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रामपुर ईएनए तस्करी मामले में डीआईजी ने दर्ज किए एसटीएफ के बयान
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
13 जून को एसटीएफ ने रामपुर के शहजाद नगर से पकड़ा था 25 हजार लीटर ईएनए
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स्थानीय पुलिस अधिकारियों और आबकारी की मिलीभगत की आशंका में एडीजी ने बैठाई थी जांच
बरेली। पठानकोट से रामपुर तक एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ईएनए) की तस्करी के मामले में रामपुर पुलिस की मिलीभगत की जांच कर रहे डीआईजी बरेली राजेश कुमार पांडेय ने ईएनए पकड़ने वाली एसटीएफ टीम के बयान दर्ज किए हैं। एसटीएफ के एक डिप्टी एसपी को भी बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है। एडीजी अविनाश चंद्र ने रामपुर पुलिस की मिलीभगत की आशंका में डीआईजी को जांच सौंपी थी। जांच के घेरे में फिलहाल रामपुर के एसपी भी हैं। प्रदेश के एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार पहले ही कह चुके हैं कि पुलिस और आबकारी की जानकारी के बगैर इतने बड़े पैमाने पर ईएनए की तस्करी और बोटलिंग संभव नहीं है।
यूपी एसटीएफ ने रामपुर पुलिस को भनक दिए बगैर 13 जून को रामपुर के शहजादनगर थाना क्षेत्र में एक ठिकाने से 25000 लीटर ईएनए पकड़ा था। ईएनए की यह खेप अवैध रूप से तस्करी करके पठानकोट स्थित पायनियर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड डिस्टलरी से लाई गई थी। डिस्टलरी से ईएनए की इस खेप को कागजों में इसे डिब्रुगढ़ आसाम के लिए रवाना किया गया था। इस छापे से पहले एसटीएफ शराब सिंडिकेट से जुड़े कुछ लोगों को इलेक्ट्रानिक सर्विलांस पर ले रखा था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इलेक्ट्रानिक सर्विलांस के दौरान शराब सिंडिकेट के सदस्यों के साथ रामपुर के कुछ पुलिस वालों और आबकारी के कुछ अधिकारियों की बातें सुनी गई थीं। इस कार्रवाई के बाद एसटीएफ आईजी ने इस बाबत एडीजी कानून व्यवस्था को एक गोपनीय रिपोर्ट सौंपी थी। जिसके बाद एडीजी कानून व्यवस्था ने रामपुर पुलिस ब आबकारी की भूमिका पर सवाल उठाने के साथ ही पूरे प्रदेश में शराब की दुकानों पर जांच के आदेश दिए थे। एसटीएफ ने कहा था कि ईएनए की बोटलिंग करके 2.8 लाख बोतल शराब बनाई जाती और रामपुर, मुरादाबाद, बरेली आदि शहरों में शराब की अनुज्ञापित दुकानों के जरिए बेचा जाता।
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एडीजी के आदेश पर पुलिस मिलीभगत की जांच कर रहे डीआईजी राजेश कुमार पांडेय ने ईएनए पकड़ने वाली एसटीएफ टीम को बुलाकर उसके बयान दर्ज किए हैं। एसटीएफ के एक डिप्टी एसपी को भी बयान देने के लिए बुलाया गया है। इसके बाद रामपुर पुलिस को बयान देने के लिए बुलाया जाएगा।
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मामला गंभीर है। इसलिए इसकी जांच बहुत गहनता से की जा रही है। एसटीएफ टीम के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। एसटीएफ के एक डिप्टी एसपी को बयान के लिए बुलाया गया है। इसके बाद रामपुर पुलिस को बयान देने के लिए बुलाया जाएगा। एसपी रामपुर को बयान देेने के लिए बुलाया जाएगा या नहीं, यह जांच आगे बढ़ने के साथ प्रकाश में आने वाले तथ्यों के आधार पर तय किया जाएगा। - राजेश कुमार पांडेय, डीआईजी बरेली।
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स्थानीय पुलिस अधिकारियों और आबकारी की मिलीभगत की आशंका में एडीजी ने बैठाई थी जांच बरेली। पठानकोट से रामपुर तक एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ईएनए) की तस्करी के मामले में रामपुर पुलिस की मिलीभगत की जांच कर रहे डीआईजी बरेली राजेश कुमार पांडेय ने ईएनए पकड़ने वाली एसटीएफ टीम के बयान दर्ज किए हैं। एसटीएफ के एक डिप्टी एसपी को भी बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है। एडीजी अविनाश चंद्र ने रामपुर पुलिस की मिलीभगत की आशंका में डीआईजी को जांच सौंपी थी। जांच के घेरे में फिलहाल रामपुर के एसपी भी हैं। प्रदेश के एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार पहले ही कह चुके हैं कि पुलिस और आबकारी की जानकारी के बगैर इतने बड़े पैमाने पर ईएनए की तस्करी और बोटलिंग संभव नहीं है।
यूपी एसटीएफ ने रामपुर पुलिस को भनक दिए बगैर 13 जून को रामपुर के शहजादनगर थाना क्षेत्र में एक ठिकाने से 25000 लीटर ईएनए पकड़ा था। ईएनए की यह खेप अवैध रूप से तस्करी करके पठानकोट स्थित पायनियर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड डिस्टलरी से लाई गई थी। डिस्टलरी से ईएनए की इस खेप को कागजों में इसे डिब्रुगढ़ आसाम के लिए रवाना किया गया था। इस छापे से पहले एसटीएफ शराब सिंडिकेट से जुड़े कुछ लोगों को इलेक्ट्रानिक सर्विलांस पर ले रखा था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इलेक्ट्रानिक सर्विलांस के दौरान शराब सिंडिकेट के सदस्यों के साथ रामपुर के कुछ पुलिस वालों और आबकारी के कुछ अधिकारियों की बातें सुनी गई थीं। इस कार्रवाई के बाद एसटीएफ आईजी ने इस बाबत एडीजी कानून व्यवस्था को एक गोपनीय रिपोर्ट सौंपी थी। जिसके बाद एडीजी कानून व्यवस्था ने रामपुर पुलिस ब आबकारी की भूमिका पर सवाल उठाने के साथ ही पूरे प्रदेश में शराब की दुकानों पर जांच के आदेश दिए थे। एसटीएफ ने कहा था कि ईएनए की बोटलिंग करके 2.8 लाख बोतल शराब बनाई जाती और रामपुर, मुरादाबाद, बरेली आदि शहरों में शराब की अनुज्ञापित दुकानों के जरिए बेचा जाता।
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एडीजी के आदेश पर पुलिस मिलीभगत की जांच कर रहे डीआईजी राजेश कुमार पांडेय ने ईएनए पकड़ने वाली एसटीएफ टीम को बुलाकर उसके बयान दर्ज किए हैं। एसटीएफ के एक डिप्टी एसपी को भी बयान देने के लिए बुलाया गया है। इसके बाद रामपुर पुलिस को बयान देने के लिए बुलाया जाएगा।
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मामला गंभीर है। इसलिए इसकी जांच बहुत गहनता से की जा रही है। एसटीएफ टीम के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। एसटीएफ के एक डिप्टी एसपी को बयान के लिए बुलाया गया है। इसके बाद रामपुर पुलिस को बयान देने के लिए बुलाया जाएगा। एसपी रामपुर को बयान देेने के लिए बुलाया जाएगा या नहीं, यह जांच आगे बढ़ने के साथ प्रकाश में आने वाले तथ्यों के आधार पर तय किया जाएगा। - राजेश कुमार पांडेय, डीआईजी बरेली।