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नए सिरे से बनेगा ‘बरेली सेंट्रल’ का डिजाइन
बरेली।
Updated Sat, 16 Sep 2017 01:06 AM IST
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पुरानी जेल की 85 एक ड़ जमीन पर डिजाइन किए गए बरेली सेंट्रल प्रोजेक्ट अब नए सिरे से बनाया जाना है। इसकीवजह महिला शरणालय है। दरअसल इसके लिए 47 एकड़ जमीन चाहिए। चूंकि जमीन कारागार विभाग की है, सो उस पर पहला दावा भी उसका बनता है। प्रोजेक्ट के लिए जल्द ही शासन स्तर पर फिर से बैठक बुलाई जाएगी। वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल खुद इस प्रोजेक्ट की मानीटरिंग कर रहे हैं। वित्तमंत्री और मुख्य सचिव की सहमति मिलने के बाद ही बरेली सेंट्रल का नया स्वरूप तय होगा।
जेल के नए भवन में शिफ्ट होने के बाद उसकी 85 एकड़ जमीन पर बरेली सेंट्रल बनाने का खूबसूरत डिजाइन शहर के सीनियर आर्किटेक्ट अनुपम सक्सेना ने बनाया था। डीएम ने इस डिजाइन को फाइनल करने के बाद मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और कारागर विभाग को भेजा था। इस प्रोजेक्ट में हेरिटेज पार्क, आईटी पार्क, दीनदयाल प्रतिष्ठान (कला संगीत और नाट्य अकादमी का कन्वेंशन सेंटर), कामर्शियल कांप्लेक्स, हाई स्ट्रीट शॉप्स, शोरूम, होटल, पर्यटन विभाग दफ्तर, एडवांस स्किल सेंटर और ई-लाइब्रेरी, प्रशासनिक न्यायिक भवन, पार्किंग, ग्रीन एरिया, परिवहन विभाग का दफ्तर, महिला एवं बाल कल्याण विभाग, महिला शरणालय, नागरिक सुरक्षा एवं होमगार्ड, विद्युत स्टेशन, रेंजीडेंशियल टॉवर, स्कूल, यूथ हॉस्टल, कामर्शियल भूखंड, आवासीय भूखंड, सड़क, पैदल पथ और मुख्य सड़क निर्माण के प्रस्ताव शामिल थे।
मुख्य सचिव केे साथ 13 सितंबर को हुई बैठक में कमिश्नर डॉ. पीवी जगनमोहन और डीएम की मौजूदगी में बरेली सेंट्रल प्रोजेक्ट पर चर्चा हुई। इस दौरान बताया गया कि मानक के मुताबिक 47 एकड़ जमीन तो महिला शरणालय के लिए ही चाहिए। इसके बाद बाकी जमीन का नए सिरे से प्रोजेक्ट बनेगा। डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि इसे लेकर जल्द ही लखनऊ में मुख्य सचिव के साथ बैठक होनी है। जल्द ही प्रोजेक्ट फाइनल होकर नए सिरे से डिजाइन कराया जाएगा।
जेल के नए भवन में शिफ्ट होने के बाद उसकी 85 एकड़ जमीन पर बरेली सेंट्रल बनाने का खूबसूरत डिजाइन शहर के सीनियर आर्किटेक्ट अनुपम सक्सेना ने बनाया था। डीएम ने इस डिजाइन को फाइनल करने के बाद मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और कारागर विभाग को भेजा था। इस प्रोजेक्ट में हेरिटेज पार्क, आईटी पार्क, दीनदयाल प्रतिष्ठान (कला संगीत और नाट्य अकादमी का कन्वेंशन सेंटर), कामर्शियल कांप्लेक्स, हाई स्ट्रीट शॉप्स, शोरूम, होटल, पर्यटन विभाग दफ्तर, एडवांस स्किल सेंटर और ई-लाइब्रेरी, प्रशासनिक न्यायिक भवन, पार्किंग, ग्रीन एरिया, परिवहन विभाग का दफ्तर, महिला एवं बाल कल्याण विभाग, महिला शरणालय, नागरिक सुरक्षा एवं होमगार्ड, विद्युत स्टेशन, रेंजीडेंशियल टॉवर, स्कूल, यूथ हॉस्टल, कामर्शियल भूखंड, आवासीय भूखंड, सड़क, पैदल पथ और मुख्य सड़क निर्माण के प्रस्ताव शामिल थे।
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मुख्य सचिव केे साथ 13 सितंबर को हुई बैठक में कमिश्नर डॉ. पीवी जगनमोहन और डीएम की मौजूदगी में बरेली सेंट्रल प्रोजेक्ट पर चर्चा हुई। इस दौरान बताया गया कि मानक के मुताबिक 47 एकड़ जमीन तो महिला शरणालय के लिए ही चाहिए। इसके बाद बाकी जमीन का नए सिरे से प्रोजेक्ट बनेगा। डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि इसे लेकर जल्द ही लखनऊ में मुख्य सचिव के साथ बैठक होनी है। जल्द ही प्रोजेक्ट फाइनल होकर नए सिरे से डिजाइन कराया जाएगा।
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