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Bareilly News: प्रोजेक्ट कराने का नहीं मिला समय, अब अंक मिलने में होगी समस्या
Wed, 13 May 2026 01:09 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Wed, 13 May 2026 01:09 AM IST
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से संचालित परीक्षाओं के बीच अब चतुर्थ सेमेस्टर में वैकल्पिक विषय के रूप में रिसर्च प्रोजेक्ट व डिसर्टेशन जैसे विषयों में विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट देना और उन्हें सही से करवाना शिक्षकों के लिए चुनौती बन गया है। परीक्षाओं के चलते प्रोजेक्ट कराना मुश्किल है।
बरेली कॉलेज की पूर्व परीक्षा नियंत्रक बीनम सक्सेना ने बताया कि इस बार रिसर्च प्रोजेक्ट व डिसर्टेशन में बनने वाले असाइनमेंट परास्नातक में होने वाले प्रोजेक्ट की तर्ज पर कराने होंगे। इसके लिए विद्यार्थी को एक शिक्षक अलॉट होता है जो विद्यार्थी को एक विषय देगा। विद्यार्थी उस विषय पर गहन अध्ययन के बाद असाइनमेंट तैयार करेगा।
विभाग के शिक्षक उस प्रोजेक्ट का मूल्यांकन करेंगे। मूल्यांकन के आधार पर अधिकतम 50 अंक दिए जाएंगे। शेष 50 अंकों का मूल्यांकन विवि की ओर से किया जाएगा। इस समय कई विद्यार्थियों ने अधिकांश रिसर्च प्रोजेक्ट व डिसर्टेशन का विषय चयनित किया है। मगर, परीक्षाओं के बीच न तो शिक्षकों के पास समय है कि सभी विद्यार्थियों को अलग-अलग टॉपिक पर प्रोजेक्ट बनवा सकें न ही विद्यार्थी को फुर्सत है।
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इस पर परीक्षा नियंत्रक संजीव सिंह का कहना है कि परीक्षा फॉर्म में जब से संशोधित होकर विकल्प उपलब्ध है तब से सबको जानकारी होगी। इसके लिए अलग से सूचना जारी नहीं हुई है।
स्नातक के चतुर्थ सेमेस्टर में हुए थे बदलाव
यूपी एफवाई 2024-25 के तहत एनईपी के तहत स्नातक के चतुर्थ सेमेस्टर में बदलाव हुए थे। रुविवि की ओर से 25 मार्च से परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू की गई। लेकिन यूपी एफवाई 2024-25 की एनईपी की नई गाइडलाइन लागू नहीं हुई, इसके बाद प्रक्रिया रोककर फॉर्म संशोधित किए गए। सेमेस्टर शुरू होने से पहले ही सभी महाविद्यालयों के साथ इस नई गाइडलाइन को लागू करने पर चर्चा नहीं की गई।
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बरेली कॉलेज की पूर्व परीक्षा नियंत्रक बीनम सक्सेना ने बताया कि इस बार रिसर्च प्रोजेक्ट व डिसर्टेशन में बनने वाले असाइनमेंट परास्नातक में होने वाले प्रोजेक्ट की तर्ज पर कराने होंगे। इसके लिए विद्यार्थी को एक शिक्षक अलॉट होता है जो विद्यार्थी को एक विषय देगा। विद्यार्थी उस विषय पर गहन अध्ययन के बाद असाइनमेंट तैयार करेगा।
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विभाग के शिक्षक उस प्रोजेक्ट का मूल्यांकन करेंगे। मूल्यांकन के आधार पर अधिकतम 50 अंक दिए जाएंगे। शेष 50 अंकों का मूल्यांकन विवि की ओर से किया जाएगा। इस समय कई विद्यार्थियों ने अधिकांश रिसर्च प्रोजेक्ट व डिसर्टेशन का विषय चयनित किया है। मगर, परीक्षाओं के बीच न तो शिक्षकों के पास समय है कि सभी विद्यार्थियों को अलग-अलग टॉपिक पर प्रोजेक्ट बनवा सकें न ही विद्यार्थी को फुर्सत है।
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इस पर परीक्षा नियंत्रक संजीव सिंह का कहना है कि परीक्षा फॉर्म में जब से संशोधित होकर विकल्प उपलब्ध है तब से सबको जानकारी होगी। इसके लिए अलग से सूचना जारी नहीं हुई है।
स्नातक के चतुर्थ सेमेस्टर में हुए थे बदलाव
यूपी एफवाई 2024-25 के तहत एनईपी के तहत स्नातक के चतुर्थ सेमेस्टर में बदलाव हुए थे। रुविवि की ओर से 25 मार्च से परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू की गई। लेकिन यूपी एफवाई 2024-25 की एनईपी की नई गाइडलाइन लागू नहीं हुई, इसके बाद प्रक्रिया रोककर फॉर्म संशोधित किए गए। सेमेस्टर शुरू होने से पहले ही सभी महाविद्यालयों के साथ इस नई गाइडलाइन को लागू करने पर चर्चा नहीं की गई।