्य करने से शारीरिक, भौतिक और दैविक तीनों प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है और धरती पर समस्त सुख भोगने के बाद मनुष्य को बैकुंठ की प्राप्ति होती है। इसी के साथ धन संबंधी समस्याओं का निवारण होता है। इस दिन स्नान दान करने से पितृ तृप्त होकर अपने वंशजों को आशीर्वाद देते है। संवाद
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इस बार अमावस्या पर सवार्थ सिद्धि योग बना। मणिकांचन योग ने गंगा स्नान के महत्व को कई गुना बढ़ा दिया। मकर राशि में चतुष्ग्रहीय योग बनने से दान-पुण्य का फल भी कई गुना बढ़ गया। ज्योतिषाचार्य पंडित मुकेश मिश्र ने बताया कि मान्यता है कि इस दिन किसी पवित्र नदी में स्नान कर दान-पुण्य करने से शारीरिक, भौतिक और दैविक तीनों प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है और धरती पर समस्त सुख भोगने के बाद मनुष्य को बैकुंठ की प्राप्ति होती है। इसी के साथ धन संबंधी समस्याओं का निवारण होता है। इस दिन स्नान दान करने से पितृ तृप्त होकर अपने वंशजों को आशीर्वाद देते है। संवाद
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