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Bareilly: सेंट्रल जेल में बंद शूटर आसिफ का वीडियो वायरल होने पर जांच शुरू; आरोपी बोला था- वह स्वर्ग में है

Fri, 15 Mar 2024 12:19 PM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: बरेली ब्यूरो Updated Fri, 15 Mar 2024 12:19 PM IST
सार

शूटर आसिफ का इंस्टाग्राम पर लाइव वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में दिख रहे दृश्य जेल के अंदर के लग रहे हैं। हालांकि जेल प्रशासन पेशी के दौरान वीडियो बनाए जाने की बात कह रहा है। डीजी जेल के निर्देश पर जांच शुरू हो गई है। 

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DG Jail sets up investigation after video of shooter lodged in Bareilly Central Jail
shooter Asif - फोटो : वीडियो ग्रैब

विस्तार

बरेली सेंट्रल जेल में बंद शूटर आसिफ खान का वीडियो सोशल मीडिया पर लाइव आने के बाद से जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। इसी जेल में चर्चित डॉन बबलू श्रीवास्तव, उसके साथी मंगे सरदार व अन्य बड़े अपराधी भी बंद हैं। ऐसे में मामले की गंभीरता देखते हुए डीजी जेल ने डीआईजी जेल को जांच सौंप दी है।

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मंगलवार को मेरठ के शार्प शूटर आसिफ का इंस्टाग्राम पर लाइव वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में दिख रहे दृश्य जेल के अंदर के लग रहे हैं। हालांकि जेल प्रशासन पेशी के दौरान वीडियो बनाए जाने की बात कह रहा है। आसिफ शाहजहांपुर में हुए पीडब्ल्यूडी ठेकेदार राकेश यादव हत्याकांड का आरोपी है। 
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उसने जगत भाई नाम की इंस्टाग्राम आईडी पर लाइव वीडियो बनाकर अपने दोस्तों से बात की है। वीडियो वायरल होने के बाद सेंट्रल जेल की सुरक्षा व प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। डीजी जेल एसएन साबत ने डीआईजी जेल कुंतल किशोर से मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। इसी पर डीआईजी ने जेल प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है।

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जेल प्रशासन की मिलीभगत के बिना नहीं पहुंच सकता मोबाइल
सेंट्रल जेल में कुख्यात और अधिकतर मामलों में सजायाफ्ता अपराधियों को रखा जाता है। ऐसे में वहां मोबाइल और सिमकार्ड तो दूर, बिना अनुमति के सुई तक ले जाना नामुमकिन है। हालांकि बड़े अफसरों की मिलीभगत से जेल में मोबाइल और सिमकार्ड पहुंच जाते हैं। सूत्रों के मुताबिक महीने में मोटी रकम देने वाले बंदियों को मोबाइल चलाने की सहूलियत दी जाती है। कभी-कभी जेल वार्डन भी रुपये लेकर मोबाइल पहुंचा देते हैं। 

बिथरी स्थित सेंट्रल जेल टू में बंद अशरफ को भी मोबाइल की सुविधा दी गई थी जिससे उसने उमेशपाल हत्याकांड की साजिश रची। बीच में सख्ती हुई, उसके बाद जेलों की सुरक्षा फिर पुराने ढर्रे पर चली गई। इधर, अब जेल से वीडियो वायरल होने के बाद सेंट्रल जेल प्रशासन में फिर उथल-पुथल है। प्रभारी जेल अधीक्षक व अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। चूंकि पुलिस को जानकारी देर से हुई और जब जेल में छापा मारा गया, इसलिए कुछ खास नहीं मिला। अब जांच पर निगाहें टिकी हैं।

महानिदेशक जेल एसएन साबत ने बताया कि बरेली सेंट्रल जेल में बंद आरोपी का लाइव वीडियो सामने आने पर डीआईजी जेल कुंतल किशोर को जांच दी गई है। सेंट्रल जेल टू के अधीक्षक विपिन मिश्रा भी जांच में सहयोग करेंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। 

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