बुजुर्गों की चिंता करने पर सरकार को सराहा
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सुकन्या समृद्धि योजना को उन्होंने सबसे बेहतर बताया। कहा कि बच्ची बड़ी होगी तब उसकी उच्च शिक्षा के खर्च या अवैध प्रथा दहेज देने में मदद मिलेगी। निर्भया कांड की पीड़ित के पिता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बहुत कम अभिभावक ऐसे होते हैं जो बच्ची के लिए कर्ज लें जबकि उस पिता ने तो जमीन तक बेच दी थी।
उन्होंने अपने मंत्रालय के अनाथ बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया के सरलीकरण योजना को भी गिनाया। कहा कि इस संबंधी बिल लोकसभा में पारित हो गया है और सोमवार को राज्यसभा में पेश होगा। इस कानून से हिंदुस्तान में अनाथ बच्चों को गोद लेने की व्यवस्था में फर्स्ट एड केयर का विकल्प होगा। उसके तहत यदि लोग अनाथ बच्चे को अपना सकते हैं और उसके स्कूल, चिकित्सा और अन्य सारे खर्च कर सकते हैं लेकिन वह बच्चा उनके परिवार का हिस्सा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से समाज बदलेगा। अगले एक - दो साल में यह धरातल पर लोगों को सारे काम का असर दिखने लगेगा।
मंच से बताया गया कि दोनों बीमा योजनाओँ में शनिवार दोपहर तक बरेली में 2.10 लाख इनरोलमेंट हो गए हैं। इस दौरान नगर विधायक डा. अरुण कुमार, डीएम गौरव दयाल, सीडीओ शिव सहाय अवस्थी, पीएनबी के फील्ड महाप्रबंधक अशोक कुमार गुप्ता, मंडल प्रमुख डी. चांद, सहायक महाप्रबंधक आरडी शर्मा, वरिष्ठ प्रबंधक प्रवीण जौहरी, जीआईसीआरई के चेयरमैन एके राय, लीड बैंक मैनेजर एमएम श्रीवास्तव, एलडीएम बदायूं चारु भट्टाचार्य, राकेश बूबना, गुलशन आनंद आदि मौजूद थे।
.. मगर नहीं देखी संजय की प्रतिमा
बरेली (ब्यूरो)। शनिवार को प्रधानमंत्री बीमा और पेंशन योजना के शुभारंभ समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के दौरे को लेकर राजनीति हलकों में खासी सुगबुगाहट रही। वह पहुंची, समारोह में शिरकत कीं और लौट गईं। इसके बाद चर्चा तेज हुई कि संभवत: पहली बार वह अपने स्वर्गीय पति के नाम पर बने सभागार में पहुंची लेकिन उनकी प्रतिमा तक नहीं देखी।
चनेहटी के महिलाओं ने जद्दोजेहद के बाद सौंपा ज्ञापन
बरेली (ब्यूरो)। चनेहटी में लाइसेंसी शराब दुकान बंद कराने की मांग पर आंदोलनरत महिलाएं शनिवार शाम को बैनर के साथ जुलूस रूप में संजय कम्यूनिटी हाल पहुंच गई तो आयोजकों के माथे पर पसीना आ गया। आनन - फानन में महिलाओं को समारोह होने तक धैर्य रखने और बाद में मिल लेने का अनुरोध कर मनाया गया। समारोह संपन्न होने के बाद केंद्रीय मंत्री मेनका अपनी कार की ओर बढ़ीं तो आंदोलनकारी महिलाएं उनकी ओर लपकी पीएफए सदस्यों ने पुलिस के साथ मिलकर उन्हें एक किनारे रोकने का प्रयास किया। काफी जद्दोजेहद के बाद महिलाएं मंत्री के कार तक पहुंच गई और ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही कराए जाने का भरोसा लिया।