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टेक्निकल जांच के बाद ही नई बिल्डिंग को टेकओवर करेगा तहसील प्रशासन
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3.40 करोड़ से बने तहसील भवन में घोटाला
एडीएम दफ्तर में लिंटर के पास दरक गई दीवार, कई जगह से टपकता है पानी
नवनिर्मित भवन की टीएसी से जांच कराने को एसडीएम ने डीएम को भेजी रिपोर्ट
बरेली। 3.40 करोड़ से बनी सदर तहसील की नई बिल्डिंग के निर्माण में घोटाले की परतें उधड़ने के बाद एसडीएम सदर ने टीएसी (टेक्निकल ऑडिट टीम) की जांच के बाद ही नए भवन को पैक्सफेड से सुपुर्दगी में लेने का फैसला लिया है। टीएससी में वह खुद भी सदस्य के तौर पर शामिल रहेंगे। इस जांच के लिए उन्होंने डीएम को रिपोर्ट देकर अनुमति मांगी है। कुछ साल पहले ही करोड़ों से बनी यह बिल्डिंग अभी से ही दरकने और टूटने लगी है।
शासन ने 2014-15 में तहसील सदर के पुराने भवन को तोड़कर नई बिल्डिंग बनाने के लिए 3.40 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। नई बिल्डिंग का करीब 80 फीसदी हिस्सा बन चुका है लेकिन उसमें एसडीएम और तहसीलदार कोर्ट के साथ तहसील के दूसरे दफ्तर भी शिफ्ट हो गए हैं। नई बिल्डिंग अभी से टूटने और दरकने लगी है। एसडीएम दफ्तर के अंदर लिंटर के पास दरार आ गई है। सभागार के पास भी दीवारों पर कई जगह दरारें हैं। प्लास्टर भी उखड़ना शुरू हो गया है। बताते हैं कि बारिश में बिल्डिंग में कई जगह पानी भी टपकता है। इसे लेकर निर्माणदायी संस्था पैक्सफेड के अधिकारियों पर भी सवाल उठने लगे हैं। तहसील भवन निर्माण में घोटाला सामने आने के बाद एसडीएम ईशान प्रताप सिंह ने इस बिल्डिंग को पैक्सफेड से टेकओवर करने पर भी रोक लगा दी है। एसडीएम का कहना कि बिल्डिंग की गुणवत्ता परखने के लिए पहले टीएसी से जांच कराई जाएगी। इसमें इंजीनियरों के साथ वह खुद भी शामिल रहेंगे। गौरतलब है कि एसडीएम ने तहसील की 145 साल पुरानी बिल्डिंग का कुछ हिस्सा अभी भी टूटने से बचा है। इसकी हालत नवनिर्मित भवन से बेहतर पाते हुए उसे तोड़ने पर रोक लगा दी है।
1.70 करोड़ से बनने वाली बिल्डिंग को दूसरी जगह दी जमीन
पैक्सफेड को अभी 1.70 करोड़ की लागत से पार्किंग, कैंटीन, हवालात और बैरक का निर्माण कराना है। पहले इसे पुरानी बिल्डिंग को तोड़कर बनाना था लेकिन एसडीएम के पुरानी बिल्डिंग को तोड़ने पर रोक लगाने के बाद संस्था को अब दूसरी जगह जमीन उपलब्ध कराई गई है।
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नई बिल्डिंग की जब तक टीएसी से जांच नहीं हो जाती, तहसील प्रशासन इसे पैक्सफेड से टेकओवर नहीं करेगा। इसके लिए डीएम को रिपोर्ट दे दी गई है। - ईशान प्रताप सिंह, एसडीएम सदर
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एडीएम दफ्तर में लिंटर के पास दरक गई दीवार, कई जगह से टपकता है पानी
नवनिर्मित भवन की टीएसी से जांच कराने को एसडीएम ने डीएम को भेजी रिपोर्ट
बरेली। 3.40 करोड़ से बनी सदर तहसील की नई बिल्डिंग के निर्माण में घोटाले की परतें उधड़ने के बाद एसडीएम सदर ने टीएसी (टेक्निकल ऑडिट टीम) की जांच के बाद ही नए भवन को पैक्सफेड से सुपुर्दगी में लेने का फैसला लिया है। टीएससी में वह खुद भी सदस्य के तौर पर शामिल रहेंगे। इस जांच के लिए उन्होंने डीएम को रिपोर्ट देकर अनुमति मांगी है। कुछ साल पहले ही करोड़ों से बनी यह बिल्डिंग अभी से ही दरकने और टूटने लगी है।
शासन ने 2014-15 में तहसील सदर के पुराने भवन को तोड़कर नई बिल्डिंग बनाने के लिए 3.40 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। नई बिल्डिंग का करीब 80 फीसदी हिस्सा बन चुका है लेकिन उसमें एसडीएम और तहसीलदार कोर्ट के साथ तहसील के दूसरे दफ्तर भी शिफ्ट हो गए हैं। नई बिल्डिंग अभी से टूटने और दरकने लगी है। एसडीएम दफ्तर के अंदर लिंटर के पास दरार आ गई है। सभागार के पास भी दीवारों पर कई जगह दरारें हैं। प्लास्टर भी उखड़ना शुरू हो गया है। बताते हैं कि बारिश में बिल्डिंग में कई जगह पानी भी टपकता है। इसे लेकर निर्माणदायी संस्था पैक्सफेड के अधिकारियों पर भी सवाल उठने लगे हैं। तहसील भवन निर्माण में घोटाला सामने आने के बाद एसडीएम ईशान प्रताप सिंह ने इस बिल्डिंग को पैक्सफेड से टेकओवर करने पर भी रोक लगा दी है। एसडीएम का कहना कि बिल्डिंग की गुणवत्ता परखने के लिए पहले टीएसी से जांच कराई जाएगी। इसमें इंजीनियरों के साथ वह खुद भी शामिल रहेंगे। गौरतलब है कि एसडीएम ने तहसील की 145 साल पुरानी बिल्डिंग का कुछ हिस्सा अभी भी टूटने से बचा है। इसकी हालत नवनिर्मित भवन से बेहतर पाते हुए उसे तोड़ने पर रोक लगा दी है।
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1.70 करोड़ से बनने वाली बिल्डिंग को दूसरी जगह दी जमीन
पैक्सफेड को अभी 1.70 करोड़ की लागत से पार्किंग, कैंटीन, हवालात और बैरक का निर्माण कराना है। पहले इसे पुरानी बिल्डिंग को तोड़कर बनाना था लेकिन एसडीएम के पुरानी बिल्डिंग को तोड़ने पर रोक लगाने के बाद संस्था को अब दूसरी जगह जमीन उपलब्ध कराई गई है।
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नई बिल्डिंग की जब तक टीएसी से जांच नहीं हो जाती, तहसील प्रशासन इसे पैक्सफेड से टेकओवर नहीं करेगा। इसके लिए डीएम को रिपोर्ट दे दी गई है। - ईशान प्रताप सिंह, एसडीएम सदर