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शरद पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने रामगंगा में लगाई आस्था की डुबकी
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रामगंगा के तट पर पूजा अर्चना करते श्रद्दालु।
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बरेली। शरद पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने रामगंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाई। नदी किनारे चौबारी गांव के पास सुबह से देर शाम तक श्रद्धालु जुटे। कोरोना संक्रमण और हाल ही में हुई भारी बारिश के चलते रामगंगा का जलस्तर बढ़ने की वजह से रामगंगा स्नान की मनाही रही। बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामगंगा स्नान को पहुंचे। बढ़े जलस्तर को लेकर प्रशासन भी अलर्ट पर रहा।
शरद पूर्णिमा पर ब्रह्म मुहूर्त में गंगा स्नान का ज्यादा महत्व है। इस वजह से मंगलवार रात से रामगंगा नदी के तट के पास श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। सुबह पौ फटते ही श्रद्धालुओं ने गंगा मैया की जय और हर-हर गंगे के जयकारे के साथ रामगंगा स्नान किया। सुबह चार बजे से शाम तक श्रद्धालु रामगंगा तट पर जुटे रहे। सुबह रामगंगा नदी के तट पर सबसे अधिक भीड़ रही। रामगंगा में डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा भी की। कई श्रद्धालुओं ने रामगंगा तट पर सत्यनारायण कथा का भी आयोजन किया। गरीबों को दान देने के साथ ही तट पर ही उनके भोजन की व्यवस्था भी की गई थी।
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शरद पूर्णिमा पर ब्रह्म मुहूर्त में गंगा स्नान का ज्यादा महत्व है। इस वजह से मंगलवार रात से रामगंगा नदी के तट के पास श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। सुबह पौ फटते ही श्रद्धालुओं ने गंगा मैया की जय और हर-हर गंगे के जयकारे के साथ रामगंगा स्नान किया। सुबह चार बजे से शाम तक श्रद्धालु रामगंगा तट पर जुटे रहे। सुबह रामगंगा नदी के तट पर सबसे अधिक भीड़ रही। रामगंगा में डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा भी की। कई श्रद्धालुओं ने रामगंगा तट पर सत्यनारायण कथा का भी आयोजन किया। गरीबों को दान देने के साथ ही तट पर ही उनके भोजन की व्यवस्था भी की गई थी।
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